Bihar Weather Tomorrow: आज 10 जुलाई को बिहार में मौसम का मिजाज बदलने वाला है, जहां उत्तर बिहार के 12 जिलों में तेज आंधी, पानी और वज्रपात का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने मुजफ्फरपुर और दरभंगा सहित कई इलाकों में मूसलाधार बारिश की चेतावनी दी है, जिससे जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है।
बिहार में कल से बदलेगा मौसम: इन 12 जिलों में ऑरेंज अलर्ट, वज्रपात से बचें!
Bihar Weather Tomorrow: बिहार में कल, 10 जुलाई को मौसम का मिजाज बदलने वाला है। मौसम विभाग ने उत्तर बिहार के 12 जिलों के लिए आंधी, पानी और ठनका (वज्रपात) का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जिससे लोगों को विशेष सावधानी बरतने की अपील की गई है। मॉनसून की सक्रियता बढ़ने के कारण मूसलाधार बारिश और बाढ़ जैसी स्थिति का खतरा मंडरा रहा है।






उत्तर बिहार में मूसलाधार बारिश का अलर्ट, इन जिलों में वज्रपात का खतरा
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 10 जुलाई से बिहार में मॉनसूनी बारिश की गतिविधियां तेज होंगी। समुद्र तल से 5.8 किलोमीटर ऊपर उत्तर बिहार एवं आसपास के इलाकों में ऊपरी हवा का एक चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। वहीं, दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश में भी कम दबाव का क्षेत्र (लो-प्रेशर एरिया) बना हुआ है, जिसका सीधा प्रभाव राज्य के मौसम पर दिख रहा है। मॉनसून ट्रफ भी बिहार से होकर गुजर रही है, जिससे उत्तर-पश्चिम, उत्तर-मध्य और उत्तर-पूर्व बिहार के अधिकतर जिलों में मूसलाधार बारिश की संभावना है। चंपारण, सारण, तिरहुत, मिथिला, कोसी और सीमांचल क्षेत्र में शुक्रवार को अच्छी बरसात होने के पूरे आसार हैं, जिससे बाढ़ और जलजमाव की आशंका भी बनी रहेगी।
मौसम विभाग ने शुक्रवार, 10 जुलाई को आंधी और वज्रपात के लिए इन 12 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश और आकाशीय बिजली गिरने का खतरा है:
| क्षेत्र | जिले |
|---|---|
| उत्तर-पश्चिमी बिहार | पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण |
| सारण प्रमंडल | सारण (छपरा), गोपालगंज, सीवान |
| तिरहुत प्रमंडल | शिवहर, सीतामढ़ी, मुजफ्फरपुर, वैशाली |
| मिथिलांचल | मधुबनी, दरभंगा, समस्तीपुर |
इन जिलों में रहने वाले लोगों को विशेष रूप से सतर्क रहने और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।
पटना का हाल, पूर्वी बिहार में येलो अलर्ट और बारिश की बड़ी कमी
राजधानी पटना में शुक्रवार को आसमान में बादल छाए रहेंगे, हालांकि भारी बारिश की संभावना नहीं है। दिन में एक-दो बार हल्की से मध्यम दर्जे की बूंदाबांदी देखने को मिल सकती है। पटना के लिए मौसम विभाग ने कोई विशेष अलर्ट जारी नहीं किया है, और अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।
वहीं, पूर्वी बिहार के कई जिलों में भी मौसम बिगड़ने की आशंका है। खगड़िया, भागलपुर, बांका, जमुई और मुंगेर जैसे जिलों के लिए 10 जुलाई को येलो अलर्ट जारी किया गया है, जहां लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
इस मॉनसून सीजन में बिहार अभी भी बारिश की भारी कमी से जूझ रहा है। राज्य में अब तक औसतन 263 मिलीमीटर बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन सिर्फ 124.7 मिलीमीटर पानी ही गिरा है। यह सामान्य से 53 प्रतिशत कम है। पटना, गया, लखीसराय, भोजपुर, वैशाली, सारण, गोपालगंज, रोहतास, कैमूर, औरंगाबाद, बक्सर, नवादा, पूर्णिया, सीतामढ़ी और खगड़िया जैसे जिले गंभीर सूखे जैसी स्थिति का सामना कर रहे हैं।
हालांकि, कुछ जिले ऐसे भी हैं जहां औसत से अधिक बारिश हुई है। कटिहार, भागलपुर, बांका और समस्तीपुर में अब तक सामान्य से ज्यादा बरसात दर्ज की गई है, जो बाकी राज्य की स्थिति से बिल्कुल विपरीत है।
आगामी दिनों में मॉनसून की सक्रियता बढ़ने से भले ही कुछ इलाकों में राहत मिल सकती है, लेकिन राज्यव्यापी बारिश की कमी चिंता का विषय बनी हुई है। मौसम विभाग ने लोगों से लगातार अपडेट रहने और वज्रपात से बचाव के लिए आवश्यक उपाय करने की अपील की है।
12 जिलों में ऑरेंज अलर्ट, इन क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश का खतरा
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 10 जुलाई को उत्तर बिहार के पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, सारण (छपरा), गोपालगंज, सीवान, शिवहर, सीतामढ़ी, मुजफ्फरपुर, वैशाली, मधुबनी, दरभंगा और समस्तीपुर जिले में आंधी के साथ तेज बारिश और आकाशीय बिजली गिरने की प्रबल संभावना है। चंपारण से लेकर सारण, तिरहुत, मिथिला, कोसी और सीमांचल तक के क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश की गतिविधियां तेज होंगी, जिससे बाढ़ और जलजमाव का खतरा बढ़ गया है।
बिहार में मौसम बदलने के मुख्य कारण: मॉनसून और निम्न दबाव का क्षेत्र
गुरुवार को मॉनसून ने पूरे देश को अपनी चपेट में ले लिया है, जिसका सीधा असर बिहार के मौसम पर दिख रहा है। वर्तमान में मॉनसून ट्रफ राज्य से होकर गुजर रही है। इसके साथ ही, समुद्र तल से 5.8 किलोमीटर ऊपर उत्तर बिहार और उसके आसपास के इलाकों में एक चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश में भी एक कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है, जो बिहार में बारिश की गतिविधियों को और बढ़ाएगा। पूर्वी बिहार के खगड़िया, भागलपुर, बांका, जमुई और मुंगेर जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है, जहां मौसम बिगड़ने की आशंका है।
राजधानी पटना का हाल और बारिश की भारी कमी
राजधानी पटना में शुक्रवार को आसमान में बादल छाए रहेंगे, हालांकि यहां भारी बारिश की उम्मीद नहीं है। दिन के समय एक या दो बार हल्की से मध्यम बूंदाबांदी हो सकती है। मौसम विभाग ने पटना के लिए फिलहाल कोई विशेष अलर्ट जारी नहीं किया है, और अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। इस मॉनसून सीजन में बिहार में अब तक बारिश की भारी कमी दर्ज की गई है। राज्य में औसतन 263 मिलीमीटर बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन अभी तक केवल 124.7 मिलीमीटर ही हुई है, जो सामान्य से लगभग 53 प्रतिशत कम है। पटना, गयाजी, लखीसराय, भोजपुर, वैशाली, सारण, गोपालगंज, रोहतास, कैमूर, औरंगाबाद, बक्सर, नवादा, पूर्णिया, सीतामढ़ी और खगड़िया सहित कई जिले इस कमी का सामना कर रहे हैं। वहीं, कटिहार, भागलपुर, बांका और समस्तीपुर ही ऐसे जिले हैं जहां औसत से अधिक बारिश हुई है।
आगामी दिनों में मॉनसून की सक्रियता बढ़ने से बिहार के कई हिस्सों में राहत मिल सकती है, लेकिन जिन जिलों में ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया गया है, वहां के निवासियों को आंधी, बारिश और वज्रपात से विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। सुरक्षित रहने के लिए मौसम विभाग द्वारा जारी निर्देशों का पालन करना महत्वपूर्ण है।








