Bihar Bankipur By-election: बिहार की सबसे चर्चित विधानसभा सीटों में शामिल बांकीपुर उपचुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी चरम पर पहुंच गई है। सोमवार से उपचुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू हो गई है, जो 13 जुलाई तक चलेगी। इस बीच जनसुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने बांकीपुर से चुनाव लड़ने की औपचारिक घोषणा कर मुकाबले को हाई-प्रोफाइल बना दिया है।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के राज्यसभा सदस्य बनने के बाद इस सीट के खाली होने से उपचुनाव कराया जा रहा है। भाजपा इस सीट को हर हाल में अपने कब्जे में बनाए रखना चाहती है, जबकि विपक्ष इसे भाजपा के खिलाफ बड़ी राजनीतिक परीक्षा के रूप में देख रहा है।






बांकीपुर में आज से नामांकन प्रक्रिया शुरू
उपचुनाव की अधिसूचना जारी होने के साथ ही जिले में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है। उम्मीदवार पटना समाहरणालय स्थित पटना सदर अनुमंडल कार्यालय के दूसरे तल पर स्थित भूमि सुधार उप समाहर्ता (DCLR) न्यायालय कक्ष में अपना नामांकन दाखिल करेंगे।
प्रशासन ने पूरी प्रक्रिया की निगरानी के लिए एक डिप्टी कलेक्टर को नियुक्त किया है। नामांकन की अंतिम तिथि 13 जुलाई निर्धारित की गई है।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
नामांकन प्रक्रिया को शांतिपूर्ण और पारदर्शी बनाने के लिए समाहरणालय परिसर में व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई है। पुलिस बल की तैनाती के साथ-साथ पूरे परिसर की निगरानी की जा रही है। हर नामांकन की वीडियो रिकॉर्डिंग भी कराई जाएगी ताकि चुनाव प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी बनी रहे।
प्रशांत किशोर की एंट्री से मुकाबला रोचक
जनसुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने बांकीपुर से चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया है। उनकी उम्मीदवारी के बाद राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा तेज है कि क्या विपक्ष भाजपा के खिलाफ साझा उम्मीदवार के तौर पर उनका समर्थन करेगा।
यदि ऐसा होता है तो बांकीपुर का मुकाबला सीधे भाजपा बनाम संयुक्त विपक्ष के रूप में बदल सकता है।
भाजपा उम्मीदवार पर अभी भी सस्पेंस
भाजपा ने अभी तक अपने उम्मीदवार की आधिकारिक घोषणा नहीं की है। हालांकि पार्टी सूत्रों के मुताबिक तीन नाम सबसे आगे बताए जा रहे हैं—
प्रो. रणवीर नंदन
नील रतन घोष
अजय आलोक
रविवार को प्रदेश भाजपा कार्यालय में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की मौजूदगी में कोर कमेटी की बैठक हुई, जिसमें संभावित उम्मीदवारों के नामों पर विस्तृत चर्चा की गई। अंतिम निर्णय केंद्रीय नेतृत्व की सहमति के बाद लिया जाएगा और जल्द उम्मीदवार की घोषणा होने की संभावना है।
बैठक में केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह, विजय कुमार सिन्हा, डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल, राधामोहन सिंह, मंगल पांडेय, सांसद डॉ. संजय जायसवाल और प्रदेश संगठन महामंत्री भीखू भाई दलसानिया समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
महागठबंधन की रणनीति पर नजर
महागठबंधन ने भी अभी तक अपना उम्मीदवार घोषित नहीं किया है। हालांकि विपक्षी दल संयुक्त उम्मीदवार उतारने की संभावनाओं पर विचार कर रहे हैं।
इस बीच कांग्रेस नेता ऋषि मिश्रा ने सार्वजनिक रूप से प्रशांत किशोर का समर्थन करने की वकालत करते हुए कहा कि यदि विपक्ष एकजुट होकर चुनाव लड़ता है तो भाजपा को कड़ी चुनौती दी जा सकती है। हालांकि कांग्रेस प्रवक्ता राजेश राठौड़ ने इसे ऋषि मिश्रा का व्यक्तिगत बयान बताया है।
वहीं राजद ने भी अब तक अपने पत्ते नहीं खोले हैं। पिछली बार इस सीट पर राजद ने अपना उम्मीदवार उतारा था, इसलिए पार्टी की रणनीति पर भी सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
आगे क्या होगा?
13 जुलाई तक नामांकन दाखिल किए जाएंगे। इसके बाद नामांकन पत्रों की जांच और नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होगी। इसके बाद चुनाव प्रचार अपने चरम पर पहुंचेगा। प्रशांत किशोर की एंट्री और भाजपा के उम्मीदवार को लेकर जारी सस्पेंस ने बांकीपुर उपचुनाव को बिहार की सबसे चर्चित राजनीतिक लड़ाइयों में शामिल कर दिया है। यह उपचुनाव आने वाले विधानसभा चुनाव से पहले राज्य की राजनीति का अहम संकेतक भी माना जा रहा है।








