Bihar Teacher Vacancy: बिहार के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी अब जल्द ही दूर होगी। राज्य सरकार ने इसके लिए कमर कस ली है और चौथे चरण की शिक्षक बहाली प्रक्रिया (TRE-4) के तहत बड़े पैमाने पर नियुक्तियां की जाएंगी। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने इसकी घोषणा की, बताया कि सभी सरकारी स्कूलों में विषयवार शिक्षकों की रिक्तियों की सूची तैयार करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। जिला शिक्षा पदाधिकारियों (डीईओ) को इस संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
विषयवार नियुक्तियों से दूर होगी शिक्षकों की कमी
सुपौल जिला मुख्यालय स्थित होटल आरके पैलेस में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने स्वीकार किया कि राज्य के कई स्कूलों में अभी भी विषयवार शिक्षकों की कमी है। उन्होंने यह भी माना कि शिक्षकों के अतिरिक्त कई अन्य संसाधनों का अभाव है। हालांकि, मंत्री ने जोर दिया कि सरकार शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और स्कूलों की बुनियादी सुविधाओं के विकास के लिए लगातार प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि बिहार में TRE-4 के माध्यम से विषयवार नियुक्तियां कर शिक्षकों की कमी को प्रभावी ढंग से दूर किया जाएगा, जिससे छात्रों को बेहतर शैक्षणिक माहौल मिल सके।






पाठ्यक्रम में योग शिक्षा और सर्वांगीण विकास पर जोर
शिक्षा मंत्री ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा अगले शैक्षणिक सत्र से स्कूलों के पाठ्यक्रम में योग शिक्षा को शामिल करने की घोषणा का स्वागत किया। उन्होंने इस कदम को सराहनीय बताते हुए कहा कि भारत आज योग के क्षेत्र में पूरे विश्व का नेतृत्व कर रहा है। मिथिलेश तिवारी ने इस बात पर बल दिया कि शिक्षा के साथ-साथ योग, खेल, संगीत और संस्कृति को भी बढ़ावा मिलना चाहिए। उनका मानना है कि इन गतिविधियों से बच्चों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित होता है।
केंद्र सरकार की उपलब्धियां और जनकल्याणकारी योजनाएं
प्रेस कॉन्फ्रेंस में मिथिलेश तिवारी ने केंद्र सरकार के पिछले 12 वर्षों के कार्यकाल की उपलब्धियों का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ सीधे आम लोगों तक पहुंच रहा है। मंत्री ने डीबीटी (प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण) व्यवस्था को भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने में सफल बताया और मुफ्त राशन योजना को गरीब परिवारों के लिए एक बड़ी राहत करार दिया। उन्होंने याद दिलाया कि अटल बिहारी वाजपेयी सरकार के समय किसान क्रेडिट कार्ड योजना शुरू हुई थी और वर्तमान में किसान सम्मान निधि योजना के जरिए किसानों को आर्थिक सहायता मिल रही है। मंत्री ने सड़क, पुल, स्वास्थ्य और शिक्षा सहित सभी क्षेत्रों में तेजी से हो रहे विकास कार्यों पर भी प्रकाश डाला।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए नई नीति पर विचार
एक सवाल के जवाब में शिक्षा मंत्री ने तटबंध क्षेत्रों में हर वर्ष बाढ़ के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होने की समस्या को स्वीकार किया। उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए जल्द ही एक नई नीति बनाएगी। फिलहाल, ऐसे इलाकों में शिक्षकों के आवागमन के लिए नाव की व्यवस्था करने पर विचार चल रहा है, ताकि बाढ़ के दौरान भी पढ़ाई बाधित न हो। इस दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष नरेंद्र ऋषिदेव, पूर्व जिलाध्यक्ष एवं प्रदेश कार्यसमिति सदस्य नागेंद्र नारायण ठाकुर, विजय शंकर चौधरी, रामकुमार राय, पूर्व सांसद विश्वमोहन कुमार, कुणाल ठाकुर सहित कई भाजपा नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
इससे पहले, शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) द्वारा आयोजित योगाभ्यास कार्यक्रम में भी हिस्सा लिया। उन्होंने कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर योग के महत्व पर चर्चा की। दोपहर बाद मंत्री ने जिला मुख्यालय में जनसंवाद कार्यक्रम में भी भाग लिया, जहां उन्होंने केंद्र और राज्य की एनडीए सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने लोगों से सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक रहने और उन्हें अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने की अपील की।








