Bihar Teacher Action: बिहार के नवादा जिले में राष्ट्रगान का अपमान करने और ‘हर घर तिरंगा यात्रा’ में शामिल न होने के आरोप में 13 शिक्षकों पर कार्रवाई की तलवार लटक गई है। हिसुआ स्थित इंटर विद्यालय के इन शिक्षकों पर विद्यालय के प्राचार्य कुमार आशुतोष ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने बीडीओ को लिखित आवेदन देकर सख्त कार्रवाई की मांग की है। इस मामले ने जिले में राष्ट्रीय सम्मान से जुड़े मुद्दों पर बहस छेड़ दी है।
13 शिक्षकों को पड़ेगा महंगा! तिरंगा यात्रा और राष्ट्रगान के अपमान पर लटकी कार्रवाई की तलवार
Bihar Teachers Action: राष्ट्रीय गौरव से जुड़े कार्यक्रमों में अनुपस्थित रहना और राष्ट्रगान का अपमान करना नवादा जिले के 13 शिक्षकों को अब भारी पड़ने वाला है। इन सभी शिक्षकों पर अब कड़ी कार्रवाई की तैयारी चल रही है। हिसुआ स्थित इंटर विद्यालय के प्राचार्य कुमार आशुतोष ने इन 13 शिक्षकों पर राष्ट्रगान और राष्ट्रीय ध्वज का अपमान करने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने बीडीओ से लिखित शिकायत कर तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
प्राचार्य कुमार आशुतोष ने बताया कि जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (माध्यमिक) के आदेशानुसार प्रत्येक प्रखंड में ‘हर घर तिरंगा यात्रा’ कार्यक्रम निर्धारित था। बार-बार आग्रह करने के बावजूद माध्यमिक शिक्षक सुनील कुमार, अमरेश अमर, राजेश कुमार, मुकेश कुमार, सावन राज, रविंद्र राय, एहसान अहमद, नूतन कुमारी, रानी कुमारी और उच्च माध्यमिक शिक्षक सौरभ कुमार, रितेश कुमार, अलका सिन्हा, राहुल कुमार सुमन जानबूझकर इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए।
प्राचार्य कुमार आशुतोष ने अपनी शिकायत में कहा, “शिक्षकों ने तिरंगा यात्रा में शामिल न होकर न सिर्फ आदेश की अवहेलना की, बल्कि विद्यालय में राष्ट्रगान के दौरान भी वे अपने कार्यालय कक्ष में बैठकर राष्ट्रगान का अपमान करते रहे।”
यह मामला कार्यक्रम समाप्त होने के तुरंत बाद सामने आया, जब प्राचार्य कुमार आशुतोष स्वयं प्रखंड कार्यालय पहुंचे। उन्होंने बीडीओ को लिखित आवेदन देकर इन शिक्षकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। बीडीओ ने इस पूरे मामले की जांच कराकर उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। इस दौरान प्राचार्य के साथ लिपिक अरविन्द कुमार भी मौजूद थे।
तिरंगा यात्रा में उमड़ा जनसैलाब, शिक्षकों की अनुपस्थिति पर सवाल
स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर नवादा जिला पूरी तरह राष्ट्रभक्ति के रंग में डूबा था। राष्ट्रीय एकता, अखंडता और आमजन में तिरंगे के प्रति सम्मान व गौरव की भावना को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बुधवार को जिले में ‘हर घर तिरंगा यात्रा’ कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। इस यात्रा की शुरुआत जिला अतिथि गृह से हुई।
बिहार सरकार के लघु जल संसाधन मंत्री सह नवादा जिले के प्रभारी मंत्री डॉ. संतोष कुमार सुमन और नवादा के जिला पदाधिकारी रवि प्रकाश ने संयुक्त रूप से इस यात्रा का नेतृत्व किया। हाथों में तिरंगा लिए देशभक्ति के नारों के साथ निकला जनसैलाब जिला अतिथि गृह से प्रारंभ होकर कलेक्ट्रेट गेट स्थित अम्बेडकर पार्क तक पहुंचा। पूरा मार्ग देशप्रेम और राष्ट्रीय एकता के उद्घोष से गूंज उठा।
इस तिरंगा यात्रा में समाज के हर वर्ग की उत्साहजनक भागीदारी देखने को मिली। यात्रा में जिला प्रशासन के अधिकारी एवं कर्मचारी, जनप्रतिनिधि, विभिन्न कार्यपालक विभागों के कर्मी, स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थी, युवा, एनसीसी कैडेट्स, स्काउट एवं गाइड, जीविका दीदियां तथा विभिन्न सामाजिक व स्वयंसेवी संगठनों के प्रतिनिधि बड़ी संख्या में शामिल हुए। ऐसे में शिक्षकों की अनुपस्थिति ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्रभारी मंत्री ने की हर घर तिरंगा फहराने की अपील
इस अवसर पर जिलावासियों को संबोधित करते हुए प्रभारी मंत्री डॉ. संतोष कुमार सुमन ने कहा कि राष्ट्रीय ध्वज हमारे देश की शान, आन और बान का प्रतीक है। उन्होंने जिले के प्रत्येक नागरिक से ‘हर घर तिरंगा अभियान’ से जुड़ने का आह्वान किया।
मंत्री ने सभी लोगों से अपील की कि वे 15 अगस्त के अवसर पर अपने-अपने घरों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और कार्यालयों पर तिरंगा फहराकर राष्ट्र के प्रति अपनी सच्ची निष्ठा और गौरव का परिचय दें। अब देखना होगा कि राष्ट्रीय सम्मान से जुड़े इस संवेदनशील मामले में शिक्षकों पर क्या कार्रवाई होती है।
तिरंगा यात्रा में नहीं गए, राष्ट्रगान का किया अपमान
प्राचार्य कुमार आशुतोष ने अपनी शिकायत में बताया कि जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (माध्यमिक) के आदेश पर प्रत्येक प्रखंड में ‘हर घर तिरंगा यात्रा कार्यक्रम 2026’ निर्धारित किया गया था। इस यात्रा में भाग लेने के लिए उन्होंने कई बार आग्रह किया, लेकिन 13 शिक्षक जानबूझकर शामिल नहीं हुए। इनमें माध्यमिक शिक्षक सुनील कुमार, अमरेश अमर, राजेश कुमार, मुकेश कुमार, सावन राज, रविंद्र राय, एहसान अहमद, नूतन कुमारी और रानी कुमारी शामिल हैं। इसके अलावा, उच्च माध्यमिक शिक्षक सौरभ कुमार, रितेश कुमार, अलका सिन्हा और राहुल कुमार सुमन ने भी कार्यक्रम से दूरी बनाए रखी।
शिक्षकों पर आरोप है कि उन्होंने विद्यालय में राष्ट्रगान के दौरान अपने कार्यालय कक्ष में बैठकर राष्ट्रीय गान का भी अपमान किया। इस घटना के बाद प्राचार्य कुमार आशुतोष कार्यक्रम की समाप्ति के तुरंत बाद प्रखंड कार्यालय पहुंचे। उन्होंने बीडीओ के समक्ष शिकायत दर्ज कराते हुए एक लिखित आवेदन सौंपा और इन शिक्षकों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। इस दौरान उनके साथ लिपिक अरविंद कुमार भी मौजूद थे। बीडीओ ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच कराकर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
प्रभारी मंत्री और डीएम ने किया तिरंगा यात्रा का नेतृत्व
स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर नवादा जिला पूरी तरह से राष्ट्रभक्ति के रंग में रंगा हुआ था। राष्ट्रीय एकता, अखंडता और आमजन में तिरंगे के प्रति सम्मान व गौरव की भावना बढ़ाने के उद्देश्य से बुधवार को जिले में ‘हर घर तिरंगा यात्रा कार्यक्रम 2026’ आयोजित किया गया। इस यात्रा की शुरुआत जिला अतिथि गृह से हुई और यह कलेक्ट्रेट गेट स्थित अंबेडकर पार्क तक पहुंची।
बिहार सरकार के लघु जल संसाधन मंत्री सह नवादा जिले के प्रभारी मंत्री डॉ. संतोष कुमार सुमन और नवादा के जिला पदाधिकारी रवि प्रकाश ने संयुक्त रूप से इस भव्य यात्रा का नेतृत्व किया। हाथों में तिरंगा लिए देशभक्ति के नारों से पूरा मार्ग गूंज उठा। इस यात्रा में समाज के हर वर्ग की उत्साहजनक भागीदारी देखने को मिली। जिला प्रशासन के अधिकारी और कर्मचारी, जनप्रतिनिधि, विभिन्न विभागों के कर्मी, स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थी, युवा, एनसीसी कैडेट्स, स्काउट एवं गाइड, जीविका दीदियां और कई सामाजिक व स्वयंसेवी संगठनों के प्रतिनिधि बड़ी संख्या में शामिल हुए।
इस अवसर पर जिलावासियों को संबोधित करते हुए माननीय प्रभारी मंत्री डॉ. संतोष कुमार सुमन ने कहा, ‘राष्ट्रीय ध्वज हमारे देश की शान, आन और बान का प्रतीक है।’ उन्होंने जिले के प्रत्येक नागरिक से ‘हर घर तिरंगा अभियान’ से जुड़ने का आह्वान किया। मंत्री ने अपील की कि सभी लोग 15 अगस्त के अवसर पर अपने-अपने घरों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और कार्यालयों पर तिरंगा फहराकर राष्ट्र के प्रति अपनी सच्ची निष्ठा और गौरव का परिचय दें।
शिक्षकों के खिलाफ हुई इस शिकायत के बाद अब बीडीओ की जांच रिपोर्ट और उस पर होने वाली कार्रवाई का इंतजार है। यह मामला राष्ट्रीय प्रतीकों के सम्मान और शिक्षकों की जवाबदेही को लेकर एक महत्वपूर्ण संदेश देता है।







