मधुबनी में किसानों को बड़ी राहत! उर्वरक की कालाबाजारी करने वाले 2 दुकानों पर गिरी गाज, लाइसेंस सस्पेंड
Madhubani Fertilizer Black Marketing: बिहार के मधुबनी जिले में किसानों को उर्वरक की कालाबाजारी से बचाने के लिए जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। जिलाधिकारी आनंद शर्मा के सीधे निर्देश पर अनियमितता में लिप्त दो उर्वरक प्रतिष्ठानों के लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए गए हैं। यह कार्रवाई किसानों को गुणवत्तापूर्ण खाद की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने और कालाबाजारी रोकने के बड़े अभियान का हिस्सा है।
किसानों को लूटने वालों पर मधुबनी में कहर! 2 खाद दुकानों के लाइसेंस रद्द, 18 पर गिरी गाज
Bihar Fertilizer Black Marketing: बिहार में किसानों को राहत देने और उर्वरक की कालाबाजारी रोकने के लिए बिहार सरकार और जिला प्रशासन लगातार सक्रिय है। इसी कड़ी में मधुबनी जिला प्रशासन ने उर्वरक की कालाबाजारी और अनियमितताओं पर कड़ा प्रहार किया है। जिलाधिकारी आनंद शर्मा के निर्देश पर हुई ताबड़तोड़ छापेमारी के बाद दो उर्वरक प्रतिष्ठानों के लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए गए हैं, जिससे किसानों को समय पर गुणवत्तापूर्ण खाद मिलने की उम्मीद जगी है।






मधुबनी में दो प्रतिष्ठानों पर गिरी गाज
मधुबनी के जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने किसानों को गुणवत्तापूर्ण उर्वरक की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सख्त निर्देश दिए हैं। इसी के तहत उर्वरक की कालाबाजारी, जमाखोरी और अन्य अनियमितताओं पर प्रभावी नियंत्रण के लिए सघन छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में 28 जुलाई, 2026 को जिला कृषि पदाधिकारी सुदामा ठाकुर के नेतृत्व में अनुमंडल कृषि पदाधिकारी कृष्णानंद कुमार के साथ फुलपरास अनुमंडल के लौकही प्रखंड स्थित उर्वरक प्रतिष्ठानों की औचक जांच की गई।
जांच के दौरान मेसर्स प्रणव ट्रेडर्स, पिपराही, जिसके प्रोपराइटर विनीत कुमार नाहर हैं, और मेसर्स जगदंबा एजेंसी, लौकही, जिसके प्रोपराइटर हेमंत कुमार गुप्ता हैं, में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। इन गंभीर अनियमितताओं के परिणामस्वरूप, दोनों प्रतिष्ठानों की उर्वरक अनुज्ञप्ति तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दी गई है।
अब तक 18 प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई
जिला कृषि पदाधिकारी ने बताया कि किसानों को समय पर गुणवत्तापूर्ण उर्वरक उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पूरे जिले में नियमित रूप से छापेमारी अभियान संचालित किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधित प्रतिष्ठानों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। अब तक जिला, अनुमंडल, प्रखंड और पंचायत स्तर पर गठित उर्वरक छापेमारी दलों द्वारा कुल 347 उर्वरक प्रतिष्ठानों की जांच की जा चुकी है। इनमें से 18 प्रतिष्ठानों में अनियमितताएं पाई गई हैं। इन पर हुई कार्रवाई का विवरण इस प्रकार है:
| कार्रवाई का विवरण | प्रतिष्ठानों की संख्या |
|---|---|
| प्राथमिकी दर्ज | 02 |
| अनुज्ञप्ति रद्द | 04 |
| अनुज्ञप्ति निलंबित | 08 |
| स्पष्टीकरण की मांग | 04 |
यह कार्रवाई किसानों को शोषण से बचाने और उन्हें सही मूल्य पर खाद उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। जिला प्रशासन ने साफ कर दिया है कि किसानों के हितों से कोई समझौता नहीं होगा।
किसानों के हित में जारी रहेगी सख्त कार्रवाई
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसानों के हितों से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। उर्वरक की कालाबाजारी, जमाखोरी अथवा अनियमित वितरण में संलिप्त पाए जाने वाले व्यक्तियों एवं प्रतिष्ठानों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई आगे भी निरंतर जारी रहेगी।
यह बयान इस बात पर जोर देता है कि सरकार और प्रशासन किसानों के साथ खड़ी है और कृषि सामग्री की उपलब्धता में किसी भी तरह की धांधली बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यह अभियान आगे भी जारी रहेगा, ताकि बिहार में कृषि क्षेत्र को मजबूती मिले और किसानों को किसी परेशानी का सामना न करना पड़े।
कालाबाजारी रोकने को छापेमारी तेज, दो दुकानों के लाइसेंस निलंबित
जिले में उर्वरक की कालाबाजारी, जमाखोरी और अनियमित वितरण पर प्रभावी नियंत्रण के लिए लगातार सघन छापेमारी अभियान चल रहा है। इसी कड़ी में 28 जुलाई, 2026 को जिला कृषि पदाधिकारी सुदामा ठाकुर के नेतृत्व में एक टीम ने औचक निरीक्षण किया। इस टीम में अनुमंडल कृषि पदाधिकारी कृष्णानंद कुमार भी शामिल थे, जिन्होंने फुलपरास अनुमंडल के लौकही प्रखंड में स्थित उर्वरक प्रतिष्ठानों की जांच की।
जांच के दौरान मेसर्स प्रणव ट्रेडर्स, पिपराही (प्रो. विनीत कुमार नाहर) और मेसर्स जगदंबा एजेंसी, लौकही (प्रो. हेमंत कुमार गुप्ता) में गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। इन गंभीर उल्लंघनों को देखते हुए दोनों प्रतिष्ठानों के उर्वरक अनुज्ञप्ति को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। यह कार्रवाई किसानों के हितों की रक्षा के लिए प्रशासन की दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
अब तक 18 प्रतिष्ठानों पर गिरी गाज, प्रशासन का सख्त रुख जारी
जिला कृषि पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि किसानों को समय पर गुणवत्तापूर्ण उर्वरक मिले, यह सुनिश्चित करने के लिए पूरे जिले में नियमित रूप से जांच अभियान चलाए जा रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
अब तक जिला, अनुमंडल, प्रखंड और पंचायत स्तर पर गठित उर्वरक छापेमारी दलों द्वारा कुल 347 उर्वरक प्रतिष्ठानों की जांच की जा चुकी है। इनमें से 18 प्रतिष्ठानों में विभिन्न अनियमितताएं पाई गईं, जिन पर सख्त कार्रवाई की गई है:
| कार्रवाई का प्रकार | प्रतिष्ठानों की संख्या |
|---|---|
| प्राथमिकी दर्ज | 02 |
| अनुज्ञप्ति रद्द | 04 |
| अनुज्ञप्ति निलंबित | 08 |
| स्पष्टीकरण मांगा गया | 04 |
इन कार्रवाइयों से यह सुनिश्चित हो रहा है कि किसानों को सही दाम पर सही गुणवत्ता का उर्वरक मिल सके, जिससे उनकी उपज प्रभावित न हो।
जिला प्रशासन ने साफ कर दिया है कि किसानों के हितों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उर्वरक की कालाबाजारी, जमाखोरी या गलत वितरण में शामिल पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति या प्रतिष्ठान के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।








