Bihar NEET Scam: बिहार में नीट-यूजी धांधली का मामला लगातार गहराता जा रहा है। इस बड़े बिहार नीट घोटाले में अब कई मेडिकल कॉलेज जांच के घेरे में आ गए हैं। आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) की पूछताछ में गिरफ्तार मुख्य आरोपियों ने 7-8 ‘स्कॉलर डॉक्टरों’ की पहचान की है, जिसके बाद पटना स्थित पीएमसीएच (PMCH) सहित अन्य कई प्रतिष्ठित संस्थान भी संदेह के दायरे में हैं।
आर्थिक अपराध इकाई ने नीट-यूजी और री-नीट यूजी में कथित धांधली के आरोप में डॉ. रविशंकर उर्फ सम्राट और उसके भाई अश्विनी कुमार को गिरफ्तार किया था। शनिवार, 22 अगस्त 2026 को ईओयू ने दोनों से 24 घंटे की लंबी पूछताछ पूरी की और इसके बाद उन्हें जेल भेज दिया गया। इस पूछताछ में सामने आए खुलासे बेहद चौंकाने वाले हैं।
नीट-यूजी धांधली में बड़ा पर्दाफाश! रविशंकर ने खोले राज, 8 स्कॉलर डॉक्टर और PMCH समेत कई कॉलेज फंसे
Bihar NEET-UG Scam: नीट-यूजी परीक्षा धांधली की जांच में जुटी आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) को बड़ी सफलता मिली है। गिरफ्तार मुख्य आरोपियों में से एक डॉ. रविशंकर और उसके भाई अश्विनी ने पूछताछ के दौरान 7-8 स्कॉलर डॉक्टरों की पहचान बताई है। इस अहम खुलासे के बाद पटना मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल (PMCH) समेत कई अन्य मेडिकल कॉलेज भी अब जांच के घेरे में आ गए हैं।
ईओयू अधिकारियों के अनुसार, यह बात सामने आई है कि नीट-यूजी फॉर्म भरते समय ही अभ्यर्थी और स्कॉलर के बीच ‘सेटिंग’ हो जाती थी। यह खुलासा धांधली के पूरे रैकेट को समझने में जांच एजेंसी के लिए महत्वपूर्ण साबित हो रहा है।
डॉ. रविशंकर और अश्विनी की 24 घंटे की पूछताछ पूरी
पटना में NEET-UG और री-नीट यूजी में कथित धांधली के मामले में गिरफ्तार डॉ. रविशंकर उर्फ सम्राट और उसके भाई अश्विनी कुमार से आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने शनिवार को 24 घंटे की लंबी पूछताछ पूरी कर ली। पूछताछ के बाद दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।
PMCH सहित कई मेडिकल कॉलेज जांच के दायरे में
जांच के दौरान डॉ. रविशंकर और अश्विनी ने जिन स्कॉलर डॉक्टरों के नाम बताए हैं, उनके कनेक्शन कई मेडिकल कॉलेजों से जुड़े हुए हैं। इस जानकारी के बाद अब आर्थिक अपराध इकाई इन मेडिकल कॉलेजों की भूमिका की भी गहन जांच कर रही है। यह देखना अहम होगा कि इस धांधली में और कितने बड़े नाम सामने आते हैं और यह रैकेट कितना गहरा फैला हुआ है।
डॉ. रविशंकर और अश्विनी ने 7-8 स्कॉलर डॉक्टरों की पहचान की है। PMCH सहित कई मेडिकल कॉलेज जांच के दायरे में आए हैं। फॉर्म भरते समय ही स्कॉलर-अभ्यर्थी सेटिंग होती थी।
आगे क्या होगा? EOU की जांच जारी
आर्थिक अपराध इकाई अब इन स्कॉलर डॉक्टरों और संबंधित मेडिकल कॉलेजों से जुड़े सबूतों को खंगालने में जुटी है। इस मामले में आगे और भी गिरफ्तारियां होने की संभावना है, जिससे Bihar NEET-UG Scam की पूरी परतें खुल सकें। यह जांच बिहार में मेडिकल प्रवेश परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
स्कॉलर डॉक्टरों के नाम का खुलासा, बड़े नेटवर्क की आशंका
जांच एजेंसी के सामने डॉ. रविशंकर और अश्विनी ने 7 से 8 ऐसे स्कॉलर डॉक्टरों के नाम बताए हैं, जो इस धांधली में सक्रिय रूप से शामिल थे। इन स्कॉलर डॉक्टरों की पहचान के बाद जांच का दायरा काफी बढ़ गया है। यह संकेत देता है कि यह सिर्फ कुछ छात्रों का मामला नहीं, बल्कि एक संगठित गिरोह है, जिसमें मेडिकल पृष्ठभूमि के लोग भी शामिल हैं।
पूछताछ में यह भी पता चला कि नीट-यूजी का फॉर्म भरते समय ही अभ्यर्थी और स्कॉलर के बीच पूरी ‘सेटिंग’ कर ली जाती थी। यह तरीका दर्शाता है कि यह धांधली एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा थी, जिसे परीक्षा से काफी पहले ही अंजाम दिया जाता था।
PMCH सहित कई मेडिकल कॉलेजों के डॉक्टर भी रडार पर
धांधली की इस परत-दर-परत खुलती सच्चाई में पीएमसीएच समेत कई मेडिकल कॉलेज भी जांच के दायरे में आ गए हैं। इसका मतलब है कि सिर्फ छात्र ही नहीं, बल्कि इन कॉलेजों से जुड़े कुछ डॉक्टर भी इस बड़े रैकेट का हिस्सा हो सकते हैं। ईओयू अब इन मेडिकल कॉलेजों और उनके डॉक्टरों की भूमिका की गहनता से जांच कर रही है। यह जांच बिहार के मेडिकल शिक्षा प्रणाली में व्याप्त भ्रष्टाचार की जड़ों तक पहुंच सकती है।
आर्थिक अपराध इकाई इस मामले में सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है। स्कॉलर डॉक्टरों और मेडिकल कॉलेजों की संलिप्तता से यह स्पष्ट है कि धांधली का नेटवर्क काफी गहरा और व्यापक है। आने वाले दिनों में और भी गिरफ्तारियां और बड़े खुलासे होने की संभावना है, जो बिहार की मेडिकल शिक्षा व्यवस्था को हिला सकते हैं।







