Bihar Prohibition: बिहार में शराबबंदी कानून लागू होने के बावजूद अवैध शराब का कारोबार रुकने का नाम नहीं ले रहा है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, राज्य में विदेशी शराब की तस्करी और खपत देसी शराब की तुलना में कहीं अधिक है। हाल ही में जारी हुई एक रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि जनवरी से मई 2026 के बीच 17.53 लाख लीटर से अधिक अवैध शराब जब्त की गई, जिसमें विदेशी शराब की मात्रा सबसे ज्यादा थी। यह स्थिति राज्य में शराबबंदी कानून के सामने गंभीर चुनौती पेश करती है।
विदेशी शराब की अधिकता और भारी जब्ती
निषेध एवं राज्य नारकोटिक्स नियंत्रण ब्यूरो की नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, इस साल जनवरी से मई 2026 के बीच कुल 17,53,333 लीटर अवैध शराब जब्त की गई। इस आंकड़े में विदेशी शराब का हिस्सा 9,51,796 लीटर था, जबकि देसी शराब की मात्रा 8,01,537 लीटर पाई गई। जब्त की गई शराब का अनुमानित मूल्य 140 करोड़ 95 लाख 37 हजार 740 रुपये आंका गया है। इसके अतिरिक्त, निषेध ब्यूरो की विशेष शाखा ने 5,31,183 लीटर शराब अलग से बरामद की है। यह दर्शाता है कि राज्य में विदेशी शराब की मांग और आपूर्ति लगातार बनी हुई है।






पीने वालों की गिरफ्तारी तस्करों से कहीं ज्यादा
रिपोर्ट के चौंकाने वाले आंकड़ों में यह भी खुलासा हुआ है कि जनवरी से मई 2026 के बीच शराबबंदी से जुड़े अपराधों में कुल 56,904 लोगों को गिरफ्तार किया गया। इनमें से 19,877 लोग शराब की तस्करी या बिक्री के आरोप में पकड़े गए, जबकि 37,027 लोगों को शराब का सेवन करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। शराब पीने वालों की गिरफ्तारी की संख्या तस्करों या विक्रेताओं की तुलना में लगभग दोगुनी है, जो कानून के प्रभावी क्रियान्वयन पर कई सवाल खड़े करती है। वर्ष 2025 में भी शराब की बिक्री और सेवन से जुड़े मामलों में 1,25,575 लोगों को गिरफ्तार किया गया था।
2025 में भी यही ट्रेंड
यह ट्रेंड केवल 2026 तक सीमित नहीं है। 2025 के आंकड़ों के अनुसार भी, कुल 37,75,321 लीटर अवैध शराब जब्त की गई थी, जिसमें विदेशी शराब की मात्रा 19,01,013 लीटर थी, जबकि देसी शराब 18,74,308 लीटर थी। 2025 में जब्त शराब का कुल अनुमानित मूल्य 293 करोड़ 58 लाख 14 हजार 246 रुपये था। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि राज्य में विदेशी शराब की उपलब्धता लगातार एक बड़ी समस्या बनी हुई है।
नारकोटिक्स पर भी लगातार कार्रवाई
शराबबंदी के साथ-साथ, अधिकारी नारकोटिक्स और अन्य प्रतिबंधित पदार्थों पर भी लगातार कार्रवाई कर रहे हैं। जनवरी से मई 2026 के बीच, प्रवर्तन एजेंसियों ने भारी मात्रा में नशीले पदार्थ जब्त किए, जिनमें:
- 906,907 नशीली गोलियां और कैप्सूल
- 335,309 नशीले इंजेक्शन
- 242,960 बोतलें प्रतिबंधित कफ सिरप
शामिल हैं। यह आंकड़े युवाओं के बीच नशीले पदार्थों की बढ़ती समस्या की ओर भी इशारा करते हैं। निषेध एवं राज्य नारकोटिक्स नियंत्रण ब्यूरो के अनुसार, शराब तस्करी नेटवर्क और नशीले पदार्थों के अवैध व्यापार के खिलाफ राज्य भर में अभियान जारी रहेगा।








