Prashant Kishor: जाने-माने राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर अब चुनावी राजनीति में अपनी सीधी एंट्री करने जा रहे हैं। जन सुराज पार्टी ने उन्हें पटना की बांकीपुर विधानसभा सीट से उपचुनाव का उम्मीदवार बनाने का फैसला किया है। इस संबंध में पार्टी की कोर कमेटी शुक्रवार को अंतिम मुहर लगाएगी, जिसके बाद 5 जुलाई को आधिकारिक घोषणा की जाएगी। यह प्रशांत किशोर का पहला चुनावी मुकाबला होगा, जो राजनीतिक गलियारों में खासी चर्चा का विषय बन गया है।
चुनावी मैदान में उतरेंगे प्रशांत किशोर
जन सुराज के वरिष्ठ नेताओं ने बताया कि यह निर्णय पार्टी के भीतर गहन विचार-विमर्श और बांकीपुर क्षेत्र के समर्थकों से मिले फीडबैक के बाद लिया गया है। वरिष्ठ नेता किशोर कुमार मुन्ना ने कहा कि यह फैसला स्थानीय निवासियों की इच्छा के अनुरूप है। प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती ने भी एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पुष्टि की कि प्रशांत किशोर ही इस सीट के लिए पार्टी की पहली पसंद हैं। उन्होंने बताया कि कोर कमेटी की मंजूरी के बाद उम्मीदवारी की औपचारिक घोषणा की जाएगी। यदि यह पुष्टि हो जाती है, तो यह पहला मौका होगा जब राजनीतिक रणनीतिकार से नेता बने प्रशांत किशोर स्वयं चुनाव लड़ेंगे।






वैशाली में पत्रकारों से बात करते हुए प्रशांत किशोर ने पहले कहा था, ‘पार्टी उम्मीदवार का फैसला करेगी। अगर पार्टी तय करती है कि मुझे चुनाव लड़ना चाहिए, तो मैं लड़ूंगा।’ उन्होंने यह भी कहा था कि वह व्यक्तिगत रूप से चुनाव लड़ने के लिए तैयार हैं, यदि भाजपा को चुनौती देने के लिए इसकी आवश्यकता हुई।
उपचुनाव से पहले जन सुराज ने बांकीपुर क्षेत्र में अपना अभियान तेज कर दिया है। पार्टी कार्यकर्ता घर-घर जाकर लोगों से संपर्क साध रहे हैं, वहीं प्रशांत किशोर ने भी निवासियों और विभिन्न सामुदायिक समूहों के साथ बातचीत की है। चुनाव की तैयारी में पार्टी का डिजिटल अभियान भी तेज हो गया है।
बांकीपुर में भाजपा का गढ़ और जन सुराज की रणनीति
बांकीपुर उपचुनाव को लेकर राजनीतिक हलकों में काफी गहमागहमी है। भाजपा नेता नितिन नवीन के राज्यसभा के लिए चुने जाने के बाद विधायक पद से इस्तीफा देने के कारण यह सीट खाली हुई है। यह उपचुनाव उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के बिहार में भाजपा के मुख्यमंत्री पद के चेहरे के रूप में उभरने के बाद पहला चुनावी मुकाबला होगा, जिससे यह परिणाम सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) और विपक्ष दोनों के लिए राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हो जाएगा। जन सुराज के नेताओं ने इस मुकाबले को मतदाताओं के लिए भाजपा को एक राजनीतिक संदेश देने के अवसर के रूप में पेश किया है।
क्या है बांकीपुर उपचुनाव का पूरा कार्यक्रम?
भारत निर्वाचन आयोग ने बांकीपुर उपचुनाव के लिए नामांकन की तारीखों की घोषणा कर दी है।
| गतिविधि | तारीख |
|---|---|
| नामांकन शुरू | 6 जुलाई |
| नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि | 13 जुलाई |
| नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि | 16 जुलाई |
| मतदान | 30 जुलाई |
| मतगणना | 3 अगस्त |
अन्य दल अभी तक अपने उम्मीदवारों की घोषणा नहीं कर पाए हैं। पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव के नेतृत्व वाली जनशक्ति जनता दल (जेजेडी) ने पहले ही सामाजिक कार्यकर्ता वीणा मानवी को अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया है। भाजपा के नेतृत्व वाला एनडीए और विपक्षी महागठबंधन अभी तक अपने उम्मीदवारों की घोषणा नहीं कर पाए हैं। बांकीपुर पिछले तीन दशकों से भाजपा के सबसे मजबूत विधानसभा क्षेत्रों में से एक रहा है। 2008 के परिसीमन से पहले पटना पश्चिम के नाम से जानी जाने वाली यह सीट 1995 से पार्टी के पास है, जब नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा ने यह निर्वाचन क्षेत्र जीता था। उनके निधन के बाद उनके बेटे नितिन नवीन ने लगातार चुनावों में यह सीट बरकरार रखी, जब तक कि इस साल राज्यसभा में प्रवेश करने के बाद उन्होंने इसे खाली नहीं कर दिया। यह उपचुनाव तय करेगा कि भाजपा अपने सबसे लंबे समय तक कब्जे वाले निर्वाचन क्षेत्रों में से एक को बरकरार रखती है या जन सुराज प्रशांत किशोर के नेतृत्व में अपनी पहली बड़ी चुनावी सफलता हासिल कर पाता है।








