Bihar Teacher Awards: बिहार के शिक्षकों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। शिक्षा विभाग ने देश के होनहार शिक्षकों को सम्मानित करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। अब राज्य के योग्य शिक्षक अपनी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए राष्ट्रीय मंच पर पहचान बना सकते हैं।
शिक्षक दिवस के अवसर पर दिए जाने वाले इस प्रतिष्ठित सम्मान के लिए देशभर के साथ-साथ बिहार के भी शिक्षक आगामी 10 जुलाई तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। भारत सरकार के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर सीधे अपना नामांकन दर्ज किया जा सकता है। शिक्षा के क्षेत्र में असाधारण योगदान देने वाले गुरुजनों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए यह महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। विभाग ने इस संबंध में सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों (डीईओ), संस्कृत शिक्षा बोर्ड और मदरसा शिक्षा बोर्ड को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं।






राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार: कैसे होगा चयन?
शिक्षकों द्वारा भारत सरकार के पोर्टल पर किए गए ऑनलाइन आवेदनों की गहन जांच की जाएगी। इस महत्वपूर्ण चयन प्रक्रिया की प्राथमिक जिम्मेदारी जिला चयन समिति को सौंपी गई है। जिला स्तर पर गठित यह विशेष समिति प्रत्येक आवेदन का कड़ाई से परीक्षण करेगी। सभी निर्धारित मानकों पर खरे उतरने वाले सर्वश्रेष्ठ शिक्षकों का चयन जिला स्तर पर ही किया जाएगा। पूरी छानबीन के बाद, यह जिला समिति अधिकतम तीन सबसे योग्य शिक्षकों के नाम छांटकर आगे राज्य चयन समिति को भेजेगी। शिक्षा विभाग ने पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाए रखने के लिए सख्त निर्देश दिए हैं।
विशेष शिक्षकों के लिए खास प्रावधान
सामान्य शिक्षकों के मूल्यांकन के साथ ही, विभाग ने विशेष परिस्थितियों में कार्यरत शिक्षकों का भी पूरा ध्यान रखा है। चयन प्रक्रिया के तहत जिला चयन समिति को एक विशेष अधिकार दिया गया है। यह समिति तय किए गए तीन नामों के अतिरिक्त एक और नाम भी राज्य चयन समिति को भेज सकती है। यह अतिरिक्त नाम किसी विशेष शिक्षक, दिव्यांग शिक्षक या असाधारण कार्य करने वाले प्रधानाध्यापक का हो सकता है। इस प्रावधान का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि विपरीत परिस्थितियों में भी शिक्षा की अलख जगाने वाले शिक्षकों को इस प्रतिष्ठित मंच तक पहुंचने का समान अवसर मिल सके।
ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 10 जुलाई निर्धारित की गई है। शिक्षा विभाग ने संबंधित बोर्ड और जिला अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि वे अपने अंतर्गत आने वाले सभी विद्यालयों में इस सूचना का तेजी से प्रसार करें। कोई भी योग्य शिक्षक केवल जानकारी के अभाव में इस बड़े सम्मान से वंचित न रहे, यह सुनिश्चित करना आवश्यक है। तय समय सीमा के बाद पोर्टल पर किसी भी नए आवेदन को स्वीकार नहीं किया जाएगा। जिला स्तर से प्राप्त नामों पर राज्य चयन समिति मंथन करेगी और फिर अंतिम सूची राष्ट्रीय स्तर पर विचार के लिए दिल्ली भेजी जाएगी।








