Gaya News: बिहार के गया जिले के इमामगंज प्रखंड के झिकाटिया गांव में इस साल मुहर्रम के अवसर पर एक खास ताजिया आकर्षण का मुख्य केंद्र बना हुआ है। यह ताजिया हेलीकॉप्टर के आकार में डिजाइन किया गया है, जिसे देखने के लिए इमामगंज और आसपास के डुमरिया, बांकेबाजार और बुधवा जैसे क्षेत्रों से लोग झिकाटिया गांव पहुंच रहे हैं। इसकी जटिल बनावट और अनोखापन लोगों को खूब पसंद आ रहा है।
हेलीकॉप्टर ताजिया की अद्भुत कारीगरी
हेलीकॉप्टर के आकार में बने इस ताजिये को बांस, थर्माकोल, रंगीन कागज और सजावटी रोशनी का उपयोग करके तैयार किया गया है। इसमें रोटर ब्लेड, एक पूंछ और fuselage जैसा ढांचा बनाया गया है, जो बिल्कुल असली हेलीकॉप्टर जैसा दिखता है। इसकी कारीगरी और बारीकियों की खूब सराहना हो रही है। ग्रामीणों के अनुसार, अपने विशिष्ट स्वरूप और सौंदर्यपूर्ण अपील के कारण यह संरचना इस साल प्रमुख आकर्षण बन गई है। इस प्रदर्शन से स्थानीय मुहर्रम परंपराओं में भागीदारी भी बढ़ी है, और बड़ी संख्या में लोग इसे देखने के लिए इकट्ठा हो रहे हैं।






हिंदू कारीगर प्रदीप शर्मा का दशकों का समर्पण और सामाजिक सौहार्द
इस अनूठे ताजिये को झिकाटिया गांव के हिंदू बढ़ई प्रदीप शर्मा ने बनाया है। प्रदीप पिछले लगभग दस वर्षों से ताजिये का निर्माण कर रहे हैं। उनका कहना है कि हर साल एक नई डिजाइन की चुनौती होती है और इस साल के हेलीकॉप्टर-प्रेरित मॉडल को पूरा करने में लगभग 20 दिन लगे। शर्मा ने बताया कि वह बांस, थर्माकोल और कागज जैसी स्थानीय रूप से उपलब्ध सामग्रियों का उपयोग करते हैं, और वार्षिक आयोजन के दौरान उनकी रचनात्मकता और शिल्प कौशल ही उनके काम को प्रेरित करता है। झिकाटिया के मोहम्मद शमीम सहित स्थानीय लोगों ने बताया कि प्रदीप शर्मा का योगदान लगातार समुदायों के बीच भागीदारी और गांव में लंबे समय से चले आ रहे सामाजिक सहयोग को दर्शाता है। निवासियों ने इस पहल को भाईचारे और आपसी सम्मान का प्रतीक बताया है, यह दर्शाते हुए कि धार्मिक पहचान साझा सांस्कृतिक अभ्यास में कभी बाधा नहीं बनी है।
इस वर्ष मुहर्रम के जुलूस और ताजिया प्रदर्शन प्रखंड भर में शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुए। इस दौरान अधिकारी और स्थानीय प्रशासन के कर्मी मौजूद रहे। अधिकारियों ने पुष्टि की कि यह आयोजन व्यवस्थित रहा, जिसमें पूरे क्षेत्र के कई गांवों और सामुदायिक समूहों ने भाग लिया, जिससे सामाजिक सद्भाव का संदेश और मजबूत हुआ।








