Darbhanga News: दरभंगा के लहेरियासराय स्थित रहमगंज मतरंजन पोखर परिसर में आयोजित श्रीश्री 108 नवाह यज्ञ का मंगलवार को भव्य समापन हो गया। नौ दिवसीय इस अनुष्ठान के अंतिम दिन हजारों की संख्या में श्रद्धालु बाबा केदारनाथ शिवालय पहुंचे। भक्तों ने कथा श्रवण कर हवन कुंड में परिक्रमा की और महादेव का आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान पूरा क्षेत्र भक्तिमय माहौल में डूबा रहा।
दरभंगा के मतरंजन पोखर में आस्था का सैलाब! नौ दिवसीय नवाह यज्ञ से भक्तों को मिली नई ऊर्जा
Darbhanga Nawaha Yagya: बिहार के दरभंगा जिले में लहेरियासराय के रहमगंज स्थित मतरंजन पोखर में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। यहां बाबा केदारनाथ शिवालय परिसर में नौ दिनों से चल रहे श्रीश्री 108 नवाह यज्ञ का मंगलवार को हवन के साथ भव्य समापन हो गया। इस दौरान हजारों की संख्या में श्रद्धालु कथा सुनने और हवन कुंड की परिक्रमा कर आशीर्वाद लेने पहुंचे। पूरे इलाके में भक्तिमय माहौल बना रहा।






हजारों भक्तों ने लिया भगवान शिव का आशीर्वाद
यज्ञ के अंतिम दिन मंगलवार को सुबह से ही भक्तों की भारी भीड़ बाबा केदारनाथ शिवालय पहुंचने लगी थी। हजारों श्रद्धालुओं ने भगवान शिव की महिमा का श्रवण किया और हवन कुंड में आहुति देकर परिक्रमा की। आयोजन समिति के सदस्यों ने इस अवसर पर मतरंजन पोखर को स्वच्छ बनाए रखने की अपील भी की। समिति के सचिव विनोद कुमार सहनी ने इस संबंध में जानकारी दी।
विनोद कुमार सहनी ने बताया, ‘नौ दिवसीय नवाह यज्ञ हवन एवं प्रसाद वितरण के साथ संपन्न हुआ है। शहर सहित दूर-दराज के क्षेत्रों से भी श्रद्धालु कथा सुनने और पूजा-अर्चना करने पहुंचे।’
दूर-दराज के क्षेत्रों से आए भक्तों ने भी इस आध्यात्मिक आयोजन का लाभ उठाया। प्रसाद वितरण के साथ ही यह नौ दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गया।
भगवान शिव की महिमा से भक्तों को मिली नई ऊर्जा
कथावाचक बाबा राधे कृष्ण ने नवाह यज्ञ के दौरान भगवान शिव की महिमा का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने बताया कि भगवान शिव अपने सभी भक्तों पर समान रूप से कृपा करते हैं। सच्चे मन से केवल जल और बेलपत्र अर्पित करने मात्र से ही वे शीघ्र प्रसन्न हो जाते हैं।
बाबा राधे कृष्ण ने कहा, ‘भगवान शिव सभी भक्तों पर समान कृपा करते हैं। सच्चे मन से जल और बेलपत्र अर्पित करने मात्र से वे प्रसन्न हो जाते हैं। उनकी कृपा से भक्तों के जीवन का अंधकार और दुख दूर होकर उन्हें शांति और नई ऊर्जा प्राप्त होती है।’
उनकी कृपा से भक्तों के जीवन से अंधकार और दुख दूर होता है, जिससे उन्हें शांति और नई ऊर्जा मिलती है। कार्यक्रम का संचालन शंभू सहनी कर रहे थे। इस मौके पर वीआईपी नेता उमेश सहनी, रामवृक्ष सहनी, कोषाध्यक्ष नंद किशोर पंडित, देव नारायण पंडित, परीक्षण सहनी, रामचंद्र सहनी, मिथिलेश पंडित, मनोज सहनी, रामदयाल सहनी, मोहन पंडित, बैजू सहनी, बिरजू सहनी, प्रकाश सहनी, विजय सहनी, राजेश सहनी सहित आयोजन समिति के दर्जनों सदस्य और श्रद्धालु उपस्थित थे। इस आयोजन ने क्षेत्र में सकारात्मक ऊर्जा का संचार किया है।
महादेव की महिमा से दूर हुए कष्ट, भक्तों ने लिया आशीर्वाद
यज्ञ के समापन अवसर पर कथावाचक बाबा राधे कृष्ण ने भगवान शिव की महिमा का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने बताया कि भगवान शिव अपने सभी भक्तों पर समान रूप से कृपा बरसाते हैं। कथावाचक ने जोर देकर कहा कि सच्चे मन से जल और बेलपत्र अर्पित करने मात्र से ही महादेव प्रसन्न हो जाते हैं।
भगवान शिव सभी भक्तों पर समान कृपा करते हैं। सच्चे मन से जल और बेलपत्र अर्पित करने मात्र से वे प्रसन्न हो जाते हैं। उनकी कृपा से भक्तों के जीवन का अंधकार और दुख दूर होकर उन्हें शांति और नई ऊर्जा प्राप्त होती है।
बाबा राधे कृष्ण के अनुसार, उनकी कृपा से भक्तों के जीवन से अंधकार और दुख दूर हो जाते हैं, जिससे उन्हें शांति और नई ऊर्जा मिलती है। कार्यक्रम का संचालन शंभू सहनी ने कुशलतापूर्वक किया।
दूर-दराज से पहुंचे श्रद्धालु, समिति ने की पोखर संरक्षण की अपील
श्रीश्री 108 नवाह यज्ञ के सफल आयोजन पर आयोजन समिति के सचिव विनोद कुमार सहनी ने संतोष व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि यह नौ दिवसीय नवाह यज्ञ हवन और प्रसाद वितरण के साथ संपन्न हुआ है। सचिव सहनी ने जानकारी दी कि केवल शहर से ही नहीं, बल्कि दूर-दराज के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा सुनने और पूजा-अर्चना करने पहुंचे थे।
इस अवसर पर आयोजन समिति की ओर से मतरंजन पोखर को स्वच्छ बनाए रखने की भावुक अपील की गई। समिति के कोषाध्यक्ष नंद किशोर पंडित समेत देव नारायण पंडित, परीक्षण सहनी, रामचंद्र सहनी, मिथिलेश पंडित, मनोज सहनी, रामदयाल सहनी, मोहन पंडित, बैजू सहनी, बिरजू सहनी, प्रकाश सहनी, विजय सहनी और राजेश सहनी सहित दर्जनों श्रद्धालु और वीआईपी नेता उमेश सहनी, रामवृक्ष सहनी भी मौजूद रहे। इस आयोजन ने क्षेत्र में धार्मिक चेतना और सामुदायिक एकजुटता को मजबूत किया।








