Bihar Road Connectivity: बिहार के सड़क नेटवर्क को नई मजबूती देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। राज्य में सड़क संपर्क को बेहतर बनाने के लिए दो महत्वपूर्ण राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) परियोजनाओं पर काम शुरू होने वाला है। इन परियोजनाओं में मुजफ्फरपुर-बरौनी एनएच-122 को फोरलेन में बदलना, मुजफ्फरपुर ईस्टर्न बाइपास का निर्माण और एनएच-139 को नौबतपुर से झारखंड सीमा तक फोरलेन करना शामिल है। इन योजनाओं को मंजूरी मिलने के बाद बिहार के उत्तरी हिस्से से लेकर दक्षिणी बिहार और झारखंड तक आवागमन काफी आसान हो जाएगा।
पथ निर्माण मंत्री ई. कुमार शैलेंद्र ने इन महत्वाकांक्षी परियोजनाओं को लेकर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से व्यक्तिगत रूप से अनुरोध किया है। मुजफ्फरपुर-बरौनी एनएच-122 के लगभग 102 किलोमीटर हिस्से को फोरलेन में विकसित करने की योजना तैयार है। इस संबंध में विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) पहले ही एनएचएआई मुख्यालय भेज दी गई है। इस परियोजना की अनुमानित लागत करीब 3200 करोड़ रुपये बताई जा रही है। सड़क चौड़ीकरण के साथ-साथ कई महत्वपूर्ण स्थानों पर अंडरपास बनाने का भी प्रस्ताव है। डीपीआर को अंतिम मंजूरी मिलते ही टेंडर प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है।






मुजफ्फरपुर बाइपास से शहर को मिलेगी जाम से मुक्ति
इस बड़ी योजना का एक अहम हिस्सा मुजफ्फरपुर ईस्टर्न बाइपास का निर्माण भी है। इस बाइपास के बनने से शहर के भीतर से गुजरने वाले भारी वाहनों का दबाव काफी कम हो जाएगा। इससे मुजफ्फरपुर शहर में लगने वाले जाम की समस्या में कमी आएगी और यातायात व्यवस्था पहले से कहीं अधिक सुगम हो जाएगी। इसके साथ ही, यह बाइपास एनएच-27 के पूर्व-पश्चिम कॉरिडोर से सीधा संपर्क भी मजबूत करेगा, जिससे क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और बेहतर होगी।
नौबतपुर से झारखंड तक फोरलेन होगा NH-139
दूसरी महत्वपूर्ण परियोजना नौबतपुर से झारखंड सीमा तक एनएच-139 को चार लेन में परिवर्तित करने का प्रस्ताव है। यह मार्ग पटना को औरंगाबाद के रास्ते वाराणसी-रांची-कोलकाता कॉरिडोर से सीधे जोड़ता है। इस सड़क पर लगातार बढ़ते भारी यातायात और दुर्घटनाओं की संख्या को देखते हुए लंबे समय से इसके चौड़ीकरण की मांग की जा रही थी। इन दोनों ही परियोजनाओं के सफलतापूर्वक पूरा होने से बिहार का रोड नेटवर्क और भी मजबूत हो जाएगा। इससे न केवल यात्रियों को सुविधा मिलेगी, बल्कि माल परिवहन को भी बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को भी गति मिलेगी।








