Darbhanga News: बिहार के दरभंगा जिले से एक गंभीर मामला सामने आया है। घनश्यामपुर थाना क्षेत्र में 12 वर्षीय नाबालिग से दुष्कर्म के आरोप में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। इस गिरफ्तारी से पीड़ित परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद जगी है। पुलिस ने आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है और मामले की गहन जांच जारी है।
जानकारी के अनुसार, यह घटना घनश्यामपुर के पोहदी बेला गांव में 10 जुलाई को हुई थी। पीड़िता की मां ने पुलिस को बताया कि उनकी 12 वर्षीय बेटी घर के पास खेल रही थी। इसी दौरान गांव का मोहम्मद फहीम उसे बहला-फुसलाकर एक खाली कमरे में ले गया और उसके साथ गलत काम किया। बच्ची के चिल्लाने की आवाज सुनकर उसकी मां मौके पर पहुंचीं, जहां उन्होंने बच्ची को आपत्तिजनक स्थिति में पाया।
आरोपी ने मां से भी की मारपीट, फाड़े कपड़े
पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया है कि जब बच्ची की मां ने इस घटना का विरोध किया, तो आरोपी मोहम्मद फहीम ने उनके साथ मारपीट की और उनके कपड़े भी फाड़ दिए। इस घटना के बाद गांव में पंचायत बुलाकर मामले को सुलझाने का प्रयास किया गया। 26 जुलाई को पहली पंचायत बुलाई गई, लेकिन आरोपी और उसके परिजन शामिल नहीं हुए और पीड़ित परिवार को धमकी दी।
इसके बाद 1 अगस्त को दोबारा पंचायत का आयोजन किया गया। जब आरोपी पक्ष के लोग इसमें भी नहीं पहुंचे, तो पीड़ित परिवार ने घनश्यामपुर थाने में आवेदन दिया। पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लिया और तत्काल कार्रवाई शुरू की।
पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज, आरोपी गिरफ्तार
थानाध्यक्ष आलोक कुमार ने इस मामले की जानकारी देते हुए बताया कि पीड़ित परिवार के आवेदन के आधार पर घनश्यामपुर थाने में पॉक्सो एक्ट और भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई है।
थानाध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा, ‘पीड़ित परिवार के आवेदन के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस ने कार्रवाई शुरू की। मामले में पोहदी बेला गांव निवासी मो कली मुल्लाह के पुत्र मो नामजद आरोपी मो. फहीम को रविवार देर रात पोहदी बेला गांव से गिरफ्तार किया गया। सोमवार को उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है।’
पुलिस ने पोहदी बेला गांव निवासी मोहम्मद कली मुल्लाह के पुत्र मोहम्मद फहीम को रविवार देर रात उसके गांव से गिरफ्तार कर लिया। सोमवार को उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। इस गिरफ्तारी से क्षेत्र में कानून व्यवस्था के प्रति लोगों का विश्वास बढ़ा है और ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगाने की उम्मीद है।







