Bihar Politics: हाल ही में हुई मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की भाजपा मंत्रियों के साथ बैठक ने बिहार की राजनीति में एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। राजद विधायक और विधानसभा प्राक्कलन समिति के सभापति भाई वीरेंद्र ने इस बैठक पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि बैठक में जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के मंत्रियों को आमंत्रित नहीं किया गया, जिससे कई तरह की राजनीतिक अटकलें लगाई जा रही हैं।
भाजपा मंत्रियों संग CM की बैठक, JDU की गैरमौजूदगी पर सवाल
भाई वीरेंद्र ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की भाजपा मंत्रियों के साथ हुई बैठक को लेकर अपनी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि उन्होंने भी इस बैठक से जुड़ी खबरें देखी हैं, और जदयू के मंत्रियों की अनुपस्थिति कई सवाल खड़े करती है। राजद विधायक ने संकेत दिया कि इस बैठक के पीछे कोई राजनीतिक एजेंडा हो सकता है, हालांकि उन्होंने अपने आरोपों के समर्थन में कोई ठोस जानकारी या प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया। उनकी टिप्पणी को मुख्य रूप से एक राजनीतिक आरोप और आशंका के तौर पर देखा जा रहा है।

भाई वीरेंद्र ने कहा, “इस बैठक में जदयू के मंत्री शामिल नहीं थे। इसी बिंदु को आधार बनाकर मैंने सरकार के भीतर चल रही राजनीतिक गतिविधियों पर सवाल उठाया है।”
बिहार में एनडीए सरकार के भीतर भाजपा और जदयू के संबंधों को लेकर पहले भी राजनीतिक चर्चाएं होती रही हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री की किसी खास समूह के साथ बैठक विपक्ष को सरकार पर हमला करने का एक नया अवसर मिल गया है।
बिहार में बिगड़ती कानून व्यवस्था: आरजेडी का सरकार पर हमला
राजनीतिक विवाद के साथ-साथ, राजद ने बिहार में बढ़ते अपराध की घटनाओं को लेकर भी सरकार पर दबाव बढ़ाया है। भाई वीरेंद्र ने हाजीपुर में चर्चित ठेकेदार रामनरेश राय की हत्या का मामला प्रमुखता से उठाया। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, रामनरेश राय की हत्या 13 अगस्त को हाजीपुर में तब हुई जब वह सुबह मॉर्निंग वॉक के लिए निकले थे। हमलावर उन्हें जंगल की तरफ ले गए और गोली मारकर उनकी हत्या कर दी। इस घटना से जुड़ी गतिविधियां सीसीटीवी कैमरे में भी कैद होने की बात सामने आई है।
राजद विधायक ने पटना और बेगूसराय में हुई गोलीबारी की घटनाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने इन घटनाओं को बिहार की कानून व्यवस्था से जोड़ते हुए सरकार को घेरा। उनका आरोप है कि राज्य में कानून व्यवस्था कमजोर हुई है और अपराधी बेखौफ हो गए हैं।
पुलिस की भूमिका पर गंभीर आरोप और राजभवन मार्च
भाई वीरेंद्र ने मुख्यमंत्री से पुलिस की भूमिका की जांच कराने और दोषी पुलिसकर्मियों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ पुलिसकर्मी जमीन खरीदने जैसे गैर-कानूनी कामों में लिप्त हैं, जिसके कारण पुलिस की प्राथमिकता कानून व्यवस्था बनाए रखने से हट रही है। उन्होंने यह भी बताया कि 19 अगस्त को प्रस्तावित राजभवन मार्च में राजद भी शामिल होगा, जिससे सरकार पर और दबाव बनाने की तैयारी है। यह आंदोलन राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति पर सरकार को जवाबदेह ठहराने का एक प्रयास है।








