Munger News: बिहार के मुंगेर जिले से एक हैरान कर देने वाली खबर सामने आई है, जहां दिल्ली से लापता हुई तीन नाबालिग सहेलियों को सुरक्षित बरामद कर लिया गया है। ये लड़कियां अपने माता-पिता की पढ़ाई संबंधी डांट से नाराज होकर घर से निकल गई थीं और बिना टिकट ट्रेन से सफर कर मुंगेर पहुंच गईं। एक सप्ताह पहले दिल्ली से लापता हुईं इन लड़कियों को असरगंज पुलिस ने अपनी सूझबूझ से खोज निकाला।
दिल्ली से लापता हुई थीं 3 नाबालिग सहेलियां, मुंगेर में मिलीं! डांट से नाराज होकर बिहार पहुंचीं
Bihar Missing Girls: दिल्ली से एक सप्ताह पहले लापता हुईं तीन नाबालिग सहेलियों को मुंगेर पुलिस ने सुरक्षित ढूंढ निकाला है। पढ़ाई को लेकर माता-पिता की डांट से नाराज होकर ये तीनों बिना टिकट ट्रेन से बिहार पहुंच गई थीं। पुलिस ने इन्हें मुंगेर के असरगंज इलाके से बरामद किया, जिसके बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ।






डांट से नाराज होकर घर छोड़ा, बिना टिकट पहुंचीं बिहार
दिल्ली में माता-पिता की डांट से नाराज होकर तीन नाबालिग सहेलियां एक सप्ताह पहले अपने घर से निकल गई थीं। उन्होंने बिना टिकट ही ट्रेन से बिहार की यात्रा की। मुंगेर के असरगंज थाना क्षेत्र में अद्रास गांव के पास तीनों किशोरियों को घूमते हुए देखा गया। स्थानीय लोगों की सूचना पर असरगंज पुलिस मौके पर पहुंची और उन्हें अपने संरक्षण में लिया।
मुंगेर पुलिस की सतर्कता से मिली सफलता
असरगंज पुलिस ने इन नाबालिग सहेलियों को बरामद करने में सतर्कता और सूझबूझ का परिचय दिया। शुरुआती पूछताछ में लड़कियों ने अपनी पहचान और दिल्ली से आने की बात बताई। पुलिस ने तत्काल दिल्ली पुलिस से संपर्क साधा और उनके परिजनों को सूचना दी। इस त्वरित कार्रवाई से तीनों लड़कियों को सुरक्षित उनके परिवार तक पहुंचाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया।
बाल कल्याण समिति को सौंपा गया, आगे की प्रक्रिया जारी
कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद, मुंगेर पुलिस ने तीनों नाबालिग सहेलियों को बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) मुंगेर के सुपुर्द कर दिया। बाल कल्याण समिति अब इन लड़कियों की काउंसलिंग करेगी और उनके परिजनों से संपर्क स्थापित कर उन्हें घर भेजने की व्यवस्था करेगी। यह घटना दर्शाती है कि बच्चों को छोटी-मोटी बातों पर भी डांटने से पहले माता-पिता को उनके मन पर पड़ने वाले प्रभाव पर विचार करना चाहिए।
डांट के बाद घर से निकलीं नाबालिग सहेलियां
दिल्ली से लापता हुईं ये तीनों सहेलियां नाबालिग हैं। जानकारी के अनुसार, पढ़ाई को लेकर माता-पिता की डांट के बाद वे नाराज हो गईं। इसी नाराजगी में उन्होंने घर छोड़ने का फैसला किया। बिना किसी को बताए, वे घर से निकल पड़ीं और बिना टिकट ट्रेन में सवार होकर बिहार की ओर चल दीं। एक सप्ताह तक उनके परिजनों को उनकी कोई खबर नहीं थी, जिससे उनकी चिंता लगातार बढ़ती जा रही थी।
असरगंज पुलिस की सतर्कता से मिलीं लड़कियां
असरगंज पुलिस को सूचना मिली कि तीन किशोरियां अद्रास गांव के समीप घूम रही हैं। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मौके पर पहुंचकर तीनों लड़कियों को अपने संरक्षण में लिया। उनसे पूछताछ की गई, जिसके बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ। पुलिस की सतर्कता और सूझबूझ के कारण ही इन नाबालिग लड़कियों को सुरक्षित ढूंढ पाना संभव हो सका।
बाल कल्याण समिति को सौंपा गया, परिजनों को सूचना
कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद, असरगंज पुलिस ने तीनों नाबालिग सहेलियों को बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) मुंगेर के सुपुर्द कर दिया। समिति अब आगे की कार्रवाई कर रही है। पुलिस ने उनके परिजनों को भी इस बारे में सूचना दे दी है। जल्द ही लड़कियों को उनके परिवार को सौंप दिया जाएगा। यह घटना बच्चों के साथ संवाद और उनकी मानसिक स्थिति को समझने की आवश्यकता पर जोर देती है।








