Bhagalpur Namami Gange: गंगा नदी की स्वच्छता और अविरलता सुनिश्चित करने के लिए भागलपुर जिला पदाधिकारी ने कड़ा रुख अपनाया है। 20 जुलाई को समाहरणालय स्थित समीक्षा कक्ष में नमामि गंगे कार्यक्रम के अंतर्गत चल रही विभिन्न योजनाओं की गहन समीक्षा की गई। इस दौरान जिला पदाधिकारी ने गंगा संरक्षण से जुड़े सभी विभागों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण कार्य पूरा करने का सख्त निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी तरह की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
गंगा स्वच्छता पर DM का सख्त रुख: समयबद्धता और गुणवत्ता पर जोर
बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिला पदाधिकारी ने कहा कि ‘नमामि गंगे केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि जनभागीदारी से जुड़ा एक महत्वपूर्ण अभियान है।’ उन्होंने सभी संबंधित विभागों को चेताया कि गंगा की स्वच्छता एवं संरक्षण के लिए गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करना उनकी प्राथमिकता होनी चाहिए। अधिकारी ने निर्देश दिया कि कार्य प्रगति की नियमित समीक्षा की जाए और आवश्यकता पड़ने पर सुधारात्मक कार्रवाई तुरंत की जाए।






‘गंगा की स्वच्छता एवं संरक्षण के लिए सभी संबंधित विभागों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करना होगा। योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए तथा नियमित रूप से प्रगति की समीक्षा करते हुए आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई की जाए।’
इन योजनाओं की हुई गहन समीक्षा, प्रदूषण मुक्ति का संकल्प
समीक्षा बैठक में कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा हुई। इनमें जलापूर्ति व्यवस्था की वर्तमान स्थिति, सीवेज शोधन संयंत्र (एस.टी.पी.) और इंटरमीडिएट पंपिंग स्टेशन (आई.पी.एस.) के निर्माण कार्यों की प्रगति, शवदाह गृह निर्माण, बायो-मेडिकल अपशिष्ट प्रबंधन, व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण अभियान तथा ठोस अपशिष्ट (सॉलिड वेस्ट) प्रबंधन शामिल थे। संबंधित विभागों के अधिकारियों ने अपनी अद्यतन प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की और आगामी कार्ययोजना भी साझा की।

जिला पदाधिकारी ने खास तौर पर गंगा तटों पर स्वच्छता व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि ठोस एवं तरल अपशिष्ट के वैज्ञानिक प्रबंधन को प्राथमिकता दी जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी सूरत में बिना उपचार के कोई भी प्रदूषण गंगा नदी में प्रवाहित न हो। निर्माणाधीन परियोजनाओं को तय समय पर और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा करने के लिए भी विशेष बल दिया गया।
जनभागीदारी से होगा गंगा का संरक्षण
बैठक में गंगा संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने और स्थानीय निकायों, शैक्षणिक संस्थानों, स्वयंसेवी संगठनों तथा आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर भी विचार-विमर्श हुआ। पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से अधिक से अधिक वृक्षारोपण, स्वच्छता अभियान और जनसहभागिता आधारित कार्यक्रमों को गति देने का निर्णय लिया गया।
इस बैठक में संबंधित विभागों के वरिष्ठ पदाधिकारी, तकनीकी विशेषज्ञ, क्षेत्र के गणमान्य शिक्षाविद, प्रबुद्ध समाजसेवी और अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे। सभी विभागों को आपसी समन्वय और नियमित निगरानी के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए, ताकि गंगा नदी को स्वच्छ, निर्मल और प्रदूषणमुक्त बनाने के राष्ट्रीय लक्ष्य को सफलतापूर्वक हासिल किया जा सके।







