Bihar AI Course: ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा ने छात्रों को एआई-सहायित फॉरेंसिक एवं साइबर कौशल विकास पाठ्यक्रम में आवेदन करने का एक और मौका दिया है। कुलपति प्रो. संजय कुमार चौधरी के निर्देश पर इस रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रम के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 24 जुलाई से बढ़ाकर 30 जुलाई, 2026 कर दी गई है। यह एक वर्षीय प्रमाण पत्र पाठ्यक्रम युवाओं को कृत्रिम बुद्धिमत्ता, फॉरेंसिक विज्ञान और साइबर सुरक्षा जैसे भविष्य के क्षेत्रों में विशेषज्ञ बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
भविष्य के लिए तैयार करेगा LNMU का यह AI कोर्स
राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप तैयार किया गया यह पाठ्यक्रम विद्यार्थियों को उद्योगोन्मुखी ज्ञान और व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान करेगा। विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर भौतिकी विभाग द्वारा संचालित यह कोर्स, डिजिटल भारत के भविष्य में युवाओं को नैतिक और कुशल पेशेवर के रूप में महत्वपूर्ण योगदान देने के लिए प्रेरित करेगा। कुलपति प्रो. संजय कुमार चौधरी ने जोर देकर कहा कि छात्रों के हित को सर्वोपरि रखते हुए यह निर्णय लिया गया है ताकि अधिक से अधिक विद्यार्थी इस महत्वपूर्ण अवसर का लाभ उठा सकें।






“मैं सभी पात्र एवं इच्छुक अभ्यर्थियों से आग्रह करता हूँ कि वे इस अतिरिक्त अवसर का लाभ उठाते हुए समय रहते आवेदन करें और भविष्य की उभरती प्रौद्योगिकियों पर आधारित इस अभिनव पाठ्यक्रम का हिस्सा बनें।”
साइबर अपराध से लड़ने में युवाओं की भूमिका
आज जब साइबर अपराध और ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी समाज के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई है, तब फॉरेंसिक विज्ञान और साइबर सुरक्षा में प्रशिक्षित विशेषज्ञों की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक है। कार्यक्रम की नोडल पदाधिकारी डॉ. पूजा अग्रवाल ने बताया कि यह पाठ्यक्रम विद्यार्थियों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित फॉरेंसिक तकनीकों, साइबर सुरक्षा और डिजिटल जांच के आधुनिक कौशल से लैस करेगा। इससे न केवल उन्हें शानदार करियर के अवसर मिलेंगे, बल्कि वे राष्ट्र की डिजिटल सुरक्षा और साइबर अपराध नियंत्रण में भी सक्रिय भूमिका निभा सकेंगे।
प्रवेश के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 10+2/इंटरमीडिएट उत्तीर्ण है, जबकि स्नातक और स्नातकोत्तर अभ्यर्थी भी इसमें आवेदन कर सकते हैं। विश्वविद्यालय भौतिकी विभाग के वरिष्ठ प्राध्यापक प्रो. अरुण कुमार सिंह ने इस कोर्स को विश्वविद्यालय के लिए मील का पत्थर बताया, जिससे नामांकित छात्र स्वरोजगार सहित अन्य क्षेत्रों में अपनी उपस्थिति दर्ज करा सकेंगे।
“मैं सभी विद्यार्थियों को इस पाठ्यक्रम में नामांकन लेकर एक सफल और उज्ज्वल करियर की दिशा में पहला कदम बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करती हूँ। यह कार्यक्रम उन्हें व्यावहारिक कौशल, कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित फॉरेंसिक तकनीकों तथा उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप ज्ञान प्रदान करेगा।”
सह-समन्वयक डॉ. पारुल बनर्जी ने भी पाठ्यक्रम की सफलता पर विश्वास व्यक्त किया है। इच्छुक अभ्यर्थी प्रवेश संबंधी विस्तृत जानकारी, परामर्श और स्पॉट एडमिशन के लिए ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर भौतिकी विभाग से संपर्क कर सकते हैं। अपने भविष्य को सुरक्षित करने के लिए आवेदन की विस्तारित अंतिम तिथि 30 जुलाई, 2026 तक इस सुनहरे अवसर का लाभ उठाएं।








