Prashant Kishor Bankipur: 5 जुलाई 2026 को पटना की राजनीति में बड़ा मोड़ आया। जन सुराज पार्टी ने बांकीपुर विधानसभा उप-चुनाव के लिए प्रशांत किशोर को अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया है। इस घोषणा के साथ ही प्रशांत किशोर ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार पर सीधा हमला बोला। उन्होंने बांकीपुर चुनाव को छह महीने पुरानी सरकार के कामकाज पर जनता का ‘जनमत संग्रह’ करार दिया है।







जन सुराज के प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती ने पटना स्थित पार्टी कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस महत्वपूर्ण निर्णय की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कोर कमिटी की बैठक में सर्वसम्मति से यह फैसला लिया गया कि बांकीपुर उपचुनाव में जन सुराज पार्टी का चेहरा प्रशांत किशोर होंगे। इस घोषणा के बाद प्रशांत किशोर ने भाजपा को हराने के लिए ‘जो कुछ भी करना पड़े वो करेंगे’ का संकल्प लिया।
पीके का चुनावी मैदान में उतरने का संकल्प और जन सुराज का लक्ष्य
प्रशांत किशोर ने पार्टी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पिछले चार वर्षों से जन सुराज ही उनका जीवन है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अगले दस वर्षों तक, जब तक जन सुराज की संकल्पना पूरी नहीं हो जाती, उनका कोई दूसरा उद्देश्य नहीं है। पीके के मुताबिक, बांकीपुर से चुनाव लड़ने की जिम्मेदारी को वे इसी बड़े प्रयास की दिशा में एक कदम मानते हैं।
प्रशांत किशोर ने कहा, “बांकीपुर उपचुनाव में अगर जन सुराज को जीत मिलती है तो जन सुराज के बिहार बदलाव की सोच को फिर से पुनर्जीवित करने में जन सुराज को बहुत बड़ी जीत मिलेगी। मैं इस जिम्मेदारी को ईमानदारी से स्वीकार करता हूं।”
उन्होंने नवंबर 2025 में जन सुराज के विचार से जुड़े लाखों लोगों की उम्मीदों और हताशा का जिक्र करते हुए कहा कि बांकीपुर की जीत से उनके मन की उदासी दूर होगी। पीके ने बांकीपुर के मतदाताओं का भी धन्यवाद किया, जिन्होंने व्यक्तिगत तौर पर या कार्यकर्ताओं के माध्यम से उन्हें चुनाव लड़ने का आग्रह किया था। उन्होंने आश्वासन दिया कि यदि उन्हें जनता का आशीर्वाद मिला, तो वे उनकी भावनाओं और अपेक्षाओं के अनुरूप काम करेंगे।
‘सम्राट चौधरी पर जनमत संग्रह’ – PK का सीधा हमला
प्रशांत किशोर ने बांकीपुर उपचुनाव को सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार पर सीधा हमला करने का मंच बना दिया। उन्होंने कहा कि यह चुनाव पिछले छह महीने से चल रही सरकार के ‘चाल, चरित्र, चेहरा, नीति और नियमावली’ पर जनता का जनमत संग्रह है।
प्रशांत किशोर ने जोर देकर कहा, “अगर बांकीपुर में भाजपा हारती है, तो यहां के सरकार को ये मानना चाहिए कि जिस तरह के चाल, चरित्र और चेहरा आप दिखा रहे हैं, जिस तरह की व्यवस्था आप चला रहे हैं, वो कहीं न कहीं बिहार की जनता को स्वीकार नहीं है।”
उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर निशाना साधते हुए कहा कि वे पहली बार भाजपा के मुख्यमंत्री बने हैं और उनके चाल, चरित्र और चेहरे पर बिहार के एक बड़े जनमानस को विश्वास नहीं है। पीके ने कहा कि सम्राट चौधरी चुनकर नहीं आए हैं, बल्कि उन्हें ‘पीछे से सीएम बनाया गया है’, जबकि जनता ने नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री चुना था।
बिहार की राजनीति की दिशा बदलने का आह्वान
प्रशांत किशोर ने बांकीपुर की जनता को बिहार की सबसे प्रबुद्ध और समृद्ध जनता बताते हुए कहा कि उन पर सबसे काबिल उम्मीदवार को चुनने और सरकार की नीतियों पर निर्णय सुनाने का बोझ है। उन्होंने स्वीकार किया कि इस एक सीट से सरकार नहीं बदलेगी, लेकिन यह बिहार की राजनीति की दिशा जरूर बदल सकती है।
पीके ने आह्वान किया, “यदि आप बिहार की राजनीति की दिशा को बदलना चाहते हैं तो बांकीपुर में जन सुराज को जीताइए।” इस महत्वपूर्ण मौके पर रामबली चंद्रवंशी, किशोर कुमार मुन्ना, केसी सिन्हा, एमएलसी आफाक अहमद, कुमार सौरव, सुभाष कुशवाहा, सरवर अली, इंदु सिन्हा, ओबैदुर रहमान, जेपी सिंह और राकेश पटेल सहित कई अन्य नेता और कार्यकर्ता मौजूद थे।









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