Bihar Corruption: बिहार सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी मुहिम तेज कर दी है। इसी कड़ी में दरभंगा जिले के केवटी प्रखंड के पूर्व बीडीओ चंद्रमोहन पासवान को निलंबित कर दिया गया है। यह बड़ी कार्रवाई आय से अधिक संपत्ति के एक गंभीर मामले में की गई है। ग्रामीण विकास विभाग ने उनके निलंबन का आदेश जारी करते हुए सरकारी अधिकारियों के लिए कड़ा संदेश दिया है।
चंद्रमोहन पासवान पहले केवटी प्रखंड में बीडीओ के पद पर तैनात थे। कुछ समय पहले उन्हें इस पद से हटा दिया गया था, लेकिन अब उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित कर दिया गया है। यह पूरा मामला आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की गहन जांच के बाद सामने आया है।






भ्रष्टाचार पर सरकार का एक्शन! दरभंगा के पूर्व BDO चंद्रमोहन पासवान सस्पेंड, जानें क्यों?
Bihar Corruption: बिहार सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए दरभंगा जिले के केवटी प्रखंड के पूर्व बीडीओ चंद्रमोहन पासवान को निलंबित कर दिया है। यह बड़ा कदम आय से अधिक संपत्ति के गंभीर मामले में उठाया गया है। ग्रामीण विकास विभाग ने चंद्रमोहन पासवान के निलंबन का आदेश जारी किया है, जिससे सरकारी महकमे में हड़कंप मच गया है।
चंद्रमोहन पासवान पहले केवटी प्रखंड में बीडीओ के पद पर तैनात थे, लेकिन कुछ समय पहले उन्हें इस पद से हटा दिया गया था। अब उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई के तहत यह निलंबन किया गया है। इस पूरे मामले का खुलासा आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की गहन जांच के बाद हुआ था।
आय से 81.03% अधिक संपत्ति का खुलासा
आर्थिक अपराध इकाई की जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि चंद्रमोहन पासवान के पास उनकी ज्ञात आय के मुकाबले लगभग 81.03 प्रतिशत अधिक संपत्ति है। शुरुआती जांच के दौरान अधिकारियों को करीब 89.13 लाख रुपये की आय से अधिक संपत्ति के पुख्ता साक्ष्य मिले थे, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की गई।
मई में हुई थी 6 ठिकानों पर छापेमारी
इस मामले में आर्थिक अपराध इकाई ने 27 मई को एक बड़ी और समन्वित कार्रवाई की थी। जांच टीम ने चंद्रमोहन पासवान से जुड़े छह अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। इस दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और अन्य साक्ष्य जुटाए गए, जिन्होंने इस मामले को और पुख्ता बनाया। इन्हीं सबूतों के आधार पर ग्रामीण विकास विभाग ने उनके खिलाफ कड़ा कदम उठाते हुए उन्हें निलंबित कर दिया है।
बिहार सरकार लगातार भ्रष्टाचार के मामलों में सख्त रुख अपना रही है। सरकार का कहना है कि किसी भी सरकारी अधिकारी या कर्मचारी को भ्रष्टाचार करने की छूट नहीं दी जाएगी। आय से अधिक संपत्ति के मामलों में जांच एजेंसियां लगातार कार्रवाई कर रही हैं। मामले की जांच आगे भी जारी रहेगी। अगर जांच में और तथ्य सामने आते हैं तो नियमानुसार आगे की कार्रवाई भी की जाएगी।
चंद्रमोहन पासवान का निलंबन बिहार सरकार की भ्रष्टाचार विरोधी मुहिम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है। सरकार प्रदेश में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध दिख रही है। अब इस पूरे प्रकरण में आगे की जांच और कानूनी प्रक्रियाओं पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।
कितनी मिली बेनामी संपत्ति?
EOU की जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। पता चला कि चंद्रमोहन पासवान के पास उनकी ज्ञात आय से करीब 81.03 प्रतिशत अधिक संपत्ति है। शुरुआती जांच में अधिकारियों को लगभग 89.13 लाख रुपये की आय से अधिक संपत्ति के ठोस साक्ष्य मिले थे, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई।
मई में हुई थी बड़ी छापेमारी
इस मामले में आर्थिक अपराध इकाई ने 27 मई को एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया था। जांच टीम ने चंद्रमोहन पासवान से जुड़े 6 अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की थी। इस दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और अन्य साक्ष्य जुटाए गए थे, जो उनके खिलाफ लगे आरोपों को पुष्ट करते हैं। इन्हीं सबूतों के आधार पर ग्रामीण विकास विभाग ने उनके खिलाफ कड़ा कदम उठाया है।
ग्रामीण विकास विभाग ने कहा, ‘मामले की जांच अभी भी जारी रहेगी। अगर जांच में और भी तथ्य सामने आते हैं, तो नियमानुसार आगे की कार्रवाई भी की जाएगी।’
भ्रष्टाचार पर बिहार सरकार का सख्त रुख
बिहार सरकार लगातार भ्रष्टाचार के मामलों में सख्त रुख अपना रही है। सरकार का स्पष्ट कहना है कि किसी भी सरकारी अधिकारी या कर्मचारी को भ्रष्टाचार करने की छूट नहीं दी जाएगी। आय से अधिक संपत्ति के मामलों में जांच एजेंसियां लगातार कार्रवाई कर रही हैं। चंद्रमोहन पासवान का निलंबन भी सरकार की इसी मुहिम का एक अहम हिस्सा माना जा रहा है। अब इस मामले में आगे की जांच और कानूनी प्रक्रिया पर सभी की नजर बनी हुई है।








