Saharsa News: बिहार के सहरसा जिले में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ पूजा का प्रसाद खाने के बाद लगभग 150 लोग बीमार पड़ गए हैं। सिमरी बख्तियारपुर अनुमंडल के सरडीहा गांव में हुई इस घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। बीमार पड़ने वालों में बच्चे, महिलाएं और पुरुष सभी शामिल हैं, जिन्हें मुख्य रूप से उल्टी और दस्त की शिकायत है।
गुरुवार शाम सरडीहा गांव के मध्य टोला में सतनारायण भगवान की पूजा का आयोजन किया गया था। पूजा समाप्त होने के बाद स्थानीय लोगों के बीच प्रसाद का वितरण किया गया, जिसे ग्रहण करने के अगले दिन से ही लोगों की तबीयत बिगड़ने लगी। पहले कुछ लोगों को उल्टी हुई, जिसके बाद दस्त की समस्या भी सामने आने लगी।





कैसे बिगड़ी ग्रामीणों की तबीयत?
प्रसाद खाने के बाद एक के बाद एक कई घरों से बीमारी के मामले सामने आने लगे। देखते ही देखते बीमार लोगों की संख्या तेजी से बढ़ने लगी, जिससे पूरे गांव में चिंता का माहौल छा गया। ग्रामीणों ने तत्काल सिमरी बख्तियारपुर अनुमंडल अस्पताल के चिकित्सा पदाधिकारी को इसकी सूचना दी।
स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में सक्रिय
सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक मेडिकल टीम को गांव भेजा। टीम ने प्रभावित इलाके में पहुंचकर मरीजों की जांच शुरू कर दी है। स्वास्थ्यकर्मी घर-घर जाकर लोगों की स्थिति का जायजा ले रहे हैं और जिन्हें उपचार की आवश्यकता है, उन्हें दवाएं प्रदान की जा रही हैं। मरीजों की हालत पर लगातार नजर रखी जा रही है। गंभीर लक्षण वाले व्यक्तियों को आवश्यकता पड़ने पर अस्पताल भेजने की तैयारी भी की गई है।
फूड प्वाइजनिंग की आशंका, इलाज जारी
सिमरी बख्तियारपुर अनुमंडल अस्पताल के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. आशीष कुमार ने बताया कि शुरुआती तौर पर यह मामला फूड प्वाइजनिंग का प्रतीत हो रहा है। उन्होंने जानकारी दी कि लगभग 150 लोगों के बीमार होने की सूचना मिली है, जिनमें से करीब 50 लोगों का इलाज गांव में ही शुरू किया जा चुका है। मेडिकल टीम लगातार गांव में मौजूद है और स्वास्थ्यकर्मी अलग-अलग घरों में पहुंचकर मरीजों की जांच कर रहे हैं। विभाग की ओर से स्थिति पर गहन नजर रखी जा रही है। कुछ ग्रामीण अपनी सुविधा के अनुसार गांव से बाहर भी इलाज करा रहे हैं।
इस घटना ने गांव में स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीमें स्थिति को नियंत्रित करने और बीमार लोगों को हरसंभव चिकित्सा सहायता प्रदान करने में जुटी हैं। आने वाले दिनों में प्रसाद के नमूने की जांच के बाद ही बीमारी के सही कारण का पता चल पाएगा और इस पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।








