Bihar Minister Post: हाल ही में बिहार में मंत्री पद की शपथ लेने वाले राष्ट्रीय लोक मोर्चा के प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश के राजनीतिक भविष्य को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। दीपक प्रकाश ने खुद अपने मंत्री पद पर आगे क्या होगा, इसे लेकर अनिश्चितता व्यक्त की है। उनका कहना है कि यह फैसला एनडीए गठबंधन का नेतृत्व करेगा।
बिना सदन सदस्य बने कैसे मिला मंत्री पद?
दीपक प्रकाश को मंत्री बनने से पहले बिहार विधानसभा या विधान परिषद का चुनाव लड़ने का मौका नहीं मिला था। ऐसे में वह वर्तमान में किसी भी सदन के सदस्य नहीं हैं, जिसके कारण उनके मंत्री पद को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। हालांकि, उन्हें राष्ट्रीय लोक मोर्चा के प्रमुख और राज्यसभा सांसद उपेंद्र कुशवाहा का बेटा होने के नाते यह पद मिला है। बांकीपुर उपचुनाव में नितिन नवीन के डोर-टू-डोर कैंपेन और पैतृक घर पहुंचने के बाद भी उन्हें विधान परिषद चुनाव में मौका नहीं मिला था।






दीपक प्रकाश के भविष्य पर एनडीए का फैसला
अपने मंत्री पद के भविष्य पर पूछे जाने पर दीपक प्रकाश ने स्पष्ट किया कि यह उनके अधिकार क्षेत्र का विषय नहीं है। उन्होंने कहा कि मंत्री पद पर आगे क्या होगा, इसका फैसला उनके हाथ में नहीं है, बल्कि एनडीए गठबंधन का नेतृत्व इस पर निर्णय लेगा। दीपक प्रकाश ने बताया कि उन्हें एनडीए गठबंधन के नेताओं के आशीर्वाद से काम करने का अवसर मिला है और भविष्य के फैसले भी वही करेंगे। जब उनसे आगामी महीनों में चुनाव लड़ने के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने इसे जल्दबाजी करार देते हुए कहा कि इस पर भी गठबंधन नेतृत्व ही निर्णय लेगा।
बिहार में पंचायत चुनाव पर क्या बोले दीपक प्रकाश?
दीपक प्रकाश ने बिहार में होने वाले पंचायत चुनावों पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने जानकारी दी कि बिहार में पंचायत चुनाव दिसंबर महीने में प्रस्तावित हैं। हालांकि, इन चुनावों से पहले परिसीमन का कार्य पूरा किया जाएगा, जिसके बाद ही चुनाव प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।








