Darbhanga News: मिथिलांचल और दरभंगा केवटी विधानसभा क्षेत्र के किसानों के लिए एक बड़ी और ऐतिहासिक खबर सामने आई है। दशकों से बंद पड़ी रैयाम चीनी मिल एक बार फिर से अपनी पूरी क्षमता के साथ शुरू होने जा रही है। राज्य सरकार के ‘सात निश्चय-3’ कार्यक्रम के तहत इस ऐतिहासिक स्थल पर नई सहकारी चीनी मिल स्थापित करने का बहुप्रतीक्षित निर्णय लिया गया है। क्षेत्र के जनप्रतिनिधि के तौर पर सदन से लेकर सड़क तक लगातार इस मांग को उठाया, जिसके परिणामस्वरूप अब यह योजना धरातल पर उतर रही है।
दशकों बाद रैयाम चीनी मिल को मिली नई जान
केवटी विधायक डॉ. मुरारी मोहन झा ने इस निर्णय पर गहरा हर्ष व्यक्त किया है। उन्होंने बताया कि जिलाधिकारी की अध्यक्षता में ‘रैयाम चीनी मिल’ के गठन और नियमित समीक्षा के लिए एक ‘जिला स्तरीय कमेटी’ का गठन किया गया है। विधायक डॉ. मुरारी मोहन झा को भी इस महत्वपूर्ण कमेटी में सदस्य के रूप में नामित किया गया है। उन्होंने क्षेत्र के किसानों को आश्वस्त करते हुए कहा कि अब इस कार्य में किसी भी प्रकार की प्रशासनिक देरी नहीं होगी।






किसानों को मिलेगा सीधा मालिकाना हक और व्यापक लाभ
इस नई व्यवस्था के तहत किसानों को चीनी मिल में सीधा मालिकाना हक मिलेगा, जो उनके आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम है। रैयाम चीनी मिल के आयोजन क्षेत्र के लिए कुल 1018 गांवों को ईख आपूर्ति के लिए आरक्षित किया गया है। इसमें दरभंगा जिले के 580 गांव और मधुबनी जिले के 438 गांव शामिल हैं।
विधायक डॉ. मुरारी मोहन झा ने कहा, “अब इस कार्य में कोई प्रशासनिक देरी नहीं होगी। प्राथमिक चीनी मिल सहकारी समिति बनाई जाएगी, जिसके असली मालिक हमारे किसान भाई-बहन होंगे।”
किसानों की ‘प्राथमिक चीनी मिल सहकारी समिति’ बनाई जाएगी, जिसके असली मालिक स्वयं किसान ही होंगे। यह पहल उन्हें उत्पादन से लेकर प्रसंस्करण तक की पूरी प्रक्रिया में भागीदार बनाएगी।
सहकारी समिति की सदस्यता: जानें शर्तें और आवेदन प्रक्रिया
प्राथमिक चीनी मिल सहकारी समिति का सदस्य बनने के लिए कुछ आवश्यक शर्तें तय की गई हैं, ताकि योग्य किसान इस अवसर का लाभ उठा सकें।
- आयु सीमा: आवेदक की उम्र 18 वर्ष से अधिक होनी चाहिए।
- पंजीकरण: कृषि विभाग के DBT पोर्टल पर निबंध (रजिस्ट्रेशन) अनिवार्य है।
- भूमि की शर्त: गन्ना उत्पादन हेतु न्यूनतम 100 डिसमिल जमीन होना आवश्यक है। महिलाओं और अन्य वर्गों के लिए यह सीमा मात्र 50 डिसमिल रखी गई है।
- शुल्क: मात्र ₹500 का सदस्यता शुल्क और ₹1000 की शेयर राशि जमा करनी होगी।
सभी योग्य और इच्छुक किसान सरकार के ‘eSahkari’ पोर्टल (https://eshahkari.coop) पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। डॉ. मुरारी मोहन झा ने आयोजन क्षेत्र के सभी पात्र किसानों से अपील की है कि वे जल्द से जल्द इस पोर्टल पर आवेदन करें। उनका कहना है कि यह न केवल उन्हें सहकारी समिति का सदस्य बनने का अवसर देगा, बल्कि मिथिलांचल के गौरव को फिर से स्थापित करने में भी अपना योगदान सुनिश्चित करेगा।








