Darbhanga ITI: बिहार के दरभंगा जिले में युवाओं को तकनीकी शिक्षा से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। जाले के पकटोला स्थित सुख चन्द्र मिश्रा प्राइवेट आइटीआइ में कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया है। इस पहल से छात्र-छात्राओं को आधुनिक और रोजगारपरक कौशल सीखने का सुनहरा अवसर मिलेगा, जिससे उनके उज्ज्वल भविष्य की नींव रखी जा सकेगी। संस्थान ने सत्र 2026-28 के लिए नि:शुल्क नामांकन की सुविधा दी है, जो आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए बड़ी राहत है।
तकनीकी शिक्षा से खुलेगा रोजगार का रास्ता
कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं को आधुनिक तकनीकी शिक्षा प्रदान करना है। कार्यक्रम का शुभारंभ कृषि विज्ञान केंद्र की अभियांत्रिकी वैज्ञानिक ई. निधि कुमारी ने किया। उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों को कृषि और संबद्ध क्षेत्रों में सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (आई.सी.टी.) की भूमिका और इसके महत्व के बारे में विस्तार से बताया। इस दौरान भारतीय शिक्षण मंडल, उत्तर बिहार प्रांत के उपाध्यक्ष और एम.के.एस. कॉलेज चंदौना के पूर्व व्याख्याता डॉ. राज कुमार जोशी ने रोजगार सृजन में कंप्यूटर साक्षरता के महत्व पर अपने विचार रखे।

छात्राओं के लिए विशेष प्रोत्साहन: 50 रुपये प्रति घंटे स्कॉलरशिप
सुख चन्द्र मिश्रा प्राइवेट आइटीआइ के चेयरमैन डॉ. गोविंद चंद्र मिश्रा ने इस पहल के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि वर्तमान समय में कंप्यूटर, डिजिटल तकनीक और रोजगारपरक कौशल युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने घोषणा की कि संस्थान में आइटीआइ सत्र 2026-28 के लिए छात्रों से कोई नामांकन शुल्क नहीं लिया जाएगा। इसके अतिरिक्त, प्रशिक्षणार्थियों को 50 रुपये प्रति घंटे की दर से छात्रवृत्ति भी प्रदान की जाएगी। यह आर्थिक सहायता प्रशिक्षण शुल्क के बोझ को कम करने में सहायक होगी।
डॉ. गोविंद चंद्र मिश्रा ने बताया, “यह सुविधा विशेष रूप से छात्राओं को तकनीकी शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से दी जा रही है ताकि वे भी आत्मनिर्भर बन सकें और देश के विकास में अपना योगदान दे सकें।”
डिजिटल युग में कंप्यूटर साक्षरता का महत्व
इस कार्यक्रम में प्रशिक्षणार्थियों के साथ-साथ शिक्षक, जनप्रतिनिधि, शिक्षाविद और कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी ने इस प्रयास की सराहना की, जो युवाओं को विशेषकर छात्राओं को तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगा। यह पहल न सिर्फ दरभंगा बल्कि पूरे बिहार के युवाओं के लिए एक नई दिशा प्रदान करेगी, जिससे वे डिजिटल युग की चुनौतियों का सामना करने और रोजगार के नए अवसर तलाशने में सक्षम हो सकेंगे।







