Bihar Politics: खबर की शुरुआत तेजस्वी और संजय झा की बात बे बात पर तेजस्वी यादव ने कहा संजय झा को कहा पहले वह अपना पद तो बचा ले।
उनके पार्टी में उनके खिलाफ कितना विरोध है।
संजय झा नीतीश जी को फंसा दिए। यही लोग न अमित का चेला सब है, TTM करता है।
-तेजस्वी यादव
बुधवार को बिहार में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने छात्र आंदोलन के दौरान एके-47 से फायरिंग के आरोपों और पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दों को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया. तेजस्वी यादव के नेतृत्व में पार्टी ने गांधी मैदान के जेपी गोलंबर से लोक भवन तक एक बड़ा मार्च निकाला. हालांकि, यह प्रदर्शन सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (BJP) और जनता दल यूनाइटेड (JDU) के निशाने पर आ गया, जिन्होंने इसे ‘सुपर फ्लॉप शो’ करार दिया.
पुलिस ने मार्च को इनकम टैक्स गोलंबर के पास रोक दिया. इस दौरान प्रदर्शनकारियों पर वाटर कैनन का इस्तेमाल किया गया, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई. पुलिस कार्रवाई के बाद तेजस्वी यादव सहित राजद के कई प्रमुख नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया गया, हालांकि बाद में सभी को रिहा कर दिया गया.
तेजस्वी का मार्च ‘करियर बचाओ’ आंदोलन: भाजपा
राजद के इस मार्च पर भाजपा और जदयू नेताओं की तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है. भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने मार्च को तेजस्वी यादव का ‘करियर बचाओ’ आंदोलन बताया. उन्होंने कहा कि यह मार्च उनकी घटती राजनीतिक स्वीकार्यता का साफ संकेत है. संजय सरावगी के अनुसार, इस प्रदर्शन में न तो छात्र, न जनता और न ही कार्यकर्ताओं का भरोसा दिखाई दिया.
राजद का राजभवन मार्च तेजस्वी यादव का एक और फ्लॉप शो साबित हुआ, जो उनकी घटती राजनीतिक स्वीकारता है. साफ दिखाई पड़ रहा था ना छात्र साथ, ना जनता साथ, ना कार्यकर्ताओं का भरोसा. यह राजभवन मार्च तेजस्वी यादव ने अपना राजनीतिक करियर बचाओ मार्च किया या राजद बचाओ मार्च किया.
सत्ता पक्ष ने बताया राजद का ‘फ्लॉप शो’
भाजपा नेता मृत्युंजय तिवारी और बिहार सरकार के मंत्री तथा जदयू नेता श्रवण कुमार ने भी इस मार्च को ‘फ्लॉप शो’ करार दिया. उनके बयानों से स्पष्ट होता है कि सत्ता पक्ष इस प्रदर्शन को जनता के समर्थन से रहित और केवल राजनीतिक हित साधने वाला मान रहा है. उनका मानना है कि यह मार्च राजद के राजनीतिक अस्तित्व को बचाने की एक असफल कोशिश थी.
पुलिस कार्रवाई और सत्ताधारी दलों की कड़ी प्रतिक्रिया के बाद, इस मार्च ने बिहार की राजनीति में एक नई बहस छेड़ दी है. आने वाले समय में देखना होगा कि राजद इन आरोपों का कैसे जवाब देती है और इन मुद्दों को लेकर उनका अगला कदम क्या होता है.







