Bihar Crime News: बिहार के बांका जिले से सामने आई एक सनसनीखेज घटना ने आवासीय विद्यालयों में बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बौंसी थाना क्षेत्र स्थित माउंट केरला आवासीय विद्यालय के हॉस्टल में पहली कक्षा के 8 वर्षीय छात्र आनंद कुमार पर जानलेवा हमला किया गया। हमलावरों ने बच्चे के सिर और चेहरे पर धारदार हथियार से 20 से अधिक वार किए, जिससे उसकी हालत बेहद नाजुक बनी हुई है।
जानकारी के मुताबिक, हमले में आनंद के सिर पर कई गहरे घाव हुए हैं। गंभीर रूप से घायल बच्चे को पहले स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन स्थिति चिंताजनक होने के कारण डॉक्टरों ने उसे भागलपुर के मायागंज अस्पताल रेफर कर दिया। फिलहाल वह ICU में भर्ती है और चिकित्सकों की निगरानी में उसका इलाज चल रहा है। घायल छात्र कटोरिया थाना क्षेत्र के जमुआरी गांव निवासी कुमुद यादव का पुत्र है।






आधी रात में वारदात, सुबह खून से लथपथ मिला मासूम
परिजनों के अनुसार, आनंद जून की छुट्टियों के बाद कुछ दिन पहले ही हॉस्टल लौटा था। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक घटना देर रात करीब 12 बजे की है। सुबह लगभग पांच बजे हॉस्टल के अन्य बच्चों ने उसे छत पर बन रहे अधूरे शौचालय के पास बेहोशी की हालत में पड़ा देखा।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, घटनास्थल पर काफी मात्रा में खून फैला हुआ था। बच्चे के शरीर और आसपास के हिस्से खून से सने हुए थे, जिससे घटना की भयावहता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
CCTV कैमरा तोड़कर सबूत मिटाने की आशंका
हॉस्टल संचालक के पिता कैलाश यादव ने बताया कि रात करीब 12 बजे तक परिसर में सामान्य गतिविधियां थीं। हालांकि, घटना के बाद पाया गया कि हॉस्टल में लगा CCTV कैमरा क्षतिग्रस्त कर दिया गया था।
इससे आशंका जताई जा रही है कि हमलावरों ने पहचान छिपाने और सबूत नष्ट करने के इरादे से कैमरे को निशाना बनाया। पुलिस अब तकनीकी और मानवीय दोनों पहलुओं से मामले की जांच कर रही है।
जांच में सामने आई बड़ी लापरवाही
घटना के बाद प्रशासन की जांच में हॉस्टल संचालन को लेकर कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (BEO) मनोज मिश्रा के अनुसार, विद्यालय का पंजीकरण हाल ही में हुआ था, लेकिन उसे अभी तक UDISE कोड जारी नहीं किया गया था।
सबसे गंभीर बात यह सामने आई कि जिस हॉस्टल में बच्चे रह रहे थे, उसके संचालन के लिए आवश्यक लाइसेंस ही उपलब्ध नहीं था। जांच में हॉस्टल को अवैध रूप से संचालित पाया गया है।
अधूरे भवन में रह रहे थे बच्चे
सूत्रों के अनुसार, हॉस्टल का एक हिस्सा अभी भी निर्माणाधीन है। ऐसे परिसर में बच्चों को ठहराने और पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम न होने को लेकर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि सुरक्षा मानकों का पालन किया गया होता तो शायद ऐसी घटना टाली जा सकती थी।
पुलिस की जांच जारी, दोषियों पर होगी कार्रवाई
कटोरिया थाना प्रभारी चंद्रदीप कुमार ने बताया कि पुलिस टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया है और हॉस्टल प्रबंधन समेत कई लोगों से पूछताछ की जा रही है। CCTV कैमरा क्षतिग्रस्त होने के कारण जांच चुनौतीपूर्ण जरूर है, लेकिन पुलिस सभी संभावित पहलुओं पर काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि मामले में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना एक बार फिर बिहार में निजी आवासीय विद्यालयों और हॉस्टलों की सुरक्षा व्यवस्था, निगरानी तंत्र और प्रशासनिक जवाबदेही को लेकर बहस का विषय बन गई है।








