Jharkhand Student Protest: छात्रों के लगातार प्रदर्शन के दबाव में झारखंड सरकार ने बड़ा कदम उठाने का फैसला किया है। रांची में छात्र प्रतिनिधियों से नई दौर की बातचीत के बाद, झारखंड सरकार में मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। उन्होंने बताया कि झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की 14वीं और बैकलॉग परीक्षाओं को रद्द करने पर सहमति बन गई है। इसके साथ ही, TDPL द्वारा आयोजित परीक्षाओं में वित्तीय गड़बड़ी की आशंका के चलते प्रवर्तन निदेशालय (ED) से जांच की सिफारिश करने का भी निर्णय लिया गया है।
JPSC परीक्षा रद्द और ED जांच की सिफारिश
झारखंड सरकार छात्रों की सभी जायज मांगों को पूरा करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने इस संबंध में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच के दायरे में आने वाली TDPL द्वारा आयोजित परीक्षाओं की जांच फिलहाल CID कर रही है।
दीपिका पांडे सिंह ने कहा, ‘लगातार कोशिशें की जा रही हैं कि छात्रों की सभी जायज मांगें मान ली जाएं। जहां तक जांच की बात है, तो JPSC की 14वीं और बैकलॉग परीक्षाओं को रद्द करने पर सहमति बनी थी। TDPL द्वारा आयोजित परीक्षाओं की जांच CID कर रही है। हमने यह भी कहा कि अगर वे चाहते हैं कि कोई केंद्रीय एजेंसी जांच करे तो हम ED को इस बारे में लिखेंगे और सिफारिश करेंगे क्योंकि इसमें पैसों की हेराफेरी का मामला भी है।’
मंत्री ने बताया कि अगर छात्र केंद्रीय एजेंसी से जांच चाहते हैं, तो वित्तीय गड़बड़ी की संभावना को देखते हुए ED को पत्र लिखकर सिफारिश की जाएगी। यह कदम पेपर लीक और भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार की गंभीरता को दर्शाता है।
JSSC-CGL पर स्थिति स्पष्ट और न्यायिक निगरानी
झारखंड कर्मचारी चयन आयोग – संयुक्त स्नातक स्तरीय (JSSC-CGL) परीक्षाओं को लेकर छात्रों की चिंताओं पर भी सरकार ने अपनी स्थिति साफ की है। दीपिका पांडेय सिंह ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद इन परीक्षाओं के परिणाम घोषित हो चुके हैं, नियुक्ति पत्र भी बांटे जा चुके हैं, और नियुक्त लोग पिछले एक साल से सेवा दे रहे हैं।
मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा, ‘छात्र JSSC-CGL को लेकर चिंतित थे। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद नतीजे घोषित किए गए, नियुक्ति पत्र बांटे गए और लोग अब एक साल से सेवा दे रहे हैं। चूंकि मामला कोर्ट से जुड़ा था, इसलिए हमने छात्रों से कहा कि CID जांच की निगरानी न्यायपालिका करेगी।’
उन्होंने आश्वस्त किया कि चूंकि यह मामला पहले से ही कोर्ट से जुड़ा हुआ है, इसलिए CID जांच की निगरानी न्यायपालिका द्वारा की जाएगी, जिससे पारदर्शिता बनी रहेगी। जांच को 90 दिनों के भीतर पूरा करने और मामले को फास्ट-ट्रैक कोर्ट में ले जाने की भी पूरी कोशिश की जाएगी।
परीक्षा सुधारों पर जोर और राहुल गांधी का समर्थन
दीपिका पांडेय सिंह ने इस बात पर जोर दिया कि छात्रों के लिए सबसे बड़ा मुद्दा परीक्षा प्रणाली में सुधारों का था। उन्होंने कहा कि यह केवल झारखंड का ही नहीं, बल्कि पूरे देश की जरूरत है कि बदलते समय के साथ बड़े सुधार किए जाएं। उन्होंने यह भी बताया कि झारखंड सरकार द्वारा तैयार किया गया सुधार मॉडल पूरे देश में स्वीकार और सराहा जाएगा। सरकार ने पेपर लीक रोकने के लिए विधानसभा से एक विधेयक भी पारित किया था, जिसका मकसद गड़बड़ी होने पर अधिकतम सजा सुनिश्चित करना है।
इस बीच, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर छात्रों के आंदोलन का समर्थन किया है। उन्होंने संविधान में शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार पर जोर देते हुए कांग्रेस पार्टी के समर्थन की बात कही। राहुल गांधी ने अपने पत्र में आरएसएस और बीजेपी पर भारतीय शिक्षा व्यवस्था को अपने कब्जे में लेने और छात्रों के शोषण का माध्यम बनाने का आरोप लगाया।
सरकार ने आगामी कदम के तौर पर टेक्नोक्रेट्स और जिम्मेदार संस्थानों के विशेषज्ञों को एक कमेटी में शामिल करने का निर्णय लिया है, जो परीक्षाओं के मामलों में सुधार के लिए काम करेगी। हालांकि, CBI जांच और JSSC-CGL परीक्षा को रद्द करने की कुछ छात्रों की मांग पर अभी भी सहमति नहीं बन पाई है।







