Bihar Bulldozer Action: बिहार की राजधानी पटना में सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए एक बड़ा अभियान शुरू होने वाला है। पटना सिटी इलाके में बुधवार को गंगा किनारे बसे 259 मकानों पर प्रशासन का बुलडोजर चलेगा। इस कार्रवाई से भद्रघाट से कंगनघाट के बीच रहने वाले सैकड़ों परिवारों की चिंता बढ़ गई है, क्योंकि उनके आशियाने पर खतरा मंडरा रहा है।
केवल मकान ही नहीं, बल्कि गोदाम, गैराज, चहारदीवारी, खटाल और ईंट भट्ठे समेत सभी तरह के स्थायी और अस्थायी अतिक्रमण भी हटाए जाएंगे। प्रशासन ने इस बड़े पैमाने पर होने वाली कार्रवाई की पूरी तैयारी कर ली है। पटना सिटी और दीदारगंज के अंचलाधिकारियों (CO) ने इस अभियान के लिए पुलिस बल की मांग की है।

दो चरणों में हटेगा अतिक्रमण, जानें क्या है तैयारी
अतिक्रमण हटाने का यह अभियान दो चरणों में पूरा किया जाएगा। पहले चरण में गंगा किनारे की मौजूदा सड़क से 30 मीटर (लगभग 100 फीट) के दायरे में आने वाले सभी निर्माणों को ध्वस्त किया जाएगा। इसके बाद, दूसरे चरण में बाकी बचे हुए क्षेत्रों में अतिक्रमण पर कार्रवाई होगी। इस Bihar Bulldozer Action से पहले प्रशासन ने सभी 259 लोगों को नोटिस जारी किया था। 5 अगस्त को सुनवाई के बाद आदेश जारी किया गया और 14 अगस्त तक जमीन खाली करने का निर्देश माइकिंग के जरिए दिया गया था। समय सीमा समाप्त होने के बाद अब प्रशासन कार्रवाई के लिए पूरी तरह तैयार है।
पहले भी चला था अभियान, सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा था मामला
यह पूरा मामला गंगा के दक्षिणी किनारे स्थित उस जमीन से जुड़ा है, जिस पर पहले सारण और वैशाली जिले का प्रशासनिक नियंत्रण था। भौगोलिक स्थिति के कारण निगरानी और प्रशासनिक कार्यों में आने वाली दिक्कतों को देखते हुए, राज्य सरकार ने नवंबर 2021 में एक महत्वपूर्ण फैसला लिया। इस फैसले के तहत, सारण की 3,212 एकड़ और वैशाली की 331.5 एकड़ जमीन को पटना जिले में शामिल कर लिया गया। इसमें जेपी सेतु, पहलेजा घाट और कंगन घाट के आसपास की जमीन भी शामिल है।
प्रशासन ने 259 लोगों को नोटिस दिया था। 5 अगस्त को सुनवाई के बाद आदेश जारी हुआ और माइकिंग कराकर 14 अगस्त तक जमीन खाली करने का निर्देश दिया गया था। समय सीमा खत्म होने के बाद अब प्रशासन एक्शन की तैयारी कर चुका है।
जानकारी के अनुसार, इस क्षेत्र में पहले भी अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया गया था। उस समय कुछ कच्चे और पक्के निर्माणों को ध्वस्त भी किया गया था। हालांकि, उस वक्त कुछ जमीन पर दावा करने वाले लोग सुप्रीम कोर्ट पहुंच गए थे, जिसके बाद अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई रोक दी गई थी। लेकिन अब एक बार फिर यह कार्रवाई शुरू होने वाली है और बुधवार को 259 मकानों पर बुलडोजर चलेगा। इस कार्रवाई के बाद गंगा किनारे की सरकारी जमीन काफी हद तक अतिक्रमण मुक्त हो जाएगी।







