spot_img

बिहार में दंगाइयों की खैर नहीं! 20 मिनट में पहुंचेगी ‘एंटी-रायट फोर्स’, जानिए आपके जिले में कैसे बदलेगी कानून-व्यवस्था – कौन संभालेंगे कमान!

Bihar Anti-Riot Force: पुलिस मुख्यालय ने बिहार के सभी जिलों में जिला एंटी रायट फोर्स (DARF) बनाने का बड़ा फैसला लिया है। यह विशेष बल हिंसक प्रदर्शनों और भीड़ को नियंत्रित करने में सक्षम होगा, जिससे राज्य में कानून-व्यवस्था और मजबूत होगी।

spot_img
- Advertisement -

Bihar Anti-Riot Force: राज्य में दंगा, हिंसक प्रदर्शन और सांप्रदायिक तनाव जैसी गंभीर स्थितियों से निपटने के लिए बिहार पुलिस अपनी व्यवस्था को और मजबूत कर रही है। पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों में ‘जिला एंटी रायट फोर्स’ (DARF) के गठन का निर्णय लिया है। यह बल सामान्य पुलिस से पूरी तरह अलग होगा और इसे विशेष रूप से भीड़ नियंत्रण तथा हिंसक माहौल को संभालने के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा। इस नई व्यवस्था का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि किसी भी घटना की सूचना मिलते ही संबंधित टीम को 20 मिनट के भीतर घटनास्थल के लिए रवाना होना होगा।

दंगों पर तुरंत एक्शन, 20 मिनट में पहुंचेगी विशेष टीम

पुलिस मुख्यालय ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि किसी भी हिंसक घटना की सूचना मिलते ही जिला नियंत्रण कक्ष तुरंत DARF को अलर्ट करेगा और टीम को 20 मिनट के भीतर घटनास्थल के लिए रवाना होना होगा।

- Advertisement -

इस त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली से शुरुआती कुछ मिनटों में स्थिति को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी, जिससे बड़े पैमाने पर हिंसा फैलने का खतरा कम होगा। मौके पर पहुंचने के बाद DARF टीम वरीय पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर काम करेगी और स्थिति का लगातार आकलन करते हुए भीड़ नियंत्रण व कानून-व्यवस्था बहाल करने की कार्रवाई करेगी।

- Advertisement -
यह भी पढ़ें:  मधेपुरा में जमीन घोटाला! पूर्व DCLR और 2 CO पर FIR, क्या होगी कार्रवाई?

जिलों को मिली तीन श्रेणियां, 49 कंपनियां होंगी तैनात

पुलिस मुख्यालय ने जिलों को उनकी जरूरत और संवेदनशीलता के आधार पर ‘A’, ‘B’ और ‘C’ तीन श्रेणियों में बांटा है। पूरे बिहार में कुल 49 कंपनी DARF का गठन किया जाएगा, जिसके लिए 294 वाहनों की व्यवस्था की गई है। श्रेणी-A के जिलों में सबसे ज्यादा बल तैनात होगा, जबकि श्रेणी-C के जिलों में पूरी कंपनी की जगह एक प्लाटून उपलब्ध कराया जाएगा।

- Advertisement -
  • श्रेणी-A (3 कंपनियां, 18 वाहन): पटना।
  • श्रेणी-A (2-2 कंपनियां, 12-12 वाहन): गया, रोहतास, मुजफ्फरपुर, सारण, मोतिहारी, बेतिया, दरभंगा, मधुबनी, समस्तीपुर, भागलपुर और बेगूसराय।
  • श्रेणी-B (1-1 कंपनी, 6-6 वाहन): नालंदा, औरंगाबाद, नवादा, जहानाबाद, भोजपुर, बक्सर, कैमूर, वैशाली, सीतामढ़ी, सीवान, गोपालगंज, सहरसा, सुपौल, मधेपुरा, पूर्णिया, कटिहार, अररिया, किशनगंज, बांका, मुंगेर, जमुई और खगड़िया।
  • श्रेणी-C (1-1 प्लाटून, 2-2 वाहन): अरवल, शिवहर, बगहा, लखीसराय, शेखपुरा और नवगछिया।
यह भी पढ़ें:  DARBHANGA LNMU छात्रों के लिए बड़ी खबर! LNMU ने गणित की अनिवार्यता हटाई, BCA-MCA में बाध्यता खत्म, 31 विषयों के सिलेबस को स्वीकृति | पढ़िए -अब नए खेल कोचिंग कोर्स

DARF की संरचना और विशेष प्रशिक्षण

DARF की एक कंपनी में 3 प्लाटून होंगे, और प्रत्येक प्लाटून में 47 पुलिसकर्मी शामिल किए जाएंगे। हर प्लाटून को दो वाहन (एक बस और एक ट्रक) दिए जाएंगे, जिससे एक कंपनी के लिए कुल छह वाहन उपलब्ध होंगे। दस्ते में अश्रु गैस दस्ता, लाठी दस्ता, सशस्त्र बल, चालक और वायरलेस ऑपरेटर जैसे विभिन्न भूमिकाओं के लिए प्रशिक्षित कर्मी शामिल होंगे।

यह बल केवल भीड़ को हटाने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसमें महिला पुलिसकर्मी, मेडिकल और एंबुलेंस सहायता दल, वीडियोग्राफी कर्मी, संचार टीम, रिजर्व बल और प्रशिक्षित लाठी दस्ता भी होगा। इससे किसी भी बड़े प्रदर्शन या हिंसक घटना के दौरान मौके पर ही चिकित्सा सहायता, संचार और घटनाक्रम की रिकॉर्डिंग की व्यवस्था सुनिश्चित होगी।

यह भी पढ़ें:  बिहार की महिलाओं के लिए बड़ी खबर: क्यों छूट रही पढ़ाई, नौकरी? चौंकाने वाली रिपोर्ट!

DARF के जवानों को सामान्य पुलिस से अलग विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके लिए हर जिले में पुलिस केंद्र पर एक महीने का विशेष प्रशिक्षण आयोजित होगा। प्रशिक्षण देने वाले अधिकारियों को पहले मेरठ स्थित रैपिड एक्शन फोर्स एकेडमी फॉर पब्लिक ऑर्डर (RAPO) में ‘ट्रेनिंग ऑफ ट्रेनर्स’ (TOT) कराया जाएगा। इसके बाद ये प्रशिक्षक अपने जिलों में DARF के जवानों और पुलिस पदाधिकारियों को प्रशिक्षित करेंगे।

कमान संभालेंगे DSP रैंक के अधिकारी

जिला स्तर पर गठित DARF की कमान पुलिस उपाधीक्षक (रक्षित) के हाथ में होगी। दस्ता प्रभारी बल की तैनाती, अनुशासन, संचार व्यवस्था, सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता और कार्रवाई से जुड़े रिकॉर्ड को सुरक्षित रखने के लिए जिम्मेदार होंगे। 294 नए वाहनों की उपलब्धता से पुलिस की रफ्तार बढ़ेगी और संवेदनशील इलाकों में जवानों को तेजी से भेजना आसान होगा, साथ ही जरूरी उपकरण भी मौके तक पहुंचाए जा सकेंगे। यह नई व्यवस्था बिहार में कानून-व्यवस्था की चुनौतियों से निपटने में एक गेम चेंजर साबित हो सकती है।

- Advertisement -

जरूर पढ़ें

NEET विवाद के बाद भाजपा का मास्टर स्ट्रोक BJP Youth Connect ! युवाओं से जुड़ने के लिए बनाया सीक्रेट प्लान | जानिए – अब...

BJP Youth Connect: NEET विवाद के बाद भाजपा ने जेन-जी युवाओं से जुड़ने के लिए नई दोहरी रणनीति बनाई है। सोशल मीडिया से लेकर शिक्षण संस्थानों तक, पार्टी समाधान पर केंद्रित गैर-राजनीत#BJPYouthConnect,#NEETControversy,#GenZOutreach

बिहार का ‘सुपर फूड’ मखाना अब दुनिया में, जानिए कैसे बदल रही किसानों की किस्मत! पढ़िए – DARBHANGA का ‘लक्ष्मी गुलाब’ मखाना- जिसकी...

Bihar Makhana Export: बिहार के जीआई-टैग वाले मिथिला मखाने ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में धूम मचा दी है। अगस्त 2026 में ऑस्ट्रेलिया, दुबई और कनाडा को बड़ी खेप भेजी गई, जिससे किसानों की आय#BiharMakhana,#MithilaMakhana,#MakhanaExport

दरभंगा में राशन संकट! आज से MO बांधेंगे काली पट्टी, गरीबों को नहीं मिलेगा अनाज? | एमओ उमाशंकर दास ने कही बड़ी बात- पढ़िए

Bihar Supply Officer Protest: बिहार में राशन आपूर्ति पर संकट गहराने वाला है। आपूर्ति पदाधिकारी आज गुरुवार से काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।#BiharNews,#RationSupply,#SupplyOfficerProtest

Bihar Politics तेजस्वी का लोक भवन मार्च- वाटर कैनन और हिरासत! BJP-JDU ने बताया ‘करियर बचाओ’ आंदोलन | पहले संजय झा पद बचा लें...

Bihar Politics: तेजस्वी यादव के नेतृत्व में राजद के लोक भवन मार्च को भाजपा और जदयू ने 'सुपर फ्लॉप शो' करार दिया है. पुलिस ने मार्च को रोककर वाटर कैनन का इस्तेमाल किया और कई नेत#BiharPolitics,#TejashwiYadav,#RJDMarch