Bihar Bandh: नीट पेपर लीक मामले में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर बिहार में छात्र संगठनों और वामपंथी दलों द्वारा बुलाए गए ‘बिहार बंद’ ने शनिवार को दिनभर भारी हंगामा, हिंसा और सियासी हलचल पैदा की. सुबह से शुरू हुआ यह आंदोलन दोपहर तक राज्य के कई हिस्सों में उग्र हो गया, वहीं शाम ढलते-ढलते एक बड़े राजनीतिक घटनाक्रम के साथ खत्म हुआ.
सुबह का शांत माहौल: हाई अलर्ट और कड़ी सुरक्षा
शनिवार सुबह 6:00 बजे से 10:00 बजे तक पूरे बिहार में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रही. पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर राज्यभर में लगभग 70 हजार पुलिसकर्मियों और केंद्रीय बलों (CISF, BSF, SSB, CRPF) को तैनात किया गया था. पटना, औरंगाबाद और बेगूसराय जैसे कई जिलों में एहतियातन स्कूल-कॉलेज बंद रखे गए. राजधानी पटना के डाकबंगला चौराहा, जेपी गोलंबर और गांधी मैदान जैसे संवेदनशील इलाकों में एसएसपी ने खुद फ्लैग मार्च किया. शुरुआती घंटों में सड़कों पर यातायात सामान्य रहा और जनजीवन भी शांतिपूर्ण दिखा.






दोपहर में भड़का प्रदर्शन: ट्रेनें रोकीं, सड़कें जाम
सुबह 10:00 बजे से दोपहर 1:00 बजे के बीच छात्र संगठनों और वामपंथी कार्यकर्ताओं का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा. पटना के डाकबंगला चौराहे पर हजारों छात्र इकट्ठा होकर सरकार विरोधी नारे लगाने लगे. भोजपुर के आरा रेलवे स्टेशन पर बंद समर्थकों ने प्लेटफॉर्म नंबर 2 पर पहुंचकर पटना-बक्सर पैसेंजर ट्रेन को रोक दिया और ट्रैक पर प्रदर्शन किया. आरा में ही आरपीएफ अधिकारियों के साथ धक्का-मुक्की की घटनाएं भी हुईं, जबकि शिवहर और मधेपुरा में प्रदर्शनकारियों ने मुख्य सड़कों को जाम कर दिया.
शाम तक उग्र हुई हिंसा: एसपी समेत कई पुलिसकर्मी घायल
दोपहर 1:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक कई जिलों में प्रदर्शन अचानक हिंसक हो गया. सीवान में उग्र भीड़ ने पुलिस पर जमकर पथराव किया, जिसमें सीवान के एसपी पूरन कुमार झा घायल हो गए. हालात को काबू करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज, आंसू गैस के गोले दागने पड़े और लगभग 10 राउंड हवाई फायरिंग करनी पड़ी. सीतामढ़ी के शंकर चौक पर हुए पथराव में एसपी अमित रंजन के पैर में चोट आई और एक एसआई समेत 13 पुलिसकर्मी जख्मी हुए. छपरा में प्रदर्शनकारियों के पथराव से सदर बीडीओ दृष्टि पांडेय घायल हो गईं और एक पुलिस वाहन को आग के हवाले कर दिया गया. बेतिया और भागलपुर में भी पुलिस की गाड़ियों में तोड़फोड़ के बाद लाठीचार्ज कर उपद्रवियों को खदेड़ा गया.

धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा: छात्रों में जश्न और आगे की जांच
दोपहर 2:18 मिनट पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर आई, जिसने पूरे ‘बिहार बंद’ आंदोलन को एक नया मोड़ दे दिया. इस खबर के सामने आते ही पटना के डाकबंगला चौराहे पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों में खुशी की लहर दौड़ गई. उन्होंने ‘जीत गए’ के नारे लगाते हुए जमकर जश्न मनाया.
‘जीत गए!’ – पटना के डाकबंगला चौराहे पर प्रदर्शनकारी छात्रों के नारे, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर के बाद.
हालांकि, कुछ जगहों पर इसके बावजूद छिटपुट विरोध जारी रहा. पुलिस प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त बल तैनात करके स्थिति को पूरी तरह नियंत्रण में लिया. एहतियात के तौर पर प्रभावित क्षेत्रों में इंटरनेट की स्पीड धीमी कर दी गई है और उपद्रवियों की पहचान के लिए जांच शुरू कर दी गई है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके.









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