Purnia News: पूर्णिया में नए वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) डॉ. शौर्य सुमन ने पदभार संभालते ही अपने कड़े तेवर दिखा दिए हैं। 2017 बैच के इस तेज-तर्रार आईपीएस अधिकारी ने सोमवार को कमान संभाली और महज 12 घंटे के भीतर पुलिस महकमे में बड़ी कार्रवाई की। उन्होंने कर्तव्य में लापरवाही और अनुशासनहीनता के आरोप में 26 पुलिसकर्मियों (सिपाही से लेकर अधिकारी स्तर तक) के वेतन पर तत्काल रोक लगा दी है। इसके साथ ही, चार डीएसपी से लिखित स्पष्टीकरण भी मांगा गया है।
पदभार ग्रहण करते ही एसएसपी ने की समीक्षा बैठक
डॉ. शौर्य सुमन ने पदभार संभालने के तुरंत बाद एएसपी, सदर, ट्रैफिक और साइबर डीएसपी के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। वे राज्य पुलिस मुख्यालय की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में भी शामिल हुए। शाम को जब वे अपने कार्यालय से बाहर निकले, तो उन्होंने पाया कि कई महत्वपूर्ण पटल (सेल) खाली पड़े थे और संबंधित कर्मचारी गायब थे। इस गंभीर लापरवाही पर एसएसपी ने तत्काल संज्ञान लिया।






लापरवाही पर सख्त हुए एसएसपी, मांगा जवाब
अधिकारियों और जवानों की इस अनुशासनहीनता से नाराज होकर एसएसपी ने 26 कर्मचारियों का वेतन रोक दिया। इनमें आधा दर्जन पुलिस पदाधिकारी भी शामिल हैं, जो विभिन्न महत्वपूर्ण सेलों की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। इसके अलावा, उन्होंने बनमनखी, बायसी, धमदाहा सहित चार डीएसपी से भी स्पष्टीकरण मांगा है। एसएसपी ने पूछा है कि उन्होंने अपने क्षेत्र की कानून-व्यवस्था की रिपोर्ट क्यों नहीं दी।
एसएसपी डॉ. शौर्य सुमन ने साफ संदेश देते हुए कहा, “जब जिले का कप्तान खुद दफ्तर में मौजूद है, तो कर्मी कैसे गायब हो सकते हैं?”
अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था होगी प्राथमिकता
डॉ. शौर्य सुमन ने पदभार संभालते समय ही अपनी प्राथमिकताएं स्पष्ट कर दी थीं। उन्होंने कहा था कि उनकी मुख्य प्राथमिकता अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था को मजबूत करना और आम जनता में सुरक्षा की भावना कायम रखना होगी। उन्होंने पूर्णिया जिले के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि सीमांचल का प्रवेश द्वार होने के नाते यह जिला सामाजिक, भौगोलिक और प्रशासनिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण है।
एसएसपी ने आगे कहा कि पूर्णिया में बेहतरीन पुलिसिंग सुनिश्चित की जाएगी, लंबित मामलों का निपटारा प्राथमिकता के आधार पर होगा और पीड़ितों को समय पर न्याय मिलेगा। उनकी यह शुरुआती कार्रवाई जिले में एक सख्त और जवाबदेह पुलिसिंग व्यवस्था का संकेत है, जिससे अपराध पर लगाम लगने और जनता को बेहतर सुरक्षा मिलने की उम्मीद है।








