Darbhanga Road Accident: बिहार के दरभंगा में शनिवार को एक तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने बाइक सवार दंपति को रौंद दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इस दर्दनाक दरभंगा सड़क हादसा सदर थाना क्षेत्र के लोआम स्थित अमन एकेडमी के पास हुआ। मृतकों की पहचान मधुबनी जिले के रहिका थाना क्षेत्र के सतघारा गांव निवासी नवीन कुमार भंडारी (38) और उनकी पत्नी बबीता देवी (32) के रूप में हुई है। इस घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है, खासकर तब जब दंपति के दो बच्चे अनाथ हो गए हैं।
दरभंगा में कोहराम! JRF शोधार्थी पत्नी सहित पति की मौत, दो मासूम बच्चे हुए बेसहारा
Darbhanga Road Accident: बिहार के दरभंगा में हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। शनिवार को तेज रफ्तार स्कॉर्पियो की चपेट में आने से एक दंपती की मौत हो गई, जिससे उनके दो मासूम बच्चे अनाथ हो गए। यह घटना दरभंगा के सदर थाना क्षेत्र के लोआम स्थित अमन एकेडमी के पास हुई।
मृतकों की पहचान मधुबनी जिले के रहिका थाना क्षेत्र स्थित सतघारा गांव निवासी 38 वर्षीय नवीन कुमार भंडारी और उनकी 32 वर्षीय पत्नी बबीता देवी के रूप में हुई है। नवीन कुमार भंडारी गांव में डीजे साउंड का काम करते थे, जबकि उनकी पत्नी बबीता देवी ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय (LNMU) के हिंदी विभाग में शोध कार्य कर रही थीं। उन्होंने हिंदी विषय में जेआरएफ की पात्रता भी हासिल की थी।
विश्वविद्यालय से लौटते समय हुआ हादसा
परिजनों ने बताया कि नवीन कुमार भंडारी अपनी पत्नी बबीता देवी को प्रतिदिन बाइक से विश्वविद्यालय छोड़ने और लेने आते थे। यह उनकी दिनचर्या का हिस्सा था। वे हमेशा हेलमेट पहनकर सफर करते थे। शनिवार को भी विश्वविद्यालय में अपना काम पूरा करने के बाद दंपती बाइक से अपने घर सतघारा लौट रहे थे।
इसी दौरान लोआम स्थित अमन एकेडमी के समीप रैयाम की ओर से आ रही एक अनियंत्रित स्कॉर्पियो ने उनकी बाइक में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों पति-पत्नी सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई और स्थानीय लोगों ने तुरंत उन्हें अस्पताल पहुंचाया।
इलाज के दौरान दोनों ने तोड़ा दम
गंभीर रूप से घायल नवीन कुमार भंडारी को पहले मधुबनी जिले के सकरी थाना क्षेत्र स्थित रामशिला अस्पताल ले जाया गया। उनकी नाजुक हालत को देखते हुए चिकित्सकों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए रेफर कर दिया, लेकिन दूसरे अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया।
वहीं, बबीता देवी को दरभंगा के दिल्ली मोड़ स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। चिकित्सकों के अथक प्रयास के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका और इलाज के दौरान उनकी भी मौत हो गई। बबीता देवी के निधन से ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग में भी शोक की लहर है।
दो बच्चों के सिर से उठा माता-पिता का साया
इस हृदय विदारक हादसे ने नवीन और बबीता के दो बच्चों को बेसहारा कर दिया है। उनका 13 वर्षीय पुत्र निशांत नौवीं कक्षा में पढ़ता है, जबकि 11 वर्षीय पुत्री रिया आठवीं कक्षा में है। दोनों बच्चे मधुबनी के बसवाड़ा स्थित डॉन बॉस्को पब्लिक स्कूल के छात्र हैं। माता-पिता की एक साथ मौत से दोनों बच्चों का भविष्य अंधकारमय हो गया है और पूरा परिवार गहरे सदमे में है।
पुलिस की गिरफ्त में स्कॉर्पियो, जांच जारी
सदर थानाध्यक्ष मनोज कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि दुर्घटना में शामिल स्कॉर्पियो को पुलिस ने जब्त कर लिया है। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है। हादसे के कारणों और वाहन चालक की भूमिका की जांच के साथ-साथ आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
जेआरएफ थीं बबीता देवी, विश्वविद्यालय में कर रहीं थी शोध
बबीता देवी ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय (LNMU) के हिंदी विभाग में शोध कार्य कर रही थीं। उन्होंने हिंदी विषय में जेआरएफ (जूनियर रिसर्च फेलोशिप) की पात्रता हासिल की थी और पढ़ाई में बेहद मेधावी थीं। उनके पति नवीन कुमार भंडारी गांव में डीजे साउंड का काम करते थे। परिजनों ने बताया कि नवीन प्रतिदिन अपनी पत्नी को बाइक से विश्वविद्यालय छोड़ने आते थे और काम पूरा होने के बाद उन्हें लेने भी जाते थे। दोनों हमेशा हेलमेट पहनकर सफर करते थे। शनिवार को भी वे विश्वविद्यालय से अपने घर सतघारा लौट रहे थे, तभी यह भीषण हादसा हुआ।
रैयाम की ओर से आ रही स्कॉर्पियो ने ली जान
घटना लोआम स्थित अमन एकेडमी के समीप हुई। रैयाम की ओर से आ रही तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मारी। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों पति-पत्नी सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत घायल दंपति को अस्पताल पहुंचाया।
अस्पताल ले जाते समय नवीन कुमार भंडारी ने मधुबनी जिले के सकरी थाना क्षेत्र स्थित रामशिला अस्पताल ले जाते वक्त रास्ते में ही दम तोड़ दिया। उनकी गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए रेफर कर दिया था। वहीं, बबीता देवी को दरभंगा के दिल्ली मोड़ स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी भी मौत हो गई।
दो बच्चों के सिर से उठा माता-पिता का साया
नवीन और बबीता के दो बच्चे हैं। उनका 13 वर्षीय बेटा निशांत नौवीं कक्षा में पढ़ता है, जबकि 11 वर्षीय बेटी रिया आठवीं कक्षा की छात्रा है। दोनों मधुबनी के बसवाड़ा स्थित डॉन बॉस्को पब्लिक स्कूल में पढ़ते हैं। माता-पिता की अचानक मौत से दोनों बच्चे बेसहारा हो गए हैं और उनके भविष्य पर गहरा संकट छा गया है। इस दुखद घटना से परिवार में मातम पसर गया है।
सदर थानाध्यक्ष मनोज कुमार ने बताया, “दुर्घटना में शामिल स्कॉर्पियो को पुलिस ने पकड़ लिया है। मामले की जांच चल रही है और हादसे के कारणों के साथ-साथ वाहन चालक की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।”
पुलिस इस मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है, लेकिन इस सड़क हादसे ने एक हंसते-खेलते परिवार को तबाह कर दिया है और दो बच्चों को असमय अनाथ कर दिया है।






