Siwan Law and Order: नीट परीक्षा में कथित पेपर लीक और छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में बुलाए गए बिहार बंद के दौरान हिंसक घटनाओं से दहले सीवान में अब शांति बहाल हो गई है। शनिवार को हुई आगजनी और बवाल के बाद रविवार को जिला प्रशासन और पुलिस ने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच पूरे शहर में फ्लैग मार्च निकाला। आम लोगों ने बाजार खुलने और यातायात सामान्य होने पर राहत की सांस ली है, लेकिन एहतियातन इंटरनेट सेवा अब भी ठप है।
कानून-व्यवस्था बहाल करने को पुलिस ‘एक्शन मोड’ में
शहर में शांति व्यवस्था कायम करने और लोगों के मन में सुरक्षा का भरोसा जगाने के लिए जिला प्रशासन ने तुरंत कड़े कदम उठाए हैं। जिलाधिकारी विवेक रंजन मैत्रेय और पुलिस अधीक्षक पूरन कुमार झा के नेतृत्व में रविवार को भारी पुलिस बल के साथ शहर के प्रमुख मार्गों पर फ्लैग मार्च निकाला गया। अधिकारियों ने संवेदनशील इलाकों का खुद जायजा लिया और आम लोगों से शांति तथा सौहार्द बनाए रखने की अपील की। सुरक्षा के मद्देनजर शहर के सभी प्रमुख चौक-चौराहों और संवेदनशील स्थानों पर विशेष पुलिस बल तैनात किया गया है। डीएम और एसपी ने विभिन्न क्षेत्रों का भ्रमण कर तैनात पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को विधि-व्यवस्था बनाए रखने के सख्त दिशा-निर्देश भी दिए।






उपद्रवियों पर प्रशासन का कड़ा रुख: 61 हिरासत में
सीवान में शनिवार को हुए उपद्रव के दौरान पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 61 लोगों को हिरासत में लिया था। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, सुरक्षा की दृष्टि से इन सभी उपद्रवियों को शनिवार देर रात ही महाराजगंज स्थित एक सुरक्षित स्थान पर भेज दिया गया। इसके अलावा, किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए रात में ही जिले में अतिरिक्त पुलिस बल को भी बुला लिया गया था। प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि हिंसा फैलाने और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले सभी लोगों की पहचान की जा रही है। इनके विरुद्ध विधिसम्मत कड़ी कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।
सीवान में सामान्य हुआ जनजीवन, लेकिन इंटरनेट सेवा अब भी ठप
रविवार को सीवान शहर के बाजार पूरी तरह खुले रहे और यातायात भी सामान्य रहा, जिससे स्थिति पूरी तरह पुलिस के नियंत्रण में नजर आई। हालांकि, एहतियातन इंटरनेट सेवाओं को अभी भी निलंबित रखा गया है ताकि किसी भी तरह की अफवाह या गलत सूचना के प्रसार को रोका जा सके। जिला प्रशासन ने दोहराया है कि जिले में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।








