
Bihar Teacher: बिहार के नियोजित शिक्षकों के लिए पटना हाईकोर्ट से एक बड़ी खुशखबरी आई है। कोर्ट ने फरवरी 2024 में दक्षता परीक्षा पास कर औपबंधिक रूप से नियुक्त हुए विशिष्ट शिक्षकों के जिला चयन के अधिकार को बरकरार रखा है। सरकार ने बाद में नियम बदलकर जो रोक लगाई थी, उसे कोर्ट ने रद्द कर दिया है।
पटना हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति आलोक कुमार सिन्हा की एकलपीठ ने 350 से अधिक विशिष्ट शिक्षकों की याचिकाओं को स्वीकार करते हुए यह अहम फैसला सुनाया। कोर्ट ने साफ कहा कि सरकार बाद में नियम बदलकर शिक्षकों के इस अधिकार को खत्म नहीं कर सकती। पटना हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि फरवरी 2024 में दक्षता परीक्षा पास कर औपबंधिक रूप से नियुक्त हुए Bihar Teacher को अपने पदस्थापन के लिए जिला चुनने का अधिकार है। इन शिक्षकों ने सरकार के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें उनकी नियुक्ति प्रक्रिया पर रोक लगा दी गई थी और उन्हें पुराने स्थान पर वापस भेजने की बात कही गई थी।
Bihar Teacher: पूरा मामला और सरकार का विवादास्पद फैसला
दरअसल, बिहार में 2023 में ‘विशिष्ट शिक्षक नियुक्ति और सेवा शर्त नियमावली’ लागू की गई थी। इसके तहत पहले से कार्यरत नियोजित शिक्षकों को दक्षता परीक्षा पास कर विशिष्ट शिक्षक बनने का अवसर मिला। इस प्रक्रिया में शिक्षकों को अपने मनचाहे जिले के लिए तीन विकल्प चुनने की सुविधा दी गई थी। इसी आधार पर परीक्षा और चयन प्रक्रिया पूरी हुई, और कई शिक्षकों को औपबंधिक नियुक्ति भी मिल चुकी थी।
हालांकि, बाद में राज्य सरकार ने 19 दिसंबर 2024 को नियमों में बदलाव कर दिया और जिले चुनने के अधिकार को खत्म कर दिया। इसके बाद, प्राथमिक शिक्षा निदेशक ने 21 दिसंबर 2024 को आदेश जारी कर कई शिक्षकों की औपबंधिक नियुक्ति रद्द कर दी और उन्हें पुराने स्थान पर वापस भेजने का निर्देश दिया। सरकार के इस कदम से हजारों विशिष्ट शिक्षक प्रभावित हुए और उनमें भारी असंतोष पैदा हो गया।
आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। सरकार के इस फैसले के खिलाफ शिक्षकों ने हाईकोर्ट का रुख किया।
हाईकोर्ट का स्पष्ट रुख और शिक्षकों को बड़ी राहत
कोर्ट में यह तर्क दिया गया कि जब चयन प्रक्रिया पूरी हो चुकी थी और केवल स्कूल आवंटन बाकी था, तब शिक्षकों को पहले से ही वैध अधिकार मिल चुका था। न्यायमूर्ति आलोक कुमार सिन्हा की पीठ ने इस बात से सहमति जताई और कहा कि बाद में किए गए नियम बदलाव पहले से पूरी हो चुकी प्रक्रिया पर लागू नहीं किए जा सकते। कोर्ट ने सरकार के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें शिक्षकों की औपबंधिक नियुक्ति रद्द की गई थी।
आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। हाईकोर्ट के इस ऐतिहासिक फैसले से हजारों विशिष्ट शिक्षक को बड़ी राहत मिली है। अब उन्हें अपने चुने हुए जिले में पदस्थापन का अधिकार मिलेगा और सरकार का रद्द किया गया आदेश प्रभावी नहीं होगा।
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