Rohtas CBI Arrest: बिहार के रोहतास जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने बड़ी कार्रवाई की है। बिक्रमगंज रेलवे में तैनात सहायक मंडल अभियंता (ADEN) भोला शंकर कुमार को रिश्वत मांगने के आरोप में सीबीआई ने गिरफ्तार कर लिया है। बुधवार देर रात सीबीआई की टीम ने रेलवे कॉलोनी स्थित उनके सरकारी आवास पर छापेमारी कर यह कार्रवाई की, जिससे रेलवे महकमे में हड़कंप मच गया है।
रेलवे अधिकारी भोला शंकर कुमार पर एक ठेकेदार से बकाया राशि जारी करने के एवज में इनवर्टर सेट, बैट्री और 7 हजार रुपये की रिश्वत मांगने का गंभीर आरोप लगा था। सीबीआई की पटना भ्रष्टाचार निरोधक शाखा ने शिकायत मिलने के बाद त्वरित कार्रवाई करते हुए यह गिरफ्तारी की।






बकाया भुगतान के लिए मांगी थी रिश्वत
इस मामले की शुरुआत 29 जुलाई 2026 को हुई थी, जब सीबीआई की पटना भ्रष्टाचार निरोधक शाखा ने पूर्व मध्य रेलवे के डीडीयू मंडल के अंतर्गत बिक्रमगंज (ईस्ट) में पदस्थ सहायक मंडल अभियंता भोला शंकर कुमार के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की थी। शिकायत में स्पष्ट आरोप था कि अधिकारी ने एक ठेकेदार संस्था की बकाया जमा राशि जारी करने के लिए अनुचित रिश्वत की मांग की थी।
शिकायतकर्ता राकेश कुमार पांडेय ने सीबीआई को बताया कि वह उत्तर प्रदेश के बलिया के निवासी हैं और अपनी पत्नी नंदनी पांडेय की फर्म ‘मैसर्स सुरभि एंटरप्राइजेज’ का संचालन करते हैं। इस फर्म को आरा से सासाराम के बीच रेलवे ट्रैक के किनारे बाउंड्री मरम्मत का ठेका मिला था। जनवरी 2026 में यह निर्माण कार्य पूरा हो गया था और विभाग ने अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) भी जारी कर दिया था, लेकिन इसके बावजूद फर्म की बकाया जमा राशि जारी नहीं की जा रही थी।
बकाया राशि जारी करने के लिए रेलवे अधिकारी लगातार इनवर्टर सेट, बैट्री और नकद राशि की मांग कर रहे थे। ठेकेदार की ईमेल शिकायत के बाद सीबीआई हरकत में आई।
ईमेल शिकायत के बाद सीबीआई ने की पुष्टि
ठेकेदार राकेश कुमार पांडेय ने 28 जुलाई 2026 को ईमेल के जरिए सीबीआई पटना से शिकायत की। शिकायत मिलते ही एजेंसी ने मामले की प्राथमिक जांच शुरू कर दी। सीबीआई के उप-निरीक्षक सिया राम मीणा ने 29 जुलाई को शिकायत का सत्यापन किया। जांच में यह पुष्टि हुई कि आरोपी अधिकारी ने बकाया राशि जारी करने के बदले 7 हजार रुपये की रिश्वत मांगने की बात स्वीकार की थी। आरोपों की पुष्टि होते ही सीबीआई ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर सहायक मंडल अभियंता भोला शंकर कुमार को गिरफ्तार कर लिया।
आगे की जांच जारी, निरीक्षक संजीव कुमार को जिम्मेदारी
सीबीआई ने इस पूरे मामले की विस्तृत जांच पुलिस निरीक्षक संजीव कुमार को सौंप दी है। अब एजेंसी इस बात का पता लगा रही है कि क्या आरोपी अधिकारी ने पहले भी इसी तरह रिश्वत लेकर किसी अन्य ठेकेदार का भुगतान रोका था। जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी, जिससे इस तरह के भ्रष्टाचार पर और शिकंजा कसा जा सके।








