Bihar NEET FIR Withdrawal: नीट परीक्षा में कथित पेपर लीक के विरोध में आंदोलन करने वाले छात्रों के लिए बिहार सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। राज्य सरकार ने प्रदर्शनकारी छात्रों पर दर्ज सभी मुकदमों को वापस लेने की आधिकारिक प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिससे उन्हें बड़ी राहत मिलेगी। गृह विभाग के निर्देश के बाद 26 जुलाई की शाम 6 बजे तक प्रदर्शनकारियों पर दर्ज सभी प्राथमिकियों (FIR) को वापस लेने की कार्रवाई प्रारंभ की जा रही है।
लोक अभियोजक अमरेंद्र नारायण झा ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि दरभंगा जिले में छात्र आंदोलन से संबंधित मामलों की वापसी के लिए पटना हाईकोर्ट के महाधिवक्ता का पत्र प्राप्त हुआ है। यह कदम उन हजारों छात्रों के लिए उम्मीद की किरण है, जो अपने भविष्य को लेकर चिंतित थे और न्याय की मांग कर रहे थे।






छात्र आंदोलन से जुड़े इन थानों में दर्ज थे मुकदमे
नीट परीक्षा में धांधली को लेकर हुए आंदोलन के दौरान दरभंगा जिले में कई मुकदमे दर्ज किए गए थे। इनमें बिरौल थानाकांड संख्या 511/26 भी शामिल है, जिसमें 3 लोगों को नामजद किया गया था और 100 अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया था। इसी तरह, जिला मुख्यालय स्थित लहेरियासराय थाना में भी प्राथमिकी संख्या 428/26 दर्ज की गई थी, जिसमें 30 लोगों को नामजद और सैकड़ों अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया था।
लोक अभियोजक अमरेंद्र नारायण झा ने बताया, ‘महाधिवक्ता के पत्र के आलोक में जिला दंडाधिकारी से विमर्श कर मुकदमा वापसी की प्रक्रिया शीघ्र प्रारंभ की जाएगी।’
सरकार के फैसले से छात्रों में खुशी की लहर
सरकार के इस निर्णय से दरभंगा सहित पूरे बिहार के छात्रों को बड़ी राहत मिलने का रास्ता साफ हो गया है। छात्र लंबे समय से इन मुकदमों को वापस लेने की मांग कर रहे थे, क्योंकि उनके भविष्य पर इसका सीधा असर पड़ रहा था। अब इस पहल से न केवल छात्रों का मनोबल बढ़ेगा, बल्कि उन्हें अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करने में भी मदद मिलेगी। जिला प्रशासन जल्द ही इस दिशा में आवश्यक कदम उठाएगा ताकि मुकदमा वापसी की प्रक्रिया तेजी से पूरी की जा सके।








