Darbhanga Road Construction: जिले में जारी विकास परियोजनाओं की गति और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए दरभंगा के जिलाधिकारी कौशल कुमार ने कड़ा रुख अपनाया है। 29 जुलाई 2026 को उन्होंने मदारपुर चौक से होली क्रॉस होते हुए पीडब्ल्यूडी मुख्य पथ तक चल रहे सड़क निर्माण कार्य का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्य की प्रगति और गुणवत्ता का बारीकी से जायजा लिया, साथ ही संबंधित अधिकारियों से विस्तृत जानकारी भी ली।
सड़क निर्माण की गुणवत्ता और समय-सीमा पर DM का जोर
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी कौशल कुमार ने बुडको के परियोजना निदेशक अभय कुमार को स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण कार्य में तेजी लाई जाए और इसे निर्धारित समय-सीमा के भीतर ही पूरा किया जाए। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि कार्य उच्च गुणवत्ता मानकों के अनुरूप होना चाहिए, जिसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।






जिलाधिकारी ने कहा, ‘सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पूर्ण किए जाएं।’
इस Darbhanga Road Construction परियोजना को लेकर जिलाधिकारी ने अधिकारियों से नियमित निगरानी बनाए रखने पर भी बल दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि संबंधित एजेंसी पूरी जिम्मेदारी और तत्परता के साथ काम करे ताकि तय लक्ष्य के अनुसार प्रगति हासिल हो सके।
आमजन की सुविधा और यातायात प्रबंधन पर विशेष ध्यान
जिलाधिकारी ने निर्माण कार्य के दौरान आमजन को होने वाली असुविधा को कम करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि यातायात व्यवस्था सुचारु बनाए रखने के लिए आवश्यक सुरक्षा उपाय और वैकल्पिक मार्ग सुनिश्चित किए जाएं। सहायक समाहर्ता श्रीमती कल्पना रावत और सदर अनुमंडल पदाधिकारी श्री कुमार गौरव भी इस निरीक्षण के दौरान उपस्थित रहे, जिन्होंने जिलाधिकारी को कार्यस्थल की स्थिति से अवगत कराया।
उन्होंने निर्देश दिया, ‘निर्माण कार्य के दौरान आमजन की सुविधा का विशेष ध्यान रखा जाए तथा यातायात व्यवस्था सुचारु बनाए रखने के लिए आवश्यक सुरक्षा एवं वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।’
यह निरीक्षण DM Darbhanga की जनहित के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उम्मीद है कि इस पहल से सड़क निर्माण कार्य में गुणवत्ता और गति आएगी, जिससे स्थानीय लोगों को आवागमन में सुविधा मिलेगी। बुडको और संबंधित विभागों के अन्य अधिकारी भी इस दौरान मौजूद थे, जिन्होंने जिलाधिकारी के निर्देशों का पालन करने का आश्वासन दिया।








