Bihar Landless Families: दरभंगा जिले के कुशेश्वरस्थान पूर्वी अंचल में छह भूमिहीन परिवारों को वास भूमि का बंदोबस्ती पर्चा मिलने से उनके चेहरे खिल उठे हैं। उजुआ सिमरटोका पंचायत के कोला टोका गांव में हुई इस पहल से उन परिवारों को बड़ी राहत मिली है, जो लंबे समय से अपने स्थायी आवास की उम्मीद लगाए बैठे थे। राज्य सरकार की इस योजना ने इन जरूरतमंदों को अपनी जमीन का मालिक बना दिया है।
हर परिवार को मिला तीन डिसमिल जमीन का हक
अंचलाधिकारी (सीओ) राकेश रौशन भारती ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि प्रत्येक लाभार्थी परिवार को तीन-तीन डिसमिल सरकारी भूमि वास के लिए बंदोबस्त की गई है। यह आवंटन राज्य सरकार की उस मंशा के अनुरूप किया जा रहा है, जिसमें भूमिहीन परिवारों को आवास के लिए जमीन उपलब्ध कराने को प्राथमिकता दी जा रही है। सीओ भारती ने स्पष्ट किया कि इस कदम से जरूरतमंद परिवारों को न सिर्फ स्थायी आवास बनाने में सुविधा होगी, बल्कि उनके जीवन स्तर में भी महत्वपूर्ण सुधार आएगा।






अंचलाधिकारी राकेश रौशन भारती ने कहा, ‘राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप भूमिहीन परिवारों को आवास के लिए भूमि उपलब्ध कराने का कार्य प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है। इससे जरूरतमंद परिवारों को स्थायी आवास बनाने में सुविधा मिलेगी और उनके जीवन स्तर में सुधार आएगा।’
इन परिवारों को मिला लाभ, दूर हुई वर्षों पुरानी समस्या
जिन छह भूमिहीन परिवारों को वास भूमि का पर्चा प्रदान किया गया है, उनमें दिलीप राम की पत्नी सुनीता देवी, अवधेश राम की पत्नी किरण देवी, अशोक राम की पत्नी रिया देवी, शिवसागर मुखिया की पत्नी चमेली देवी, गंगा मुखिया की पत्नी कल्पना देवी और पंकज राय की पत्नी ममता देवी शामिल हैं। इन सभी लाभार्थियों ने सरकार और अंचल प्रशासन का आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि वर्षों से वास भूमि की समस्या उनके लिए एक बड़ी चुनौती बनी हुई थी, जो अब जाकर दूर हो गई है।
लाभार्थियों ने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी ऐसे पात्र भूमिहीन परिवारों को इस महत्वपूर्ण योजना का लाभ मिलता रहेगा। यह पहल न केवल उन्हें छत प्रदान करेगी, बल्कि सामाजिक सुरक्षा और सम्मान का भी एहसास कराएगी।








