Darbhanga Revenue: बिहार के दरभंगा जिले में भूमि संबंधी विवादों और लंबित मामलों को तेजी से निपटाने की कवायद तेज हो गई है। जिलाधिकारी कौशल कुमार ने उत्तराधिकार (म्यूटेशन) और बटवारा से जुड़े सभी लंबित आवेदनों को आगामी 03, 04 और 05 जुलाई 2026 को ‘युद्ध स्तर’ पर निपटाने का कड़ा निर्देश जारी किया है। इस महत्वपूर्ण फैसले से हजारों लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है, जिनके मामले लंबे समय से अटके हुए थे।
यह निर्देश एनआईसी, दरभंगा से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित एक समीक्षा बैठक के दौरान दिया गया। बैठक में सदर और बेनीपुर अनुमंडल के सभी अंचलाधिकारियों, राजस्व अधिकारियों और राजस्व कर्मचारियों को शामिल किया गया था। डीएम कौशल कुमार ने स्पष्ट किया कि राजस्व महाअभियान के तहत प्राप्त सभी आवेदनों का निष्पादन तय समय-सीमा के भीतर पारदर्शिता और गुणवत्ता के साथ सुनिश्चित किया जाए।






राजस्व महाअभियान: तीन दिनों में निपटारे का संकल्प
जिलाधिकारी कौशल कुमार ने राजस्व महाअभियान को सफल बनाने के लिए विस्तृत कार्ययोजना प्रस्तुत की है। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को आदेश दिया है कि 03, 04 और 05 जुलाई 2026 को विशेष अभियान चलाकर म्यूटेशन और बटवारा के सभी लंबित मामलों का समाधान करें। इस दौरान प्रत्येक आवेदन की नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी ताकि किसी भी स्तर पर देरी या लापरवाही न हो।
जिलाधिकारी कौशल कुमार ने कहा, ‘उत्तराधिकार (म्यूटेशन) एवं बटवारा को लेकर राजस्व महाअभियान में प्राप्त आवेदन को आगामी 03, 04 एवं 05 जुलाई 2026 को युद्ध स्तर पर निष्पादन सुनिश्चित किया जाए।’
अधिकारियों और कर्मचारियों को मिले सख्त निर्देश
बैठक में डीएम ने अंचलाधिकारियों को लंबित मामलों का गुणवत्तापूर्ण एवं पारदर्शी तरीके से शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने यह भी जोर दिया कि अभियान अवधि में प्रत्येक आवेदन की गहन निगरानी की जाए। राजस्व कर्मचारियों को आवेदनों के सत्यापन और आवश्यक अभिलेखों की जांच समय पर पूरी करने का आदेश दिया गया, ताकि त्वरित निस्तारण में कोई बाधा न आए। इस पहल से भूमि विवादों में कमी आने और आम जनता को त्वरित न्याय मिलने की संभावना है।
इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में सहायक समाहर्ता श्रीमती कल्पना रावत और अपर समाहर्ता (राजस्व) श्री मनोज कुमार सहित कई अन्य संबंधित पदाधिकारी भी उपस्थित थे। जिलाधिकारी ने उम्मीद जताई है कि इस अभियान से लंबित राजस्व मामलों का बोझ कम होगा और लोगों को सरकारी सेवाओं का लाभ समय पर मिल पाएगा, जिससे प्रशासन के प्रति उनका विश्वास और मजबूत होगा।








