Darbhanga Muharram: बिहार के दरभंगा जिले में सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल पेश करते हुए मुहर्रम का पर्व शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो गया। जाले नगर क्षेत्र में शुक्रवार को कड़ी प्रशासनिक चौकसी और सुरक्षा व्यवस्था के बीच यह आयोजन सफलतापूर्वक पूरा हुआ। जिला प्रशासन की सतर्कता और स्थानीय समुदाय के सहयोग से कहीं कोई अप्रिय घटना सामने नहीं आई।
जाले में अखाड़ों ने दिखाए हैरतअंगेज करतब
जाले नगर परिषद क्षेत्र के पांच अखाड़ों ने पारंपरिक ताजिया मिलान किया, जिसके बाद भव्य जुलूस निकाला गया। इस जुलूस में युवाओं ने लाठी, डंडा और पारंपरिक युद्धकला के हैरतअंगेज करतब प्रस्तुत किए। ये करतब देखने के लिए गांधी चौक और शंकर चौक पर दोनों समुदायों के बड़ी संख्या में महिला-पुरुष मौजूद थे। जुलूस थाना परिसर तक पहुंचा, जहां युवाओं ने अपनी कला का प्रदर्शन किया।






प्रशासनिक तैयारी और स्थानीय सहयोग
मुहर्रम के दौरान किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी लगातार सुरक्षा व्यवस्था पर नजर बनाए हुए थे। संवेदनशील स्थलों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई थी। अखड़ा अध्यक्ष मो. ताज, सचिव मिर्जा आलम बेग और शाबीर ने इस पूरे आयोजन की देखरेख की, ताकि सब कुछ सुचारू रूप से चलता रहे। प्रशासन की मुस्तैदी और स्थानीय लोगों के आपसी सहयोग ने इस पर्व को शांति और सौहार्द का प्रतीक बना दिया।
शांतिपूर्ण आयोजन से बढ़ा विश्वास
इस वर्ष जाले में मुहर्रम का शांतिपूर्ण समापन न केवल प्रशासनिक तैयारियों की सफलता दिखाता है, बल्कि यह स्थानीय समुदायों के बीच मजबूत भाईचारे और सहयोग को भी दर्शाता है। जिला प्रशासन ने पहले से ही सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे, जिससे यह सुनिश्चित हो सका कि पर्व के दौरान किसी भी तरह की अफवाह या तनाव की स्थिति पैदा न हो। यह सफल आयोजन भविष्य में भी ऐसे पर्वों के शांतिपूर्ण संचालन के लिए एक सकारात्मक संदेश देता है।








