Bihar Vikramshila Setu: उत्तर और दक्षिण बिहार को जोड़ने वाले लाइफलाइन विक्रमशिला सेतु पर 28 अगस्त की आधी रात से वाहनों और पैदल यात्रियों की आवाजाही पूरी तरह रोक दी जाएगी। यह बड़ा फैसला पुल के क्षतिग्रस्त हिस्से में लगे अस्थायी बेली ब्रिज को हटाकर कंक्रीट के स्थायी स्लैब निर्माण को तेजी से पूरा करने के लिए लिया गया है। सरकार ने आगामी 30 नवंबर तक सेतु पर स्थायी और निर्बाध यातायात बहाल करने का लक्ष्य रखा है, जिससे भागलपुर समेत अंग, कोसी और सीमांचल के लाखों लोगों को सीधी राहत मिलेगी।
29 अगस्त की सुबह से पूरी तरह बंद होगा आवागमन
पुल निर्माण निगम खगड़िया के वरीय परियोजना अभियंता शशिभूषण कुमार ने बताया कि 28 अगस्त की रात से ही विक्रमशिला सेतु पर बैरिकेडिंग का काम शुरू कर दिया जाएगा। 29 अगस्त की सुबह से वाहनों के साथ-साथ पैदल यात्रियों की आवाजाही पर भी पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। पुल के टूटे हिस्से का स्ट्रक्चर और ट्रस ब्रिज हरियाणा में तैयार किया जा रहा है, जो अगले सप्ताह तक भागलपुर पहुंच जाएगा। सितंबर के पहले हफ्ते में वर्तमान बेली ब्रिज को हटाकर 4 सुपर स्ट्रक्चर, एक्सपेंशन जॉइंट और बेयरिंग बदलने की प्रक्रिया शुरू होगी।

विक्रमशिला सेतु बंद होने पर वैकल्पिक रूट और फेरी सेवा की तैयारी
सेतु पर तीन महीनों तक परिचालन बंद रहने के कारण अंग प्रदेश, कोसी और सीमांचल क्षेत्र के लोगों को परेशानी न हो, इसके लिए मजबूत वैकल्पिक व्यवस्था तैयार की जा रही है। इसमें रूट डायवर्जन और फेरी सेवा शामिल है। पथ निर्माण मंत्री ई. कुमार शैलेंद्र, पटना मुख्यालय के वरीय अधिकारी और जिला प्रशासन संयुक्त बैठक कर रूट डायवर्जन की रूपरेखा जल्द ही फाइनल करेंगे। इसकी अग्रिम जानकारी आम जनता को उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि यात्रा की योजना बनाने में सुविधा हो।
3 मई को गंगा में गिरा था 34 मीटर का स्लैब
बीते 3 मई की रात विक्रमशिला सेतु के पिलर संख्या 4 और 5 के बीच का लगभग 34 मीटर लंबा स्लैब अचानक टूटकर सीधे गंगा नदी में समा गया था। इस घटना के बाद यातायात बहाल करने के लिए अस्थायी रूप से बेली ब्रिज बनाया गया था। हालांकि, बेली ब्रिज के कारण आए दिन लंबा जाम लग रहा था, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।
पथ निर्माण मंत्री ई. कुमार शैलेंद्र और तकनीकी टीम ने काम की गंभीरता को देखते हुए 15 सितंबर के बजाय 28 अगस्त से ही मरम्मत कार्य शुरू करने का फैसला लिया है। यह निर्णय पुल की स्थायी सुरक्षा और निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण है।
यह कदम विक्रमशिला सेतु की दीर्घकालिक सुरक्षा और सुचारु संचालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है। हालांकि, अगले तीन महीने तक अस्थायी असुविधा होगी, लेकिन स्थायी मरम्मत का तेजी से पूरा होना क्षेत्र के लिए एक विश्वसनीय कनेक्टिविटी समाधान प्रदान करेगा।







