Darbhanga News: दरभंगा जिले के बेनीपुर नगर परिषद क्षेत्र में चल रहे कई महत्वपूर्ण विकास कार्य सरकारी विभागों के बीच समन्वय की कमी के कारण अधर में लटक गए हैं। अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) के बिना काम शुरू करने की नगर परिषद की लापरवाही ने नाला निर्माण और तालाब सौंदर्यीकरण जैसे प्रोजेक्ट्स को रोक दिया है, जिससे न सिर्फ जनता को परेशानी हो रही है बल्कि संवेदकों को भी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। पथ निर्माण विभाग और मत्स्य विभाग ने इन कार्यों पर आपत्ति जताते हुए रोक लगा दी है।
एनओसी के बिना शुरू हुए नाला निर्माण पर पथ निर्माण विभाग का अड़ंगा
बेनीपुर नगर परिषद के विभिन्न वार्डों में सड़क और नाला निर्माण के कई कार्य बिना किसी विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र लिए ही शुरू कर दिए गए। जैसे ही इन कार्यों ने गति पकड़ी, संबंधित विभागों ने अपनी संपत्ति का हवाला देते हुए इन्हें तत्काल रोक दिया। इसका एक बड़ा उदाहरण बेनीपुर मुख्य सड़क किनारे पूर्व मुखिया शैलेंद्र मोहन पासवान के घर से धर्मशाला मोर तक बन रहा नाला है। इसका आधा निर्माण होने के बाद ही पथ निर्माण विभाग ने काम रोकने का आदेश जारी कर दिया। एक साल बीत जाने के बाद भी यह नाला अधूरा पड़ा है।






इसी तरह, बहेड़ा-झंझारपुर मुख्य पथ पर मझौडा मध्य विद्यालय के पास भी नाला निर्माण शुरू होते ही पथ निर्माण विभाग ने हस्तक्षेप कर काम बंद करवा दिया। इस कारण अब बहेड़ा-झंझारपुर मुख्य पथ पर गंदे नाले का पानी जमा हो रहा है, जिससे स्थानीय लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
पथ निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता शंभू कुमार ने बताया, ‘नगर परिषद ने बिना एनओसी लिए ही पथ निर्माण विभाग के अधीन बनी सड़क के किनारे नाला निर्माण प्रारंभ कर दिया है। इससे कई जगहों पर सड़क क्षतिग्रस्त होने की संभावना बनी हुई है। निविदा प्रकाशन से पहले नगर परिषद को एनओसी लेना चाहिए था, जो नहीं लिया गया। इसी कारण मेरे क्षेत्र में चल रहे निर्माण कार्य पर रोक लगा दी गई है।’
तालाब सौंदर्यीकरण भी अटका, संवेदकों में आक्रोश
नाला निर्माण के अलावा, बहेड़ा महाविद्यालय परिसर स्थित तालाब के सौंदर्यीकरण कार्य को भी मत्स्य विभाग ने रोक दिया है। इस तरह की विभागीय अड़चन से संवेदकों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। संवेदकों का कहना है कि जब नगर परिषद के पास एनओसी नहीं थी, तो आखिर निविदाएं प्रकाशित क्यों की गईं।
संवेदक पल्लवी कुमारी ने इस मामले को लेकर नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी से लेकर विभाग के सचिव तक को पत्र लिखा है। उन्होंने मांग की है कि इस मामले का शीघ्र निष्पादन किया जाए और नगर परिषद के अधिकारियों की लापरवाही के कारण संवेदकों को हुई आर्थिक और मानसिक क्षति की भरपाई की जाए। इस संबंध में कार्यपालक पदाधिकारी और मुख्य पार्षद से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनका फोन नहीं उठा।
इन घटनाओं से स्पष्ट है कि बेनीपुर नगर परिषद को अपने कार्यप्रणाली में सुधार लाने और विभिन्न विभागों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने की आवश्यकता है, ताकि विकास कार्यों में अनावश्यक देरी न हो और जनता को इसका लाभ मिल सके।








