Bihar Vidhan Sabha Monsoon Session: बिहार विधानमंडल के मानसून सत्र का दूसरा दिन कई महत्वपूर्ण फैसलों और घोषणाओं के नाम रहा। दोपहर बाद बिहार विधानसभा की कार्यवाही शुरू होते ही सरकार ने एक साथ सात अहम विधेयक सदन में पेश किए, जिन पर चर्चा भी शुरू हो गई। इन विधेयकों में जुआ कानून, जीएसटी, भूमि दाखिल-खारिज, चिकित्सा और नर्सेस के पंजीकरण से जुड़े प्रस्ताव शामिल हैं।
सत्र के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शिक्षक भर्ती और पंचायत टैक्स जैसे जनता से जुड़े मुद्दों पर भी सदन में अपनी बात रखी। इन घोषणाओं का सीधा असर राज्य के लाखों युवाओं और आम नागरिकों पर पड़ेगा।






बिहार विधानसभा में पेश हुए ये 7 महत्वपूर्ण विधेयक
सरकार ने विधानसभा में जिन सात विधेयकों को पेश किया है, वे राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में बड़े बदलाव ला सकते हैं। इन पर सदन में विस्तृत चर्चा के बाद पारित करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

- बिहार जुआ (प्रतिषेध) विधेयक, 2026
- बिहार माल एवं सेवा कर (GST) संशोधन विधेयक, 2026
- बिहार भूमि दाखिल-खारिज संशोधन विधेयक, 2026
- बिहार चीनी उपक्रम (अर्जन) संशोधन विधेयक, 2026
- बिहार चिकित्सा संशोधन विधेयक, 2026
- बिहार नर्सेस पंजीकरण संशोधन विधेयक, 2026
- बिहार कृषि भूमि (गैर कृषि प्रयोजन के लिए सम्परिवर्तन) (निरसन) विधेयक, 2026
शिक्षकों की कमी पर सीएम सम्राट चौधरी ने क्या कहा?
विधानसभा में जदयू विधायक श्याम रजक ने इंदिरा आंबेडकर विद्यालयों में शिक्षकों की भारी कमी का मुद्दा उठाया। उन्होंने बताया कि इन स्कूलों में करीब 62 प्रतिशत पद खाली पड़े हैं, जिससे छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
एससी-एसटी कल्याण मंत्री लखेंद्र कुमार रौशन ने सदन को आश्वस्त किया कि शिक्षक भर्ती के लिए बीपीएससी को अधियाचना भेज दी गई है।
इस गंभीर मामले पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि सरकार इस मुद्दे को लेकर गंभीर है और इस पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने सदन के सदस्य की चिंता को पूरी तरह उचित बताया।
TRE-4 शिक्षक भर्ती और 1 लाख नई नियुक्तियों का लक्ष्य
शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने सदन में एक बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि TRE-4 शिक्षक भर्ती की अधिसूचना इसी महीने जारी कर दी जाएगी। यह खबर उन लाखों अभ्यर्थियों के लिए राहत भरी है, जो नई शिक्षक भर्ती का इंतजार कर रहे हैं।
शिक्षा मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के निर्देश पर अगले पांच वर्षों में कुल एक लाख शिक्षकों की भर्ती का लक्ष्य तय किया गया है। साथ ही, भर्ती प्रक्रिया की कमियों को भी दूर करने का प्रयास किया जाएगा, ताकि अभ्यर्थियों की शिकायतें कम हों और प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहे।
पंचायत टैक्स पर मुख्यमंत्री का स्पष्टीकरण
विधान परिषद में ग्राम पंचायतों में टैक्स वसूली का मुद्दा भी गरमाया। राजद एमएलसी सुनील सिंह ने गरीबों से होल्डिंग टैक्स वसूलने का कड़ा विरोध किया, जिससे सदन में तीखी नोकझोंक देखने को मिली।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस पर स्पष्टीकरण देते हुए कहा, ‘गरीबों पर नया टैक्स लगाने की बात पूरी तरह भ्रामक और निराधार है। सरकार गरीबों पर किसी तरह का अतिरिक्त टैक्स नहीं लगा रही है।’
मुख्यमंत्री के इस बयान से उन अटकलों पर विराम लग गया, जिनमें गरीबों पर नए टैक्स लगाए जाने की बात कही जा रही थी। यह सरकार की ओर से एक महत्वपूर्ण आश्वासन है, जो ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी राहत दे सकता है।









