Darbhanga Para Legal Volunteer News: दरभंगा जिला विधिक सेवा प्राधिकार ने समाज सेवा में रुचि रखने वाले नागरिकों के लिए एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। व्यवहार न्यायालय, दरभंगा न्यायमंडल के सचिव द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, जिले में कुल 72 पारा विधिक स्वयंसेवकों (पीएलवी) की भर्ती की जाएगी। इन स्वयंसेवकों का मुख्य उद्देश्य समाज के कमजोर और वंचित वर्गों को कानूनी सहायता उपलब्ध कराना और न्याय व्यवस्था तक उनकी पहुंच को सुगम बनाना है। इस पहल से जिले में विधिक जागरूकता का स्तर बढ़ेगा और जरूरतमंदों को समय पर मदद मिल सकेगी।
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पारा विधिक स्वयंसेवक: कौन बन सकता है और क्या है भूमिका?
इस प्रतिष्ठित पद के लिए ऐसे व्यक्ति आवेदन कर सकते हैं जो बिना किसी आर्थिक लाभ की अपेक्षा के समाज सेवा में सक्रिय रूप से भाग लेना चाहते हैं। पात्रता मानदंडों में शिक्षक (सेवानिवृत्त सहित), सेवानिवृत्त सैनिक और सरकारी सेवक, वरिष्ठ नागरिक, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, डॉक्टर और छात्र शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ), विभिन्न क्लबों, स्वयंसेवा समूहों और जीविका जैसे संगठनों के सदस्य भी आवेदन के पात्र हैं। जिला विधिक सेवा प्राधिकार ऐसे किसी भी व्यक्ति को योग्य मान सकता है जो स्वेच्छा से समाज सेवा में योगदान देने को इच्छुक हो।
पारा विधिक स्वयंसेवकों की भूमिका बहुआयामी होगी। उनका प्राथमिक कार्य अपने आवंटित क्षेत्रों में विधिक जागरूकता फैलाना होगा। वे कानूनी सहायता के जरूरतमंद पीड़ितों और जिला विधिक सेवा प्राधिकार के बीच एक महत्वपूर्ण सेतु का कार्य करेंगे। इसका मतलब है कि वे लोगों को उनके कानूनी अधिकारों के बारे में जानकारी देंगे और उन्हें प्राधिकार तक पहुंचने में मदद करेंगे। उन्हें प्राधिकार के प्रबंधन कार्यालयों या विधिक सहायता केंद्रों में कानूनी सेवा से संबंधित कार्य भी सौंपे जा सकते हैं। इसके अलावा, जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा निर्धारित कोई भी अन्य कार्य भी उनके कर्तव्यों का हिस्सा हो सकता है, जो कानूनी सहायता प्रणाली को मजबूत करने में सहायक होगा।
यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि पारा विधिक स्वयंसेवक का पद किसी सरकारी नौकरी के समान नहीं है। यह पूरी तरह से स्वैच्छिक सेवा पर आधारित है, इसलिए इसमें कोई आरक्षण लागू नहीं होता है। हालांकि, प्राधिकार यह सुनिश्चित करेगा कि योजना के दिशानिर्देशों के अनुसार सभी वर्गों और समुदायों को पर्याप्त प्रतिनिधित्व मिले, ताकि समाज के हर तबके से लोग इस नेक कार्य में जुड़ सकें। आवेदन करने वाले उम्मीदवारों के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता मैट्रिक पास निर्धारित की गई है। यह सुनिश्चित करेगा कि स्वयंसेवक अपने कर्तव्यों का निर्वहन प्रभावी ढंग से कर सकें।
आवेदन कैसे करें और मानदेय का स्वरूप
इच्छुक और योग्य उम्मीदवारों को निर्धारित प्रपत्र में अपना आवेदन पूरी तरह भरकर जमा करना होगा। आवेदन पत्र के साथ, सभी शैक्षणिक और अन्य योग्यताओं के स्व-अभिप्रमाणित प्रमाण पत्रों की प्रतियां संलग्न करना अनिवार्य है। आवेदन पत्र सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, व्यवहार न्यायालय, दरभंगा के पते पर पंजीकृत डाक के माध्यम से भेजे जा सकते हैं। वैकल्पिक रूप से, उम्मीदवार अपने आवेदन स्वयं कार्यालय में व्यक्तिगत रूप से भी जमा कर सकते हैं। कार्यालय में आवेदन जमा करने का समय सुबह 10:00 बजे से शाम 05:00 बजे तक है, और अंतिम तिथि 30 जून 2026 निर्धारित की गई है। इस तिथि के बाद प्राप्त किसी भी आवेदन पर विचार नहीं किया जाएगा।
आवेदन के साथ एक पंजीकृत डाक टिकट लगा हुआ, स्वयं का पता लिखा लिफाफा भी संलग्न करना आवश्यक है। यह सुनिश्चित करेगा कि प्राधिकार आवश्यकता पड़ने पर उम्मीदवार से संपर्क कर सके। पारा विधिक स्वयंसेवकों को उनके कार्य के लिए मानदेय भी प्रदान किया जाएगा। उन्हें प्रतिदिन 750 रुपये का मानदेय मिलेगा। हालांकि, यह मानदेय केवल उन्हीं विशेष दिनों के लिए देय होगा जब जिला विधिक सेवा प्राधिकार उन्हें कोई विशेष कार्य सौंपेगा। इसमें तब भी मानदेय मिलेगा जब स्वयंसेवक गांव से किसी व्यक्ति को कानूनी सहायता के लिए प्राधिकार या वैकल्पिक विवाद समाधान (एडीआर) केंद्र में लाते हैं, या अपने क्षेत्र में विधिक जागरूकता शिविरों के आयोजन में सक्रिय भूमिका निभाते हैं।
चयन प्रक्रिया पूरी तरह से साक्षात्कार पर आधारित होगी, जिससे उम्मीदवारों की योग्यता और समाज सेवा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का आकलन किया जा सके। चयनित पारा विधिक स्वयंसेवकों का कार्यकाल उनकी चयन तिथि से एक वर्ष की अवधि के लिए होगा, जो 03 मार्च 2027 तक प्रभावी रहेगा। नियमानुसार, उनकी सेवा अवधि को आगे भी बढ़ाया जा सकता है, जिससे वे लंबे समय तक समाज की सेवा कर सकें। आवेदकों को अपनी पहचान सत्यापित करने के लिए आधार कार्ड, पैन कार्ड या मतदाता पहचान पत्र की स्व-अभिप्रमाणित प्रति संलग्न करनी होगी। यह भी आवश्यक है कि आवेदक पर कोई फौजदारी या अन्य आपराधिक मुकदमा लंबित न हो, ताकि उनकी विश्वसनीयता बनी रहे।
सामान्य अनुदेशों के अनुसार, आवेदक को भारत का नागरिक होना चाहिए, शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ होना चाहिए, उसका चरित्र अच्छा होना चाहिए और उसमें समाज सेवा की गहरी रुचि होनी चाहिए। यह Bihar Legal Services News राज्य भर में कानूनी जागरूकता और पहुंच बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इच्छुक अभ्यर्थी आवेदन फार्म व्यवहार न्यायालय, दरभंगा की आधिकारिक वेबसाइट https://darbhanga.dcourts.gov.in/ से डाउनलोड कर सकते हैं। यह अवसर उन सभी के लिए है जो अपने समुदाय के लिए सकारात्मक बदलाव लाना चाहते हैं।
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