Samastipur Double Murder: बिहार के समस्तीपुर जिले में एक बार फिर अपराधियों ने पुलिस को चुनौती देते हुए बड़ी वारदात को अंजाम दिया है। चकमेहसी थाना क्षेत्र के नामापुर गांव में देर रात अज्ञात हमलावरों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर शराब कारोबारी प्रभात चौधरी और उसके साथी सन्नी की निर्मम हत्या कर दी। इस सनसनीखेज Samastipur Double Murder के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है।
घटना की सूचना मिलते ही चकमेहसी थानाध्यक्ष के साथ समस्तीपुर पुलिस के वरीय अधिकारी तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे और जांच शुरू कर दी। पुलिस ने मौके से तीन लोडेड मैग्जीन और कई गोलियां बरामद की हैं। मृतक प्रभात चौधरी नामापुर गांव का रहने वाला था, जबकि सन्नी कुमार बेलसंडी गांव का निवासी था।






समस्तीपुर में खूनी खेल! शराब कारोबारी को सिर में मारीं दर्जनभर से ज्यादा गोलियां, साथी भी ढेर
Samastipur Crime News: बिहार के समस्तीपुर जिले में देर रात अज्ञात अपराधियों ने सनसनीखेज वारदात को अंजाम दिया है। चकमेहसी थाना क्षेत्र के नामापुर गांव में शराब कारोबारी प्रभात चौधरी और उसके साथी सन्नी की ताबड़तोड़ फायरिंग कर हत्या कर दी गई। इस दोहरे हत्याकांड से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। पुलिस ने घटनास्थल से तीन लोडेड मैग्जीन और गोलियां बरामद की हैं।
जानकारी के अनुसार, मृतक प्रभात चौधरी नामापुर गांव का रहने वाला था, जबकि सन्नी कुमार बेलसंडी गांव का निवासी था। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, दोनों युवक गांव के पास एक सुनसान जगह पर मौजूद थे। तभी घात लगाए बैठे अपराधियों ने उन पर अंधाधुंध गोलियां बरसा दीं। गोलियां लगने से दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। इस वारदात के दौरान उनके साथ एक ड्राइवर भी था, जिसने अपनी जान बचाकर स्कार्पियो गाड़ी से भागने में सफलता पाई। अपराधियों ने प्रभात चौधरी के सिर में दर्जनभर से भी ज्यादा गोलियां मारी हैं।
शराब कारोबार में वर्चस्व की लड़ाई, पिता ने पुलिस पर उठाए सवाल
पुलिस सूत्रों के अनुसार, मृतक प्रभात चौधरी पर शराब तस्करी और आर्म्स एक्ट के कई मामले दर्ज थे। वर्ष 2023 में भी न्यायालय परिसर में पेशी के दौरान उस पर फायरिंग की गई थी, जिसमें गोली उसकी जांघ में लगी थी। उस घटना में उसके एक अन्य साथी को भी हाथ में गोली लगी थी। तत्कालीन एसपी विनय तिवारी ने उस समय दो थाना अध्यक्षों को निलंबित भी किया था। मौजूदा वारदात के पीछे शराब कारोबार में पैसों के लेन-देन और वर्चस्व की लड़ाई को मुख्य वजह माना जा रहा है।
मृतक प्रभात के पिता संजय कुमार चौधरी ने बताया, ‘मेरा बेटा फोन पर किसी के बुलावे पर शाम करीब सात बजे घर से निकला था। बाद में हमें सूचना मिली कि नामापुर में प्रभात और उसके एक साथी की गोली मारकर हत्या कर दी गई है।’ उन्होंने आरोप लगाया कि कोर्ट परिसर में उनके बेटे पर हुए जानलेवा हमले में पुलिस की भूमिका संदिग्ध थी।
मौके पर भारी पुलिस बल तैनात, जांच जारी
घटना की सूचना मिलते ही चकमेहसी थानाध्यक्ष के साथ समस्तीपुर पुलिस के वरीय अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे और जांच में जुट गए। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया है। इलाके में तनाव की स्थिति को देखते हुए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस फिलहाल मामले की गहनता से जांच कर रही है और अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। पढ़िए विस्तार से
शराब कारोबार में वर्चस्व की लड़ाई और पुराना विवाद
पुलिस सूत्रों के अनुसार, दोनों युवक गांव के पास एक सुनसान स्थान पर मौजूद थे, तभी घात लगाए अपराधियों ने उन पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी। गोलियां लगने से दोनों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। बताया जा रहा है कि प्रभात चौधरी को सिर में दर्जनभर से ज्यादा गोलियां लगी थीं। इस दौरान उनके साथ मौजूद एक ड्राइवर स्कार्पियो से जान बचाकर फरार हो गया। हमलावर वारदात को अंजाम देकर मौके से भाग निकले।
पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि मृतक प्रभात चौधरी पर शराब तस्करी और आर्म्स एक्ट के कई मामले दर्ज थे। सूत्रों की मानें तो इस दोहरे हत्याकांड के पीछे शराब कारोबार में पैसों के लेन-देन और वर्चस्व की पुरानी लड़ाई हो सकती है।
पिता ने पुलिस की भूमिका पर उठाए सवाल
मृतक प्रभात चौधरी के पिता संजय कुमार चौधरी ने घटना के संबंध में बताया कि उनका बेटा शाम करीब सात बजे किसी के बुलावे पर फोन पर बात करते हुए घर से निकला था। बाद में उन्हें जानकारी मिली कि नामापुर में प्रभात और उसके एक साथी की गोली मारकर हत्या कर दी गई है।
मृतक के पिता संजय कुमार चौधरी ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा, ‘कोर्ट परिसर में उसके ऊपर हुए जानलेवा हमला में पुलिस की भूमिका संदिग्ध थी।’
गौरतलब है कि वर्ष 2023 में भी न्यायालय परिसर में पेशी के दौरान प्रभात पर जानलेवा हमला हुआ था, जिसमें उसे जांघ में गोली लगी थी और उसके साथ एक अन्य व्यक्ति को भी हाथ में गोली लगी थी। उस वक्त के तत्कालीन एसपी विनय तिवारी ने इस मामले में दो थाना अध्यक्षों को निलंबित भी किया था। पिता के इन आरोपों से पुलिस की कार्यप्रणाली पर फिर से सवाल खड़े हो गए हैं। फिलहाल, पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया है। इलाके में तनाव को देखते हुए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है।








