Tej Pratap Yadav: पटना में नीट पेपर लीक मामले को लेकर हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान जनशक्ति जनता दल (जेजेडी) के अध्यक्ष तेज प्रताप यादव को गिरफ्तार कर लिया गया है। शनिवार (25 जुलाई 2026) को ‘बिहार बंद’ के आह्वान पर आयोजित प्रदर्शन में शामिल होने के बाद पटना पुलिस ने यह कार्रवाई की, जिसके बाद उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में बेऊर केंद्रीय कारा भेज दिया गया है।
नीट पेपर लीक विरोध: तेज प्रताप यादव की गिरफ्तारी कैसे हुई?
जनशक्ति जनता दल के अध्यक्ष तेज प्रताप यादव शनिवार को राम गुलाम चौक (गांधी मैदान के पास) पर प्रदर्शनकारियों के साथ शामिल हुए थे। उन्होंने छात्रों के पक्ष में नारे लगाए और कहा कि उनकी मांगें जायज हैं। तेज प्रताप यादव ने छात्रों के अधिकारों के लिए जान देने तक की बात कही। पुलिस ने पहले उन्हें हिरासत में लिया और कुछ समय बाद छोड़ दिया था।






हालांकि, शाम को उन्हें सिटी सेंटर मॉल (डाक बंगला चौराहा के पास) से दोबारा गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के बाद उन्हें नौबतपुर थाना ले जाया गया। रात करीब 12:15 बजे तेज प्रताप यादव को छज्जू बाग स्थित न्यायिक मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया, जहां से उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश जारी हुआ। इसके बाद उन्हें पटना के बेऊर केंद्रीय कारा में स्थानांतरित कर दिया गया।
एफआईआर में क्या कुछ दर्ज है?
तेज प्रताप यादव की गिरफ्तारी गांधी मैदान गेट नंबर-10 पर विधि-व्यवस्था ड्यूटी में तैनात दंडाधिकारी विजय कुमार तिवारी के आवेदन पर दर्ज कराई गई एफआईआर के आधार पर हुई है। शिकायत में बताया गया है कि दोपहर करीब 12:30 बजे कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और ऑल इंडिया स्टूडेंट एसोसिएशन (AISA) से जुड़े बड़ी संख्या में कार्यकर्ता गांधी मैदान गेट नंबर-10 के पास जमा हुए थे।
प्रदर्शनकारी प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। एफआईआर के अनुसार, उस समय बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव-2026 को लेकर पूरे क्षेत्र में आदर्श आचार संहिता लागू थी। प्रशासन ने माइक से कई बार घोषणा कर प्रदर्शनकारियों से हटने और प्रदर्शन न करने की अपील की थी। इसके बावजूद, बिना वैध अनुमति के करीब एक हजार लोगों की भीड़ जमा रही, जिससे कानून-व्यवस्था का उल्लंघन हुआ।
तेज प्रताप यादव ने छात्रों के पक्ष में नारेबाजी की और कहा कि उनकी मांगें जायज हैं तथा वे छात्रों के अधिकारों के लिए जान देने को तैयार हैं।
तेज प्रताप यादव की न्यायिक हिरासत में भेजने से नीट पेपर लीक मामले को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शनों को एक नया मोड़ मिल गया है। इस घटनाक्रम से बिहार की राजनीति में भी गहमागहमी बढ़ गई है, क्योंकि एक प्रमुख राजनीतिक व्यक्ति को प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तार किया गया है। आने वाले दिनों में इस मामले पर और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं देखने को मिल सकती हैं।
बेउर जेल में तेज प्रताप यादव की बिगड़ती तबीयत! NEET प्रदर्शन मामले में 14 दिन की न्यायिक हिरासत
Tej Pratap Yadav: NEET पेपर लीक मामले में प्रदर्शनकारियों को उकसाने और दंगा भड़काने के आरोप में पूर्व मंत्री पटना की बेउर जेल पहुंच गए हैं। जनशक्ति जनता दल के प्रमुख तेज प्रताप यादव को अदालत ने 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। शनिवार देर रात हुई सुनवाई के बाद उन्हें जेल भेजा गया, जहां उनकी पहली रात बेचैनी भरी रही। सीने में तकलीफ की शिकायत के कारण उन्हें बेउर केंद्रीय कारा के अस्पताल वार्ड में रखा गया है।
जेल पहुंचने के बाद तेज प्रताप यादव ने शुरुआत में भोजन करने से इनकार कर दिया। रविवार सुबह भी उन्होंने नाश्ता नहीं किया, जिससे जेल प्रशासन की चिंता बढ़ गई। दोपहर के भोजन को लेकर भी उन्होंने आनाकानी की, हालांकि अधिकारियों के समझाने पर उन्होंने थोड़ी रोटी, चावल और सब्जी खायी।
गिरफ्तारी का पूरा घटनाक्रम: रामगुलाम चौक से सिटी सेंटर मॉल तक
पुलिस ने शनिवार दोपहर को तेज प्रताप यादव को रामगुलाम चौक से एहतियातन हिरासत में लिया था। वे NEET पेपर लीक मामले को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के समर्थन में वहां पहुंचे थे। स्थिति सामान्य होने के बाद उन्हें कुछ देर के लिए छोड़ दिया गया था।
हालांकि, रिहाई के कुछ घंटों बाद ही पुलिस की विशेष टीम ने शनिवार शाम को उन्हें सिटी सेंटर मॉल से दोबारा गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद देर रात उन्हें अदालत में पेश किया गया, जहां से न्यायिक हिरासत का आदेश आया।
जेल में तेज प्रताप का स्वास्थ्य और भोजन से इनकार
जेल सूत्रों के मुताबिक, तेज प्रताप यादव ने जेल का खाना खाने से मना कर दिया था। अधिकारियों ने उन्हें समझाया कि स्वस्थ रहने के लिए भोजन आवश्यक है। इसके बाद उन्होंने थोड़ा भोजन ग्रहण किया।
जेल प्रशासन ने कहा, ‘उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और आवश्यकता के अनुसार चिकित्सकीय देखभाल उपलब्ध करायी जा रही है। विशेषकर सीने में तकलीफ की शिकायत के बाद उन्हें अस्पताल वार्ड में रखा गया है।’
तेज प्रताप यादव की न्यायिक हिरासत के दौरान उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। यह मामला NEET पेपर लीक के विरोध प्रदर्शनों से जुड़ा है, जिसने पूरे बिहार में उबाल ला दिया है। आगे की कानूनी प्रक्रिया और उनके स्वास्थ्य संबंधी अपडेट पर नजर बनी हुई है।








