DRDO JRF: पटना। रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) ने इंजीनियरिंग स्नातकों के लिए एक बड़ा अवसर प्रदान किया है। संगठन ने कॉम्बैट व्हीकल्स रिसर्च एंड डेवलपमेंट एस्टेब्लिशमेंट (CVRDE) में जूनियर रिसर्च फेलोशिप (JRF) 2026 कार्यक्रम के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। यह फेलोशिप इंजीनियरिंग स्नातकों को रक्षा अनुसंधान परियोजनाओं पर काम करने का अनूठा मौका देगी।
जारी अधिसूचना के अनुसार, योग्य उम्मीदवार 15 जुलाई तक ऑफलाइन या ईमेल के माध्यम से अपने आवेदन जमा कर सकते हैं। यह फेलोशिप देश की रक्षा प्रौद्योगिकी में योगदान देने के इच्छुक युवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।






रक्षा अनुसंधान के रोमांचक क्षेत्र में मिलेगा मौका
चयनित फेलो ऑटोमोटिव सिस्टम, इलेक्ट्रॉनिक्स, संचार प्रौद्योगिकी और कंप्यूटर-आधारित रक्षा प्रणालियों से संबंधित अनुसंधान परियोजनाओं पर काम करेंगे। यह अवसर उन्हें अत्याधुनिक रक्षा प्रौद्योगिकियों को समझने और विकसित करने में मदद करेगा।
फेलोशिप के दौरान, उम्मीदवारों को लागू नियमों और संस्थागत आवश्यकताओं के अधीन, अंशकालिक पीएचडी करने का भी अवसर मिलेगा। यह उनके अकादमिक और व्यावसायिक विकास के लिए एक अतिरिक्त लाभ है।
पात्रता मानदंड और आयु सीमा
इस फेलोशिप के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों के पास संबंधित इंजीनियरिंग विषय में बीई या बीटेक की डिग्री और एक वैध ग्रेजुएट एप्टीट्यूड टेस्ट इन इंजीनियरिंग (GATE) स्कोर होना अनिवार्य है। यह सुनिश्चित करता है कि केवल योग्य और मेधावी छात्र ही इस कार्यक्रम का हिस्सा बन सकें।
DRDO के अनुसार, अनारक्षित वर्ग के लिए ऊपरी आयु सीमा 28 वर्ष निर्धारित की गई है। सरकारी मानदंडों के अनुसार, आरक्षित श्रेणियों के लिए आयु सीमा में छूट दी गई है, जिससे अधिकतम आयु 31 वर्ष और 33 वर्ष तक हो सकती है।
चयन प्रक्रिया और फेलोशिप के लाभ
उम्मीदवारों का चयन एक बहुस्तरीय प्रक्रिया के माध्यम से किया जाएगा। सबसे पहले, प्राप्त आवेदनों के आधार पर उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट किया जाएगा। इसके बाद, भर्ती प्रक्रिया में एक लिखित परीक्षा और एक साक्षात्कार शामिल होगा, जिसके बाद अंतिम चयन किया जाएगा।
चयनित उम्मीदवारों को प्रति माह ₹37,000 की फेलोशिप मिलेगी। इस फेलोशिप के अतिरिक्त, DRDO संगठन के लागू दिशानिर्देशों के अनुसार हाउस रेंट अलाउंस (HRA) और चिकित्सा सुविधाएं भी प्रदान करेगा। यह फेलोशिप न केवल वित्तीय सहायता प्रदान करती है, बल्कि रक्षा क्षेत्र में एक प्रतिष्ठित करियर की नींव भी रखती है।








