Bihar Teacher Transfer: बिहार के शिक्षकों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। अब राज्य में शिक्षकों का स्थानांतरण पूरी तरह ऐच्छिक होगा और वे अपनी पसंद के विद्यालय में ही बदली करवा सकेंगे। शिक्षा मंत्री पटना स्थित विकास भवन में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में इस महत्वपूर्ण जानकारी को साझा किया। उन्होंने बिहार राज्य शिक्षक स्थानांतरण नियमावली, 2026 से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करते हुए स्पष्ट किया कि यह प्रक्रिया किसी भी शिक्षक के लिए अनिवार्य नहीं है।
शिक्षा मंत्री ने दूर की भ्रांतियां, बताया क्यों खास है नई नियमावली
शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने बताया कि नई नियमावली शिक्षकों को अपनी सुविधा और इच्छा के अनुसार स्थानांतरण का विकल्प प्रदान करती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि केवल वही शिक्षक स्थानांतरण के लिए पात्र होंगे, जो स्वयं आवेदन करेंगे। यह कदम शिक्षकों की लंबे समय से चली आ रही मांगों को पूरा करेगा और उन्हें बेहतर कार्य वातावरण चुनने की स्वतंत्रता देगा।






“शिक्षकों का स्थानांतरण पूरी तरह ऐच्छिक है और यह किसी भी शिक्षक के लिए अनिवार्य नहीं है। केवल वही शिक्षक स्थानांतरण के लिए पात्र होंगे, जो स्वयं आवेदन करेंगे।” — श्री मिथिलेश तिवारी, शिक्षा मंत्री
30 स्कूलों तक का विकल्प, मनपसंद जगह पर ही मिलेगी पोस्टिंग
श्री तिवारी ने स्थानांतरण प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि आवेदन करने वाले शिक्षक कम से कम एक और अधिकतम 30 विद्यालयों का विकल्प दे सकते हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि शिक्षक द्वारा चुने गए विद्यालयों में से किसी एक में ही उनका स्थानांतरण किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि दिए गए विकल्पों के अतिरिक्त किसी अन्य विद्यालय में किसी भी शिक्षक का तबादला नहीं किया जाएगा। यह सुनिश्चित करेगा कि शिक्षकों को उनकी प्राथमिकता और सुविधा के अनुसार ही पोस्टिंग मिले, जिससे उन्हें अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।
यह निर्णय बिहार के लाखों शिक्षकों के लिए एक बड़ी सौगात माना जा रहा है, जो उन्हें अपनी गृह जिले या पसंद के स्थान पर काम करने का अवसर प्रदान करेगा। इससे उनकी कार्यक्षमता और संतुष्टि में भी वृद्धि होने की उम्मीद है।








