Bihar VB-G RAMG: केंद्र सरकार ने बिहार के ग्रामीण श्रमिकों के लिए एक बड़ी राहत का ऐलान किया है। मनरेगा की जगह शुरू की गई नई ‘विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन ग्रामीण’ (VB-G RAMG) योजना के तहत राज्य को 1,663.56 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी कर दी गई है। इस नई योजना से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और श्रमिकों को अब 125 दिनों के काम की गारंटी मिलेगी, जो पहले की योजना से अधिक है।
यह राशि बिहार के लिए पूर्व में स्वीकृत 6,715.83 करोड़ रुपये के अंतरिम बजट का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने हाल ही में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी राज्यों के ग्रामीण विकास मंत्रियों और विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक कर इस महत्वपूर्ण जानकारी को साझा किया। इस बैठक में बिहार ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारी भी शामिल हुए।






मनरेगा की जगह क्यों आई VB-G RAMG?
केंद्र सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम) की जगह VB-G RAMG योजना शुरू की है। इस योजना का मुख्य लक्ष्य ग्रामीण परिवारों को बेहतर आजीविका सुरक्षा प्रदान करना और उन्हें 125 दिनों का सुनिश्चित रोजगार उपलब्ध कराना है। इसके माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और पलायन पर भी अंकुश लग सकेगा।
विभागीय अधिकारियों ने बताया कि केंद्र से जारी यह 1,663.56 करोड़ रुपये की राशि अगले तीन माह की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए बिहार को उपलब्ध कराई गई है। इससे राज्य में योजना के सफल क्रियान्वयन में तेजी आएगी और श्रमिकों को समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जा सकेगा।
ग्रामीणों को कैसे मिलेगा 125 दिन का रोजगार?
VB-G RAMG योजना के तहत, ग्रामीण परिवारों के वयस्क सदस्यों को एक वित्तीय वर्ष में न्यूनतम 125 दिनों के लिए अकुशल शारीरिक कार्य करने की कानूनी गारंटी दी गई है। यदि किसी पंजीकृत श्रमिक को काम नहीं मिलता है, तो उसे बेरोजगारी भत्ते का भी प्रावधान किया गया है। यह व्यवस्था श्रमिकों को वित्तीय सुरक्षा प्रदान करेगी, खासकर उन समय में जब रोजगार के अवसर कम होते हैं।
केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सभी राज्यों को योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि यह योजना ग्रामीण भारत की तस्वीर बदलने में मील का पत्थर साबित होगी।
बिहार सरकार के ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारी अब इस राशि का उपयोग योजना के दिशानिर्देशों के अनुसार करेंगे। उम्मीद है कि यह नई पहल राज्य के लाखों ग्रामीण परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएगी और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाएगी।








