Bihar BPSC Result: बिहार में 70वीं बीपीएससी परीक्षा का परिणाम सामने आने के बाद एक ऐसी कहानी सामने आई है, जिसने पूरे क्षेत्र को गर्व से भर दिया है। दरभंगा जिले के कुशेश्वरस्थान पूर्वी प्रखंड के घोड़दौर गांव निवासी भगवान बाबू उर्फ अभिषेक कुमार ने इस प्रतिष्ठित परीक्षा में शानदार सफलता हासिल की है। अभिषेक का अंतिम रूप से चयन राजस्व पदाधिकारी के पद पर हुआ है। उन्होंने पूरे बिहार में 144वीं रैंक प्राप्त कर यह बड़ी उपलब्धि अपने नाम की है। उनकी इस सफलता से न केवल परिवार, बल्कि पूरे घोड़दौर गांव और चिगड़ी सिमराहा पंचायत में खुशी का माहौल है।
संघर्षों से भरी रही अभिषेक की राह, पिता की मजदूरी बनी प्रेरणा
अभिषेक कुमार ने अपनी इस उपलब्धि का पूरा श्रेय अपने पिता दिनेश यादव को दिया है। उनके पिता मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते रहे और बेटे की पढ़ाई का पूरा खर्च उठाया। आर्थिक चुनौतियां कभी भी अभिषेक की शिक्षा के आड़े नहीं आईं, क्योंकि उनके पिता ने अथक त्याग और मेहनत की। अभिषेक ने बताया कि पिता के इसी त्याग, कड़ी मेहनत और पूरे परिवार के सहयोग के बल पर ही वह आज इस मुकाम तक पहुंच पाए हैं। चार भाई-बहनों (दो भाई और दो बहनें) में से एक अभिषेक की कहानी ग्रामीण पृष्ठभूमि के युवाओं के लिए एक प्रेरणा है।






अभिषेक ने अपनी सफलता का संदेश देते हुए कहा, ‘कठिन परिस्थितियां कभी भी सफलता की राह में बाधा नहीं बन सकतीं, यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत ईमानदारी से की जाए।’
गांव से दिल्ली तक का सफर, शिक्षा में कभी नहीं आई बाधा
अभिषेक की प्रारंभिक शिक्षा उनके गांव के ही विद्यालय से हुई। उन्होंने वर्ष 2017 में मैट्रिक की परीक्षा उत्तीर्ण की। इसके बाद, वर्ष 2019 में दरभंगा स्थित के.एस. कॉलेज से इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी की। उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए उन्होंने दिल्ली का रुख किया, जहां वर्ष 2022 में दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित हंसराज कॉलेज से स्नातक की डिग्री हासिल की। गांव से निकलकर दिल्ली विश्वविद्यालय तक का यह सफर उनके दृढ़ संकल्प और परिवार के सहयोग का प्रमाण है।
अभिषेक की इस सफलता पर गांव के बुजुर्गों, जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों और समाजसेवियों ने बधाई दी है। ग्रामीणों का मानना है कि अभिषेक ने यह साबित कर दिया है कि ग्रामीण परिवेश से निकलकर भी बड़े लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं। दिनभर उनके घर पर लोगों का तांता लगा रहा, सभी ने मिठाई खिलाकर और शुभकामनाएं देकर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उनकी यह उपलब्धि क्षेत्र के युवाओं को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी और घोड़दौर गांव का सम्मान बढ़ाएगी।








