Bhagalpur TNB Maidan: भागलपुर के टीएनबी कॉलेजिएट मैदान पर संकट गहरा गया है। ‘हाईटेक’ बनाने की आड़ में इस ऐतिहासिक मैदान में ‘कुछ और’ ही बनाने की तैयारी चल रही है, जिसके विरोध में पूर्व छात्र और स्थानीय लोग एकजुट हो गए हैं। गुरुवार शाम 6 बजे मैदान परिसर में हुई बैठक में सभी ने इस कार्य को रोकने का संकल्प लिया है।
दरअसल, वार्ड संख्या 19 के अंतर्गत आने वाले इस मैदान में अमृत 2.0 योजना के तहत पार्क बनाने का प्रस्ताव है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि एक जनप्रतिनिधि ने मंत्री से यह कहकर उद्घाटन करवा लिया कि यहां बच्चों के खेलने के लिए मैदान के साथ पार्क भी बनेगा। हालांकि, अब जो तैयारी चल रही है, वह खेल मैदान को खत्म करने वाली है।






भागलपुर: बच्चों के खेल मैदान पर बन रहा ‘कुछ और’! DEO ने कहा- मुझे पता नहीं, अब होगी कार्रवाई- Advertisement -
Bhagalpur News: भागलपुर के ऐतिहासिक टीएनबी कॉलेजिएट मैदान के अस्तित्व पर संकट गहरा गया है। इस मैदान को बचाने के लिए पूर्ववर्ती छात्र और स्थानीय लोग एकजुट हो गए हैं। गुरुवार की शाम 6:00 बजे मैदान परिसर में हुई एक बैठक में उन्होंने पार्क निर्माण के नाम पर हो रहे कथित अतिक्रमण का पुरजोर विरोध किया। लोगों का कहना है कि ‘हाईटेक’ बनाने के बहाने मैदान पर ‘कुछ और’ ही बनाने की तैयारी चल रही है।
स्थानीय जनप्रतिनिधि पर आरोप है कि उन्होंने एक मंत्री से यह कहकर उद्घाटन करवा दिया कि यहां बच्चों के लिए पार्क और खेल का मैदान बनेगा। लेकिन, असल में वहां कुछ और ही बनाया जा रहा है, जिसकी भनक लगते ही गुरुवार शाम को पूर्ववर्ती छात्रों और मोहल्ले के लोगों ने इस कार्य को रोकने का संकल्प लिया है।
मैदान पर पार्क निर्माण के विरोध में उतरे लोग, बच्चों के भविष्य की चिंता
लोगों ने वार्ड संख्या 19 के अंतर्गत अमृत 2.0 योजना से प्रस्तावित पार्क निर्माण पर गहरी आपत्ति जताई है। उनका स्पष्ट मानना है कि यह इलाका बच्चों के खेलने, दौड़ने और विभिन्न खेल गतिविधियों के लिए एकमात्र खुला मैदान है। ऐसे में यहां पार्क बनाकर खेल के मैदान को सीमित करना बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ होगा।
स्थानीय लोगों ने कहा, “टीएनबी कॉलेजिएट मैदान परिसर में वार्ड संख्या 19 के अंतर्गत अमृत 2.0 योजना से प्रस्तावित पार्क निर्माण का हम विरोध करते हैं। हमारा स्पष्ट मानना है कि इस क्षेत्र में बच्चों के खेलने, दौड़ने और खेल गतिविधियों के लिए यह एकमात्र खुला मैदान है। ऐसे में यहां पार्क निर्माण कर खेल मैदान को सीमित करना बच्चों के हितों के साथ न्याय नहीं है। हम लोग विकास का विरोध नहीं करते, लेकिन विकास ऐसा हो जो बच्चों के खेल और उनके सर्वांगीण विकास के अधिकार को प्रभावित न करे। नगर निगम एवं संबंधित अधिकारियों से आग्रह है कि पार्क निर्माण के लिए किसी अन्य उपयुक्त स्थान का चयन करें तथा इस मैदान को खेल मैदान के रूप में सुरक्षित रखें।”
बैठक में मौजूद सभी लोगों ने एक स्वर में कहा कि वे विकास के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन विकास ऐसा होना चाहिए जो बच्चों के खेलने और उनके समग्र विकास के अधिकार को प्रभावित न करे। उन्होंने नगर निगम और संबंधित अधिकारियों से अपील की है कि पार्क के लिए किसी और उपयुक्त जगह का चयन किया जाए और इस मैदान को केवल खेल के लिए सुरक्षित रखा जाए। उनका मानना है कि “बच्चों का मैदान बचेगा तभी उनका भविष्य संवर पाएगा।”
जिला शिक्षा पदाधिकारी ने जताई अनभिज्ञता, जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन
इस पूरे मामले पर जब जिला शिक्षा पदाधिकारी से बात की गई तो उन्होंने चौंकाने वाला बयान दिया। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि उन्हें इस निर्माण कार्य के बारे में कोई जानकारी नहीं है।
जिला शिक्षा पदाधिकारी ने स्पष्ट किया, “इसकी हमें कोई जानकारी नहीं है, न ही हमने स्कूल के मैदान में पार्क निर्माण के लिए कोई एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) दिया है। यह कार्य अपनी मर्जी से किया जा रहा है। आगे जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।”
जिला शिक्षा पदाधिकारी के इस बयान से यह स्पष्ट हो गया है कि टीएनबी कॉलेजिएट मैदान पर हो रहा निर्माण कार्य बिना आधिकारिक अनुमति के चल रहा है। अब देखने वाली बात होगी कि जांच के बाद इस मामले में क्या कार्रवाई की जाती है और क्या बच्चों का यह खेल का मैदान सुरक्षित रह पाता है।
एकमात्र खेल मैदान पर मंडराया संकट
बैठक के दौरान उपस्थित लोगों ने अपनी चिंता जाहिर करते हुए कहा कि टीएनबी कॉलेजिएट मैदान बच्चों के खेलने, दौड़ने और विभिन्न खेल गतिविधियों के लिए इस क्षेत्र का एकमात्र खुला मैदान है। उनका स्पष्ट मत है कि यहां पार्क का निर्माण कर खेल मैदान को सीमित करना बच्चों के हितों के साथ अन्याय होगा। लोगों ने साफ किया कि वे विकास के विरोधी नहीं हैं, लेकिन विकास ऐसा होना चाहिए जो बच्चों के खेल के अधिकार और उनके सर्वांगीण विकास को प्रभावित न करे।
बच्चों का मैदान बचेगा तभी उनका भविष्य समर पाएगा।
स्थानीय लोगों और पूर्व छात्रों ने नगर निगम और संबंधित अधिकारियों से आग्रह किया है कि पार्क निर्माण के लिए किसी अन्य उपयुक्त स्थान का चयन किया जाए। उन्होंने मांग की है कि इस मैदान को खेल मैदान के रूप में सुरक्षित रखा जाए, ताकि आने वाली पीढ़ियों को खेलने और शारीरिक गतिविधियों का अवसर मिलता रहे।
जिला शिक्षा पदाधिकारी बोले- हमें कोई जानकारी नहीं
इस मामले को लेकर जब जिला शिक्षा पदाधिकारी से बात की गई, तो उन्होंने चौंकाने वाला बयान दिया। पदाधिकारी ने साफ तौर पर कहा कि उन्हें इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उन्होंने स्कूल के मैदान में पार्क निर्माण के लिए किसी तरह की अनुमति नहीं दी है। जिला शिक्षा पदाधिकारी के अनुसार, यह कार्य अपनी मर्जी से किया जा रहा है और जांच के बाद दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी। अधिकारी के इस बयान से मामले की गंभीरता और बढ़ गई है, क्योंकि यह बिना आधिकारिक अनुमति के निर्माण कार्य होने का संकेत देता है।








